*क्षेत्र में अतिवृष्टि के बाद जलभराव की समस्या के निस्तारण हेतु त्वरित प्रयास, बेहटा पुल के तर्ज पर स्थायी जल निकास की है ग्रामीणों की माँग🤟🏻🙏🏻*
हाल ही में हुई अतिवृष्टि के कारण ग्राम पंचायत क्षेत्र में लगभग हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई। वहीं ग्राम पंचायत के अंतर्गत पूरे उजागर, दौलत का पुरवा, पूरे तुलसीराम सहित कोनहा से लेकर सीतापुर तक कई क्षेत्रों में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई और जनजीवन भी प्रभावित होने लगा।
इसी बीच डीह क्षेत्र में (बेहटा के पुल जैसा) ग्रामीण अभियांत्रिकी का एक अच्छा उदाहरण देखने को मिलता है। यहाँ ऊपर से आने वाले रजबहा माइनर नहर के पानी और नीचे ह्यूम पाइप के माध्यम से झील के पानी की निकासी की व्यवस्था है। लेकिन नहर विभाग द्वारा समय पर सिल्ट की सफाई न होने के कारण पाइप अवरुद्ध हो गई और पानी का निकास रुक गया और पीछे के इलाकों में जलभराव की स्थित उत्पन्न हो गई।✨
इस स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों के सहयोग से ग्राम प्रधान द्वारा तत्काल आवश्यक व्यवस्था कर पानी की निकासी शुरू कराई गई। ग्रामीणों में मुख्य रूप से राम अभिलाख सरोज एवं पंकज यादव द्वारा देसी जुगाड़ से लंबे पाइप के सहारे आगे कटीले फावड़े की मदद से ग्रामीणों द्वारा पानी के अंदर जाकर पाइप के सिल्ट की सफाई की गई जिसके बाद पीछे के इलाकों में जलस्तर तेजी से कम होने लगा।🥳
ग्रामीणों की मांग पर VB-G RAM G के तकनीकी सहायक श्री सुशील कुमार जी (TA/JE) को मौके पर बुलाया गया। प्रधान प्रतिनिधि इंजी. शुभम के साथ उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद इस स्थान पर सई नदी और शारदा नहर पर बने बेहटा के पुल की तर्ज पर बेहतर एवं स्थायी जल निकासी व्यवस्था बनाने के लिए आगे की कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों से चर्चा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।🤟🏻✨
ग्राम पंचायत का प्रयास है कि तत्काल समस्या का समाधान करने के साथ-साथ जल निकासी की स्थायी व्यवस्था भी विकसित की जाए, जिससे आने वाले समय में ग्रामीणों और किसानों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।