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कब मिलेगा 18 वर्षीय राहुल को इंसाफ परिवार के लोग लगा रहे अधिकारी से गुहार 👏👏
नेहा झा के बाद पटना में पकड़ी गई दूसरी तस्कर, यूपी से ट्रेन में शराब लेकर पहुंची थी रिया वहीं सहरसा की गुंजा साह भी हुई गिरफ्तार 😱😱

पटना जंक्शन के पास पुलिस ने शराब तस्करी के आरोप में रिया नाम की युवती और उसके साथी को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक रिया यूपी से ट्रेन के जरिए करीब 14 हजार रुपये की अंग्रेजी शराब लेकर पटना पहुंची थी.

पटना में शराब तस्करी के मामले में पुलिस ने एक युवती को गिरफ्तार किया है. समस्तीपुर की नेहा झा के मामले के बाद अब पटना में एक और युवती के शराब तस्करी के आरोप में पकड़े जाने से मामला चर्चा में है. गिरफ्तार युवती की पहचान रिया के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि रिया प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है और पटना की रहने वाली है. पुलिस के मुताबिक, रिया यूपी से ट्रेन के जरिए शराब की खेप लेकर पटना पहुंची थी. पटना जंक्शन से बाहर निकलने के बाद वह एक युवक के साथ बाइक से जा रही थी. इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस की टीम ने दोनों को पकड़ लिया.

बैग खुला तो सामने आई शराब की बोतलें
पुलिस ने जब रिया के हैंड बैग और शोल्डर बैग की तलाशी ली तो उसमें अंग्रेजी शराब की कई बोतलें मिलीं. पुलिस के अनुसार, बरामद शराब की कीमत करीब 14 हजार रुपये है. तलाशी के दौरान बैग से आधा दर्जन से अधिक ब्रांडेड शराब की बोतलें बरामद की गईं. इसके बाद पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर कोतवाली थाना पहुंची और शराब की खेप को जब्त कर लिया.

पैसों के लालच में शराब लाने का दावा
पूछताछ में रिया ने पुलिस को बताया कि उसे एक परिचित युवक ने रुपये देने का लालच दिया था. आरोप है कि उसी परिचित के कहने पर वह यूपी से शराब लेकर पटना पहुंची थी. रिया के मुताबिक, उसे शराब की खेप पटना लाने के बदले पैसे देने की बात कही गई थी. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि रिया को शराब की खेप किसने दी, इसे पटना में किसे पहुंचाना था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.

अब पुलिस के सामने बड़े सवाल
रिया की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि यूपी से शराब पटना तक पहुंचाने के लिए रिया को ही क्यों चुना गया और इसके पीछे कौन मास्टरमाइंड है? पुलिस इस पहलू समेत अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है.

वहीं सहरसा में भी एक युवती को स्कूटी से 25 लीटर देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है युवती का नाम गुंजा साह बताया जा रहा है 

अब सबसे बड़ा सवाल ये है जिस महिला के कहने पे बिहार में शराबबंदी लागू किया गया था आज वही महिला शराब तस्करी में क्यों शामिल हो रही है

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38 MM के पथरी 05 माह में खत्म 😱😱

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क्रेन फेल चेन फेल हनुमान जी के आगे विज्ञान भी हुआ फेल 😱😱

मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की जद में आए प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्व विशेषज्ञों ने इस प्रतिमा के राजा भोज के शासनकाल से जुड़े होने की संभावना जताई है। इस दावे के सामने आने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के चलते मंदिर का भवन पहले ही तोड़ा जा चुका है। प्रशासन पिछले कई दिनों से हनुमान जी की प्राचीन प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से विस्थापित करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, फिलहाल प्रतिमा अपने मूल स्थान पर ही सुरक्षित है। इसे धूप और बारिश से बचाने के लिए ऊपर कैनोपी टेंट भी लगाया गया है।

विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्व विशेषज्ञ प्रो. डॉ. रमण सोलंकी के मुताबिक, प्रतिमा मालवा क्षेत्र में पाए जाने वाले मजबूत बेसाल्ट पत्थर से तराशी गई है। उनके अनुसार, परमार वंश और राजा भोज के शासनकाल में इसी तरह के बेसाल्ट पत्थरों पर कलाकृतियां उकेरने की परंपरा रही है।

