चित्रकूट में आई भीषण बाढ़ ने भले ही हजारों परिवारों की जिंदगी को प्रभावित किया हो, लेकिन इस मुश्किल घड़ी में समाजसेवियों की मदद लगातार पीड़ित परिवारों तक पहुंच रही है।
राहत का मतलब सिर्फ राशन और जरूरी सामान ही नहीं, बल्कि त्योहारों की खुशियां बांटना भी है।
इसी मानवीय पहल की तस्वीर सामने आई है चित्रकूट जिले के पहाड़ी ब्लॉक के नहरा ग्राम पंचायत के रामपुर गांव से, जहां समाजसेवी कुमकुम उपाध्याय ने आने वाले तीज व्रत पर्व को देखते हुए दो सैकड़ा से अधिक बाढ़ प्रभावित महिलाओं बालिकाओं के पैर छूकर कपड़े साड़ियों का वितरण किया।
बाढ़ की त्रासदी झेल रहे इन परिवारों के बीच जब साड़ियां पहुंचीं तो महिलाओं के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। महिलाओं ने इस मदद के लिए कुमकुम उपाध्याय का आभार जताया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संकट की घड़ी में इस तरह की पहल न सिर्फ जरूरतमंदों की मदद करती है, बल्कि उनके भीतर उम्मीद और अपनापन भी जगाती है।
फिलहाल, बाढ़ के बाद राहत और सेवा का सिलसिला जारी है और समाजसेवियों की ऐसी पहल निश्चित तौर पर मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश कर रही है।