एंबुलेंस को धक्का देकर करनी पड़ी स्टार्ट, मरीज को घर पहुंचाने से पहले बेदम हुई व्यवस्था।
बिहार के लखीसराय सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर और त्वरित परिवहन सुविधा देने वाली 102 एंबुलेंस सेवा की सोमवार को बदहाल स्थिति सामने आई। प्रसव के बाद नवजात के साथ घर लौट रही महिला की एंबुलेंस अस्पताल परिसर में ही स्टार्ट नहीं हुई। इसके बाद चालक, सहायक और मरीज के परिजनों को मिलकर एंबुलेंस में धक्का लगाना पड़ा।
मामला टाउन थाना क्षेत्र के जोकमेला गांव निवासी चिंता देवी से जुड़ा है। प्रसव के बाद नवजात के साथ घर जाने के लिए परिजनों ने 102 एंबुलेंस की सेवा ली थी। एंबुलेंस अस्पताल पहुंची, लेकिन चालक द्वारा चाबी लगाने के बावजूद वाहन स्टार्ट नहीं हुआ। काफी प्रयास के बाद भी जब वाहन चालू नहीं हुआ तो चालक, सहायक और परिजनों ने एंबुलेंस को धक्का दिया। इसके बाद किसी तरह वाहन स्टार्ट हुआ और प्रसूता को नवजात के साथ घर पहुंचाया गया।
सरकार की ओर से 102 एंबुलेंस सेवा के संचालन पर प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। बावजूद इसके वाहन की नियमित देखरेख और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं। अगर आपात स्थिति में एंबुलेंस रास्ते में खराब हो जाए तो मरीज की परेशानी बढ़ सकती है।