हालांकि, प्रतिमा पर लंबे समय से चढ़ी सिंदूर की मोटी परत के कारण इसकी मूल बनावट और भाव-भंगिमा स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में इसके वास्तविक काल का निर्धारण केवल मौजूदा स्वरूप के आधार पर करना मुश्किल है।

पुरातत्व विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिमा वास्तव में कितनी पुरानी है और इसकी स्थापना कब हुई थी, इसका सटीक पता लगाने के लिए वैज्ञानिक जांच जरूरी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बिना उचित पुरातात्विक अध्ययन और तकनीकी सलाह के जल्दबाजी में प्रतिमा को हटाने या स्थानांतरित करने का कदम उज्जैन की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक विरासत को नुकसान पहुंचा सकता है।

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20 साल का बिट्टू तबाही नदी को साफ करने में अपनी जान झोंक दिया 💪💪

सोशल मीडिया के इस दौर में जहां फूहड़ नाच-गाने, दिखावे और फिजूल के प्रैंक्स पर आसानी से व्यूज मिल जाते हैं, वहीं जब कोई 20 साल का नौजवान गंदे पानी में उतरकर नदी साफ करने में अपनी जान झोंक दे और देश की जनता उसे सिर-माथे पर बिठा ले—तो यकीन मानिए, समाज में अच्छाई आज भी जिंदा है। 

मध्य प्रदेश के ब्यावरा के रहने वाले सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें लोग 'बिट्टू तबाही' के नाम से जानते हैं, ने सोशल मीडिया पर 15 लाख (1.5 Million) फॉलोअर्स का शानदार आंकड़ा पार कर लिया है।

कुछ ही दिनों पहले तक उनके पेज पर करीब 2 लाख लोग जुड़े थे, लेकिन जैसे ही उनकी महीनों की निस्वार्थ मेहनत का सच सामने आया, लोगों का ऐसा प्यार बरसा कि यह संख्या सीधे 15 लाख के पार पहुँच गई।

बिट्टू ने अजनार नदी की उस सड़ांध और टनों प्लास्टिक कचरे के बीच अकेले उतरकर काम किया, जहां से लोग मुँह फेरकर निकल जाते थे।

न कोई बड़ा बजट, न कोई सरकारी मदद—बस हाथों में दस्ताने पहने और दम तोड़ती नदी को फिर से बहाने की ज़िद ठान ली।

जनता ने साबित कर दिया कि वे आज भी दिखावे से ऊपर उठकर पसीना बहाने वाले सच्चे कर्मयोगियों की पहचान करना जानती है। ज़मीन से उठकर करोड़ों दिलों पर राज करने वाले इस सच्चे पर्यावरण योद्धा को पूरे देश का दिल से सलाम! 👏👏

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एक बार फिर गुरु शिष्य का रिश्ता हुआ श"र्मसार 18 साल की छात्रा 41 साल के गुरुजी ने किया प्रेम विवाह 😱😱
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बिहार के मुजफ्फरपुर औराई पंचायत में एक बार फिर गुरु शिष्य का रिश्ता हुआ श"र्मसार 

गुरुजी प्रवीण जी के कोचिंग में पिछले कई वर्षों से पढ़ाई कर रही थी दोनों के प्रेम संबंध के बारे में जब गाँव के लोगों को पता चला तो दोनों को सामाजिक दण्ड देने का फैसला किया 

गुरुजी प्रवीण को ग्रामीण की और से थाना फोन कर पुलिश के साथ भेज दिया 

जब इस बात की जानकारी गुरुजी के इण्टर की छात्रा सीता कुमारी पता चला तो वो भी थाना पे पहुंच गई 

और थाना में हीं गुरुजी के साथ शादी की बात स्वीकार कर अपने पति बता गुरुजी के साथ जीने मरने की कसम खाने लगी 

और अपने 41 साल के गुरुजी के 18 साल की छात्रा ने शादी कर अपना जीवन व्यतीत करने का निर्णय लिया 

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मलिक (डोम)समाज की बेटी रातों रात हुई वायरल आपलोग इनको सपोर्ट जरूर करें 👏👏
मासूम चेहरे वाली लड़की का पूरा काला चिट्ठा आया सामने 😱😱

