साइबर ठगी की शिकार पीड़िता को महुली पुलिस ने वापस दिलाए ₹16 हजार
साइबर क्रैक अभियान के तहत पुलिस की त्वरित कार्रवाई, खाते में वापस पहुंची ठगी की पूरी रकम
संतकबीरनगर, 28 सितंबर। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के लिए चलाए जा रहे साइबर क्रैक अभियान के तहत थाना महुली पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी की शिकार एक पीड़िता की ₹16,000 की पूरी धनराशि वापस करा दी।प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना महुली क्षेत्र के ग्राम सिक्टहा निवासी कृष्णामती पत्नी हरिश्चन्द्र ने पुलिस को बताया कि उनकी पुत्री टेलीग्राम पर रेलवे फॉर्म का लिंक देखकर रजिस्ट्रेशन कर रही थी। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ने फीस जमा करने के नाम पर उनसे ₹16,000 की ठगी कर ली।पीड़िता की ओर से 23 अगस्त 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए मदद की गुहार लगाई गई थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए थाना महुली पुलिस एवं साइबर टीम ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू की। संबंधित बैंकिंग एवं तकनीकी माध्यमों से लगातार किए गए प्रयासों के बाद 27 सितंबर 2026 को पीड़िता के खाते में ₹16,000 की पूरी धनराशि वापस करा दी गई।धनराशि वापस मिलने पर पीड़िता ने थाना महुली पुलिस की त्वरित एवं सराहनीय कार्रवाई के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पुलिस टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा की।कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष श्री दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी महुली उपनिरीक्षक श्री अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव एवं मनोज यादव शामिल रहे।पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल या संदेश पर बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड अथवा यूपीआई पिन साझा न करें। किसी रिश्तेदार या मित्र के नाम पर फोन कर धनराशि मांगने पर पहले उसकी पहचान वीडियो कॉल या किसी अन्य विश्वसनीय माध्यम से सुनिश्चित करें।
पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया कि साइबर अपराधी अक्सर आवाज बदलकर अथवा भावनात्मक दबाव बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन भुगतान के मामले में सावधानी बरतें।