राज्यसभा में गूंजी 'श्रीराम दर्शन रेल पथ कॉरिडोर' की मांग
नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य ने संसद के मानसून सत्र के दौरान शून्यकाल में उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए 'श्रीराम दर्शन रेल पथ कॉरिडोर' के निर्माण की मांग उठाई।
सांसद अमरपाल मौर्य ने प्रस्ताव में अयोध्या, सुल्तानपुर, भादर (अमेठी), कालिकन धाम, मां चंडिका देवी धाम, घुइसरनाथ धाम, स्वामी करपात्री जी महाराज की जन्मस्थली, मनगढ़ धाम, श्रृंगवेरपुर धाम, कड़ा धाम, मंझनपुर, राजापुर और चित्रकूट धाम सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों को रेल मार्ग से जोड़ने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के वनगमन मार्ग से जुड़े कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं, लेकिन इन स्थलों को जोड़ने के लिए कोई समर्पित रेल कॉरिडोर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सांसद ने कहा कि इस कॉरिडोर के निर्माण से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम रेल यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि रामायण सर्किट, महाकाल कॉरिडोर और काशी विश्वनाथ धाम जैसी परियोजनाओं की तर्ज पर 'श्रीराम दर्शन रेल पथ कॉरिडोर' को भी राष्ट्रीय महत्व की परियोजना के रूप में विकसित किया जाए।
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