एसी फर्स्ट क्लास में आठ ब्रीफकेस और दो बैग लेकर सफर कर रही थी नेहा, समस्तीपुर में पकड़ी गई; परिवार का भी सामने आया पुराना रिकॉर्ड

दरअसल, शुक्रवार को दिल्ली से दरभंगा जा रही ट्रेन में नेहा झा को समस्तीपुर में आरपीएफ ने पकड़ लिया। उसके पास आठ ब्रीफकेस और दो बैग थे, जिनमें करीब डेढ़ लाख रुपये की शराब होने की बात सामने आई है। नेहा के साथ उसकी बड़ी बहन का देवर ईशान कुमार भी था। दोनों एसी फर्स्ट क्लास में सफर कर रहे थे।

नेहा समस्तीपुर जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर सिंघिया थाना क्षेत्र के बारी गांव के वार्ड-12 की रहने वाली बताई जा रही है। वह संजय कुमार झा की बेटी है। उसकी मां पुनीता झा आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका हैं। वहीं उसके दादा शशिभूषण झा बारी पंचायत के पैक्स अध्यक्ष रह चुके हैं।

नेहा चार बहनों में सबसे छोटी है। उसके साथ गिरफ्तार ईशान कुमार उसकी बड़ी बहन अंशु झा का देवर बताया जा रहा है। नेहा की दूसरी बहन निशु झा को दरभंगा पुलिस शराब से जुड़े मामले में दो बार गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं तीसरी बहन अंजू झा दरभंगा के एक डायग्नोस्टिक सेंटर में काम करती है। उसके खिलाफ शराब से जुड़ा कोई मामला सामने नहीं आया है।

पिता भी जा चुके हैं जेल

नेहा ने दरभंगा के एलएस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है। उसके पिता पंकज कुमार झा खेती-किसानी करते हैं। बताया जाता है कि करीब दो वर्ष पहले सिंघिया पुलिस ने उन्हें भी शराब से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

नेहा के दो भाई भी हैं। एक भाई गांव में रहकर मैट्रिक की पढ़ाई कर रहा है, जबकि दूसरा भाई सिंघिया में रहकर इंटरमीडिएट के साथ नीट की तैयारी कर रहा था। परिजनों के अनुसार, इस बार नीट में सफलता नहीं मिलने के बाद वह नशे की चपेट में आ गया था। उसका मुजफ्फरपुर के नशामुक्ति केंद्र में कई दिनों तक इलाज भी चला था।

दरभंगा में होम डिलीवरी नेटवर्क से जुड़े होने की चर्चा

ग्रामीणों के बीच हो रही चर्चा और पुलिस को मिल रही सूचनाओं के अनुसार, नेहा और उसकी बहनों का दरभंगा में शराब की होम डिलीवरी से जुड़े नेटवर्क से संबंध हो सकता है। हालांकि, इन दावों की पुलिस स्तर पर अभी पुष्टि नहीं हुई है।

ग्रामीण के मुताबिक, नेहा अपनी बेहतर बातचीत और हाई-प्रोफाइल लोगों के बीच पहचान के कारण शराब पहुंचाने का काम करती थी। पुलिस को यह सूचना भी मिली है कि उसने अपने साथ कुछ लड़कियों को जोड़ रखा था। हालांकि, पुलिस ने अभी इन दावों की पुष्टि नहीं की है।

बहनों के साथ मिलकर शराब का धंधा चलाने का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार, चारों बहनों को उनके पिता ने पढ़ाई के लिए दरभंगा भेजा था। बाद में वहीं रहकर उनकी संगत और गतिविधियों में बदलाव आया। बताया जाता है कि नेहा की बड़ी बहन भी शराब के मामले में दरभंगा पुलिस के हाथों गिरफ्तार होकर जेल जा चुकी है।

पुलिस के अनुसार, नेहा और उसकी बहनों के दरभंगा में किराए के मकान में रहने की जानकारी भी मिली है। हालांकि, डायग्नोस्टिक सेंटर में काम करने वाली अंजू झा के खिलाफ शराब से जुड़ा कोई मामला सामने नहीं आया है।

