*सामाजिक बहिष्कार एवं अवैध झगड़ा राशि वसूली जैसी कुप्रथाओं के विरुद्ध होगी सख्त कानूनी कार्रवाई।*
चित्तौड़गढ़, 03.06.2026। समाज में वर्षों से चली आ रही कुछ सामाजिक कुप्रथाएं आज भी अनेक परिवारों के लिए आर्थिक एवं सामाजिक संकट का कारण बन रही हैं। विशेष रूप से ऐसे मामलों में, जहां बालिग लड़का एवं लड़की अपनी स्वेच्छा एवं सहमति से नाता-विवाह अथवा विवाह करते हैं, वहां समाज के कुछ तथाकथित पंच-पटेल अथवा प्रभावशाली व्यक्ति अवैध रूप से सामाजिक दबाव बनाकर लड़के के परिवार से झगड़े के नाम पर लाखों रुपये की राशि वसूल करते हैं। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार कई मामलों में यह राशि मनमाने ढंग से निर्धारित की जाती है तथा इसमें कुछ व्यक्तियों का निजी स्वार्थ एवं आर्थिक लाभ भी निहित रहता है। ऐसी अवैध वसूली के कारण अनेक परिवार कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं, यहां तक कि कई परिवारों को अपनी भूमि एवं संपत्ति तक बेचनी पड़ती है। इससे समाज के आर्थिक एवं सामाजिक विकास पर प्र