"ये OPD तुम्हारा घर नहीं है, तू होता कौन है पूछने वाला!"...
सुनिए सीतापुर (खैराबाद CHC) में तैनात इस सरकारी डॉक्टर की हनक और बदतमीजी। जब एक क्षेत्रीय पत्रकार ने गरीब मरीजों को बाहर की दवाइयां लिखे जाने पर सीधा सवाल किया, तो साहब का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। जिस सरकारी अस्पताल की इमारत जनता के टैक्स के पैसे से खड़ी है, वहां बैठकर ये डॉक्टर खुद को मालिक और जनता को गुलाम समझ रहे हैं।
भाजपा सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था का यह कैसा रामराज्य है, जहां डॉक्टरों को जनता के प्रति जवाबदेही के बजाय गुंडागर्दी करने की खुली छूट मिली हुई है?
क्या सूबे के मुखिया इस खुलेआम मक्कारी और बदजुबानी पर संज्ञान लेंगे या 'सब चंगा सी' का बोर्ड लगाकर सोती रहेगी सरकार?
Hardoi, Hardoi | Jun 26, 2026