BTech इंजीनियर बताया जा रहा ईशान

नेहा के साथ गिरफ्तार ईशान कुमार को बीटेक इंजीनियर बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वह जल्द और अधिक पैसा कमाने के लालच में नेहा के साथ शराब की खेप लेकर दरभंगा जा रहा था। हालांकि, पुलिस को इसकी भनक लग गई और समस्तीपुर में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है पुलिस

जीआरपी इंस्पेक्टर बीरबल कुमार के मुताबिक, शराब के साथ नेहा की गिरफ्तारी पहली बार हुई है। हालांकि, पुलिस को आशंका है कि इससे पहले भी वह कई बार दिल्ली से शराब की खेप दरभंगा ला चुकी हो सकती है। उसके पुराने रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच की जा रही है।

पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान शराब के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है। फिलहाल नेहा झा और ईशान कुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस अब दोनों के पुराने रिकॉर्ड, संपर्कों और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। जरूरत पड़ने पर दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि बरामद शराब की खेप कहां से आई थी, इसे किसे पहुंचाया जाना था और इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

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IPS बनने के बाद रिश्तों में आई दरार? पत्नी पूजा के आरोपों से चर्चा में भानु प्रताप सिंह 🤔

ने लगाई बिहार के चर्चित IPS अधिकारी भानु प्रताप सिंह इन दिनों एक पारिवारिक विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं।

खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह पर उनकी पत्नी पूजा ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

पूजा का आरोप है कि उन्हें लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया है कि उनकी 6 साल की बेटी को उनसे दूर रखा गया है।

पूजा ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पटना के IPS मेस में एक कमरे में बंद रखा गया।

उनके अनुसार, उन्हें मीडिया के सामने आने से भी रोका गया।

पूजा का कहना है कि लगातार तनाव और मानसिक प्रताड़ना के कारण उनकी तबीयत भी खराब हुई।

उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज के बाद भी उन्हें पति के सरकारी आवास में रहने नहीं दिया गया।

पूजा के मुताबिक, दोनों ने वर्ष 2016 में प्रेम विवाह किया था।

उस समय भानु प्रताप सिंह IPS अधिकारी नहीं थे।

पत्नी का दावा है कि संघर्ष के दिनों में उन्होंने अपने पति का साथ दिया था।

पूजा का आरोप है कि IPS अधिकारी बनने के बाद उनके रिश्ते में दूरियां बढ़ती चली गईं।

उन्होंने कहा कि अब उनके पति उन्हें अपने साथ नहीं रखना चाहते हैं।

इस पूरे मामले के बाद बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है।

भानु प्रताप सिंह बिहार कैडर के 2021 बैच के IPS अधिकारी हैं।

वह अपनी सख्त पुलिसिंग शैली को लेकर पहले भी चर्चा में रहे हैं।

मुजफ्फरपुर और दानापुर में उनकी कार्रवाईयों ने उन्हें एक चर्चित अधिकारी बनाया।
सबसे ज्यादा चर्चा तब हुआ जब पूर्णियाँ में पप्पू यादव को गिरफ्तार किया था 

लेकिन इस बार भानु प्रताप सिंह अपनी पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि निजी जीवन से जुड़े विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं।

फिलहाल पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और दूसरे पक्ष की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस पूरे मामले में आगे क्या नया मोड़ आता है।

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इस मासूम चेहरे का सच सुन आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगा 😱😱

शराबबंदी वाले बिहार में लग्जरी ट्रेन से खुला बड़ा राज!

नीतीश कुमार अक्सर कहते रहे हैं कि शराबबंदी से सबसे ज्यादा फायदा महिलाओं को हुआ है। लेकिन समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर सामने आया एक मामला इस दावे पर चर्चा जरूर छेड़ देता है।

मॉडर्न ड्रेस में एक युवती को देखकर शायद किसी को अंदाजा नहीं था कि उसके सामान में क्या छिपा है।

दिल्ली से जयनगर जा रही 12561 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के फर्स्ट क्लास एसी कोच में चेकिंग के दौरान RPF और GRP की टीम ने युवती के दो सूटकेस की तलाशी ली।

तलाशी शुरू होते ही पुलिस के होश उड़ गए। दोनों सूटकेस ब्रांडेड विदेशी शराब की बोतलों से भरे हुए थे।

