Public App Logo
Jansamasya
हादसा
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
कांग्रेस
Congress
Accident
Modi
Delhi
Viral
Crime
Up
अमित_शाह
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
उत्तरप्रदेश
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Uttarpradesh
Haryana
Cricket

एक माँ ने दिया अ"दभु"त बच्चे को जन्म 😱 #maa #beti #hospital #doctor #viralreelsシ

Madhepura, Madhepura | Jun 26, 2026

MORE NEWS

भरत तिवारी ह*त्या मामले में मुख्य सचिव से मिले जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष, बोले- यह एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या, अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा हो

*पटना।* जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को बिहार के मुख्य सचिव से मिला। भोजपुर जिले के भरत तिवारी के फर्जी एनकाउंटर दिखाकर की गई हत्या एवं बिहार में हो रहे नृशंस हत्या एवं पुलिसिया अत्याचार के संबंध में बातचीत की। वहीं 7 सूत्री मांग पत्र सौंपा। 

इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मनोज भारती ने कहा कि भरत तिवारी की हत्या के बाद से जन सुराज पार्टी लगातार न्याय दिलाने के लिए उनके पक्ष में आवाज उठा रही है। आज हमने बिहार के मुख्य सचिव से मुलाकित की और उन्हें पूरी घटना की फर्स्ट हैंड रिपोर्टिंग दी। जो हमने और हमारे लीडर्स ने मौके पर जाकर देखा। उन्हें साफ-साफ बताया कि यह घटना एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या है। जिसे एक ऐसे व्यक्ति के लिए किया गया जो पिछले कई सालों से समाज के लिए काम कर रहे थे। प्रशासन ने उन्हें इसके लिए कई बार अवॉर्ड भी दिया था। ऐसे व्यक्ति की सरेआम हत्या करना गुनाह है। जिसके लिए अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

*भरत तिवारी दुर्दांत अपराधी-नक्सली नहीं था, फिर क्यों एसटीएफ को भेजा: किशोर कुमार*
वहीं, पूर्व विधायक किशोर कुमार ने कहा कि आज हम मुख्य सचिव से मिले व आग्रह किया है कि आपने जांच बैठाया है सबसे पहले टर्म ऑफ रिफ्रेंस जारी कीजिए, दूसरा घटना में एसटीएफ का प्रयोग किया है, एसटीएफ का प्रयोग किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि संगठित अपराध, नक्सल के खिलाफ, बड़े अपराधी के खिलाफ होता है। इसमें गृहमंत्री की जिम्मेदारी बनती है कि एसटीएफ को गलत तरीके से क्यों भेजा। भरत तिवारी दुर्दांत अपराधी नहीं था, नक्सली नहीं था, फिर क्यों आपने एसटीएफ को भेजा। सम्राट चौधरी के गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हुए फर्जी मुठभेड़ की न्यायिक जांच की मांग की व फर्जी एनकाउंटर पर रोक लगाया जाए।

*पार्टी की प्रमुख मांगें*

सरकार घटना को एनकाउंटर बताना बंद करे और स्वीकार करें कि यह प्रशासन द्वारा की गई हत्या थी
2. भोजपुर एसपी व डीएसपी सहित सारे अधिकारी जो वारदात में शामिल थे, सबको अविलंब निलंबित किया जाए, ताकि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष-पारदर्शी हो
3. मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच उच्च न्यायलय के वर्तमान न्यायधीश की अध्यक्षता में कराई जाए
4. जांच आयोग के विचारार्थ विषय में इस हत्या में गृह मंत्रालय व एसटीएफ की भूमिका को भी शामिल किया जाए
5. फर्जी एनकाउंटर एवं एक सुनियोजित साजिश के तहत हुई इस हत्या के मामले पर परिवार के बयान पर केस किया जाए
6. मृतक के परिवार को फर्जी एनकाउंटर के नाम पर जो हत्या की गई है, उसके मुआवजे के रूप में 1 करोड़ रुपए एवं परिवार के 1 सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए

बता दें कि प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधान पार्षद रामबली चंद्रवंशी, पूर्व विधायक किशोर कुमार, सुभाष कुशवाहा, नरेंद्र प्रसाद मंडल, पद्मा ओझा, जीतेंद्र ओझा सहित अन्य थे।

