राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित वैद्य नवल किशोर प्रसाद सिंह का निधन, निःस्वार्थ सेवा करने वाले वैद्य जी के परिवार ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
बताया जाता है कि वर्ष 2012 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल जी के हाथों उन्हें राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उन्हें पशुओं में फैलने वाली गंभीर “अढ़ैया रोग” जैसी जानलेवा बीमारी की दवा के अविष्कार के लिए मिला था। इस बीमारी में जानवरों को तेज बुखार, लंगड़ाकर चलना, दूध की कमी,जैसी समस्याएं होती थीं, और धीरे-धीरे उन बेचारो जानवरों की मौत हो जाती थी। वैद्य नवल किशोर सिंह ने इस गंभीर बीमारी का सफल इलाज तैयार कर देश विदेश तक के पशुपालकों को राहत पहुंचाई थी। इसके बाद उन्होंने महिलाओं और पुरुषों में भीं होने वाली कई गंभीर बीमारियों की दवाएं भी तैयार कीं। खास बात यह रही कि उन्होंने जीवनभर लोगों का इलाज निःस्वार्थ भाव से और बिल्कुल निःशुल्क किया। गरीबों की सेवा को ही उन्होंने अपना धर्म माना। परिवार वालों का कहना है कि निःशुल्क सेवा देने के कारण आज तक उनका घर मिट्टी का ही बना हुआ है। ना ही उन्हें किसी सरकारी योजना का लाभ मिला और ना ही आर्थिक सहयोग। अब उनके निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। छोटे बेटे कन्हैया कुमार ने भावुक होकर कहा कि “मेरे पापा पूरी जिंदगी समाज सेवा करते रहे, लेकिन बदले में हमें क्या मिला। आज तक हम एक पक्का घर नहीं बना पाए। बहन की शादी करनी है, अब तो सब कुछ खत्म हो गया।” उन्होंने सरकार और जनप्रतिनिधियों से परिवार को उचित सहायता देने की मांग की है। वैद्य नवल किशोर प्रसाद सिंह के निधन पर क्षेत्र के लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और ग्रामीणों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें समाज का सच्चा सेवक बताया है।