पुलिस ने भारी मात्रा में शराब बरामद कर युवती को हिरासत में लिया।

प्रारंभिक जांच में आशंका है कि शराब दिल्ली से बिहार लाई जा रही थी।

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और शराब की खेप आखिर किसके लिए लाई जा रही थी।अगर चाहें तो मैं इसी खबर का 4.5 साइज का दमदार पोस्टर/थंबनेल वाला छोटा टेक्स्ट भी बना सकता हूँ।

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दर्दनाक खबर 😢

निवाड़ी के नकटा गांव में गरीबी की ऐसी बेबसी सामने आई, जिसने हर किसी को झकझोर दिया।
रामवती (35) की बीमारी के बाद झांसी मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई।
पति राहुल के पास शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस का किराया तक नहीं था।
मजबूरी में वह पत्नी का शव स्ट्रेचर पर रखकर मेडिकल कॉलेज की पार्किंग में बैठ गया।
8 साल की बेटी नंदिनी बारिश में मां के शव के पास खड़ी होकर रोती रही।
करीब दो घंटे बाद पुलिसकर्मी अजय ने परिवार की मदद के लिए स्वयंसेवी संस्था से संपर्क किया।
इसके बाद संस्था की एंबुलेंस से शव को करीब 16 किलोमीटर दूर घर पहुंचाया गया।
गरीबी और बेबसी की इस तस्वीर ने इंसानियत पर कई सवाल खड़े कर दिए।

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ये मेरा कृष्णा है कैसा लगा कॉमेंट जरूर करें 

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गरीब परिवार के बेटी को कोई सपोर्ट नहीं करता आपलोग इस बेटी के लिए क्या कहना चाहेंगे जो एक मलिक (डो"म) समाज से आने के बावजूद जबरदस्त साफ सुथरा रील बनाती है बहुत जल्द इस बेटी का दर्द भरी दास्ताँ आपलोगों के बीच लेके आ रहा हूं जिसका माता पिता बचपन में गुजरने के बावजूद आज सोशल मीडिया पे लाखों अपने समाज की बेटी के लिए आगे बढ़ने का रास्ता दिखाई है 

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वायरल 07 साल की रागनी की पुकार CM योगी तक पहुंची CM योगी का बड़ा आदेश 💪💪

रागिनी ने 31 अगस्त को बलिया के डीएम से स्कूल जाने के लिए साइकिल की मांग की थी। उसकी सबसे बड़ी इच्छा थी कि वह नियमित रूप से स्कूल जाए और खूब पढ़े। उसकी यह अपील सोशल मीडिया पर वायरल हुई और मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ। डीएम मंगला प्रसाद सिंह रागिनी के गांव पहुंचे और उसे दो ट्राइसाइकिल के साथ पढ़ाई का जरूरी सामान उपलब्ध कराया। ट्राइसाइकिल मिलने के बाद रागिनी ने मासूमियत से कहा कि अब उसे और कुछ नहीं चाहिए।

लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर मदद यहीं नहीं रुकी। अब रागिनी के इलाज की पूरी जिम्मेदारी भी प्रदेश सरकार उठाएगी। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी जांच की। बचपन में पैर में हुए फ्रैक्चर के बाद हड्डी ठीक तरह से न जुड़ पाने की वजह से पैर की स्थिति बिगड़ गई थी।

जिला स्तर पर जरूरी विशेष जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण रागिनी को BHU, वाराणसी भेजने का फैसला लिया गया है। वहां विशेषज्ञ डॉक्टर उसकी नसों और पैर की स्थिति की विस्तृत जांच करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे ऑपरेशन या अन्य उचित उपचार का फैसला लिया जाएगा।

एक पैर की परेशानी रागिनी के कदम रोक सकती है, लेकिन पढ़ने का उसका हौसला नहीं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब उसकी पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर इलाज की उम्मीद भी जगी है।

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नेपाल में तबाही के बाद मदद के लिए भारतीयों के साथ भेद भाव क्यों 🤔🤔

बिहार के मोतिहारी जिला के रहने वाला परिवार नेपाल में लगभग 30 वर्षों से रहकर अपना कपड़े का दुकान करता था 