भरत तिवारी ह*त्या मामले में मुख्य सचिव से मिले जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष, बोले- यह एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या, अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा हो *पटना।* जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को बिहार के मुख्य सचिव से मिला। भोजपुर जिले के भरत तिवारी के फर्जी एनकाउंटर दिखाकर की गई हत्या एवं बिहार में हो रहे नृशंस हत्या एवं पुलिसिया अत्याचार के संबंध में बातचीत की। वहीं 7 सूत्री मांग पत्र सौंपा। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मनोज भारती ने कहा कि भरत तिवारी की हत्या के बाद से जन सुराज पार्टी लगातार न्याय दिलाने के लिए उनके पक्ष में आवाज उठा रही है। आज हमने बिहार के मुख्य सचिव से मुलाकित की और उन्हें पूरी घटना की फर्स्ट हैंड रिपोर्टिंग दी। जो हमने और हमारे लीडर्स ने मौके पर जाकर देखा। उन्हें साफ-साफ बताया कि यह घटना एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या है। जिसे एक ऐसे व्यक्ति के लिए किया गया जो पिछले कई सालों से समाज के लिए काम कर रहे थे। प्रशासन ने उन्हें इसके लिए कई बार अवॉर्ड भी दिया था। ऐसे व्यक्ति की सरेआम हत्या करना गुनाह है। जिसके लिए अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। *भरत तिवारी दुर्दांत अपराधी-नक्सली नहीं था, फिर क्यों एसटीएफ को भेजा: किशोर कुमार* वहीं, पूर्व विधायक किशोर कुमार ने कहा कि आज हम मुख्य सचिव से मिले व आग्रह किया है कि आपने जांच बैठाया है सबसे पहले टर्म ऑफ रिफ्रेंस जारी कीजिए, दूसरा घटना में एसटीएफ का प्रयोग किया है, एसटीएफ का प्रयोग किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि संगठित अपराध, नक्सल के खिलाफ, बड़े अपराधी के खिलाफ होता है। इसमें गृहमंत्री की जिम्मेदारी बनती है कि एसटीएफ को गलत तरीके से क्यों भेजा। भरत तिवारी दुर्दांत अपराधी नहीं था, नक्सली नहीं था, फिर क्यों आपने एसटीएफ को भेजा। सम्राट चौधरी के गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हुए फर्जी मुठभेड़ की न्यायिक जांच की मांग की व फर्जी एनकाउंटर पर रोक लगाया जाए। *पार्टी की प्रमुख मांगें* सरकार घटना को एनकाउंटर बताना बंद करे और स्वीकार करें कि यह प्रशासन द्वारा की गई हत्या थी 2. भोजपुर एसपी व डीएसपी सहित सारे अधिकारी जो वारदात में शामिल थे, सबको अविलंब निलंबित किया जाए, ताकि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष-पारदर्शी हो 3. मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच उच्च न्यायलय के वर्तमान न्यायधीश की अध्यक्षता में कराई जाए 4. जांच आयोग के विचारार्थ विषय में इस हत्या में गृह मंत्रालय व एसटीएफ की भूमिका को भी शामिल किया जाए 5. फर्जी एनकाउंटर एवं एक सुनियोजित साजिश के तहत हुई इस हत्या के मामले पर परिवार के बयान पर केस किया जाए 6. मृतक के परिवार को फर्जी एनकाउंटर के नाम पर जो हत्या की गई है, उसके मुआवजे के रूप में 1 करोड़ रुपए एवं परिवार के 1 सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए बता दें कि प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधान पार्षद रामबली चंद्रवंशी, पूर्व विधायक किशोर कुमार, सुभाष कुशवाहा, नरेंद्र प्रसाद मंडल, पद्मा ओझा, जीतेंद्र ओझा सहित अन्य थे।

Madhepura, Madhepura | Jun 26, 2026

एक माँ ने दिया अ"दभु"त बच्चे को जन्म 😱 #maa #beti #hospital #doctor #viralreelsシ - Madhepura News