नेपाल तबाही के बाद दुकान का सारा संपत्ति बर्बाद हो गया परिवार के लोग सिसकते हुए बता रहे हैं कि लगभग 50 लाख का सामान तास के पत्ते के तरह बह गया 
उसके बावजूद नेपाली लोग हमलोगों के साथ मदद के लिए बहुत हीं भेद भाव करते हैं 
 
पीड़ित परिवार बिहार सरकार और भारत सरकार से गुहार लगाते हुए अपने बिजनेस के लिए मदद करने के लिए बोल रही है 
साथ हीं उन्होंने कहा अब कभी नेपाल लौट के नहीं आएंगे भूखे रहेंगे लेकिन अपने देश में रहेंगे 

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आखिर क्यों विंग कमांडर अभिनंदन ने छोड़ दी इंडियन एयरफोर्स 🤔

बालाकोट एयरस्ट्राइक के हीरो विंग कमांडर अभिनंदन ने इंडियन एयरफोर्स से रिटायरमेंट ले लिया है 
उनका सामान्य रिटायरमेंट 2037 में होनी थी जब वे 54 वर्ष के होते 
करीब दो दशक की सर्विस के बाद अब वे कमर्शियल यात्री विमान के पायलट होंगे 
अभिनंदन को वर्ष 2021 में वीर चक्र से सम्मानित किया गया 
प्राइवेट पायलट के रूप में अब उनको 5 लाख से 08 लाख रुपए महीने के सैलरी मिल सकती है 
इंडियन एयरफोर्स के तरफ से लगभग उनको 88 से 98 हजार मासिक पेंशन भी मिलेगी 
आपलोग अपना राय जरूर दीजिएगा क्या विंग कमांडर अभिनंदन को इंडियन एयरफोर्स छोड़ना चाहिए या नहीं ♥️♥️

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वायरल रागिनी के मदद के लिए 10 लाख रुपए मदद कर आगे आए अलख पाण्डेय 👏👏

उत्तर प्रदेश के बलिया की 7 साल की दिव्यांग छात्रा रागिनी की कहानी सामने आने के बाद मदद के लिए कई हाथ आगे आए। रागिनी के हौसले को देखते हुए अलख पांडेय ने ₹10 लाख की आर्थिक सहायता दी है।

इस मदद से रागिनी के इलाज, पढ़ाई और बेहतर भविष्य में सहारा मिलेगा। इससे पहले बलिया प्रशासन भी उसे ट्राईसाइकिल, किताबें, क्रच और जरूरी शैक्षिक सामग्री उपलब्ध करा चुका है।

रागिनी की हिम्मत और अलख पांडेय की मदद ने इंसानियत की एक खूबसूरत मिसाल पेश की है।

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बाढ़ से तो बच गए लेकिन भूख से कौन बचाएगा नेपाली लड़कियों का भावुक अपील 👏👏

नेपाल बाढ़ त्रासदी से जो लोग बच गए हैं उनके लिए आगे की जिंदगी आसान नहीं है 
नेपाल रसूबा के कुछ लड़कियों ने ऐसे हीं भावुक अपील की है बाढ़ से बचने के बाद हमलोगों के पास खाने के लिए कुछ नहीं बचा है भूखे प्यासे अपने जीवन व्यतीत करने पे मजबूर हैं 
यहाँ तक की रोशनी के लिए ना हीं बिजली की व्यवस्था है ना हीं कोई सरकारी व्यवस्था अब तक हमलोगों के पास पहुँचा है 
हमलोग अंधेरा में अपनी जिन्दगी जीने को मजबूर हैं 
हमलोग किसी तरह अपनी बातों को अपनी सरकार तक पहुंचना चाहते हैं आपलोग इस बेटी के भावुक अपील को शेयर कर दूर तक जरूर पहुंचाइए 👏👏

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चीनी सुपरवाइजर की शर्म"नाक करतूत नेपाल के टनल में फंसे मजदूर को छोड़ खुद भाग गया 🤔🤔

जैसे चीन अपना गलत चालबाजी देशों के साथ करते रहते हैं ठीक उसी प्रकार 
चीनी सुपरवाइजर ने नेपाल बाढ़ के दौरान टनल में काम कर रहे सैकड़ों मजदूर के साथ किया जब बाढ़ का अंदेशा मजदूर लोगों को लगा तो मजदूर अपने चीनी सुपरवाइजर से कहा लगता है यहाँ कुछ परेशानी होने वाली है जरा बाहर चल के देखने चाहिए तो चीनी सुपरवाइजर ने कहा तुमलोग काम करो मैं देख के आता हूं 
जैसे हीं चीनी सुपरवाइजर टनल के बाहर आके बाहर का दृश्य देखा कि लोट के दुवारा टनल के अन्दर नहीं गया और वहाँ से सुरक्षित जगह भाग गया 
और टनल के अन्दर काम कर रहे मजदूर को कोई जानकारी नहीं दिया 
फिर उसके बाद बाढ़ की विभीषिका आई और सारे मजदूर टनल के अन्दर कई दिनों तक फँसे रहे 
इसलिए कहते हैं चीनी चालबाज़ होता है 

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दिव्यांग बेटी ने DM से लगाई गुहार DM अंकल हमें साइकिल दिलवा दो हम रोज स्कूल आएंगे 👏👏

उत्तरप्रदेश बलिया की रहने वाली 07 वर्षीय रागनी की कहानी लोगों के दिल को झकझोर दिया 
🌟 एक पैर से 400 मीटर दौड़कर स्कूल जाती थी रागिनी, DM ने बढ़ाया मदद का हाथ

उत्तर प्रदेश के बलिया की 7 वर्षीय रागिनी की हिम्मत और पढ़ाई के प्रति लगन ने हर किसी का दिल जीत लिया। हादसे में एक पैर गंभीर रूप से खराब होने के बावजूद रागिनी ने पढ़ाई नहीं छोड़ी।

रागिनी रोज करीब 400 मीटर तक एक पैर के सहारे स्कूल जाती थी। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उसने DM से साइकिल दिलाने की मासूम अपील की थी।

वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। अधिकारियों और डॉक्टरों ने रागिनी की जांच कराई और DM खुद उसके घर पहुंचे।

प्रशासन की ओर से रागिनी को ट्राईसाइकिल, पढ़ाई और खेलकूद का सामान दिया गया। साथ ही उसके लिए कृत्रिम पैर तैयार कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

रागिनी का सपना डॉक्टर बनने का है। उसकी हिम्मत और पढ़ाई के प्रति लगन सच में प्रेरणा देने वाली है। ❤️

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क्या सच में 08 लोगों ने मिलकर राजेन्द्र ऋषिदेव का किया मर्डर ?
एक माँ ने बेटी की फीस भरने के लिए खाली पैर मैराथन में लगी दौड़ने 🤔🤔
महाराष्ट्र के बीड जिले की 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर ने बेटी की स्कूल फीस भरने के लिए मैराथन में हिस्सा लिया।
साधारण साड़ी और चप्पल पहनकर दौड़ीं रमाबाई की चप्पलें रास्ते में फिसलने लगीं, तो उन्होंने चप्पल उतारकर नंगे पैर दौड़ना शुरू कर दिया।
मुश्किलों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मैराथन जीत ली।
रमाबाई को जीत के लिए 3,000 रुपये का नकद इनाम मिला।
उन्होंने बताया कि इस राशि का इस्तेमाल वह अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए करेंगी।
रमाबाई की यह कहानी मां के संघर्ष, हौसले और बेटी के भविष्य के प्रति समर्पण की मिसाल बन गई है।

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नेपाल बाढ़ में सबसे दिल दहला देने वाला तस्वीर छोटा भाई बना बहन का ढाल 

जब नेपाल बाढ़ में कोई ना बचा सहारा तो इस तस्वीर को देखने के बाद दिल भर आया जब एक छोटा बच्चा अपने छोटी सी बहन को अपने पीठ पे बैठा जंगल में भटकते हुए सेना के जवान को मिला 
इस बच्चे से जब पूछा गया तो बच्चे ने सिसकते हुए सारी बात सेना के जवान को बताया तब सेना के जवान ने इस बच्चे को पहले हॉस्पिटल ले गया फिर सरकारी सुरक्षित जगह पे दोनों बच्चे को पहुंचाया 🤔🤔

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कैसे हुआ राजेन्द्र ऋषि का मौ"त किसी को नहीं पता लेकिन 08 लोगों के ऊपर FIR दर्ज 🤔
अगर आप भी हैं किसी रोग से परेशान तो एक बार वैद प्रमोद जी से जरूर मिलें