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रिजवान हत्याकांड का खुलासा: पत्नी और कथित प्रेमी गिरफ्तार, पुलिस ने हत्या की साजिश का किया दावा #Crime #Breaking #Police #News #BiharNews

Dumra, Sitamarhi | Jul 7, 2026

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जहानाबाद गोलीकांड के बाद वरिष्ठ IPS अधिकारी विकास वैभव पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ितों का हालचाल जाना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

जहानाबाद गोलीकांड के बाद वरिष्ठ IPS अधिकारी विकास वैभव पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ितों का हालचाल जाना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

Dumra, Sitamarhi | Jul 7, 2026

लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 119 लोग हिरासत में

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। आरोप है कि फर्जी कॉल सेंटर के जरिए अमेरिका समेत कई देशों के नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही थी।

पुलिस के अनुसार, गिरोह ने कथित तौर पर 250 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की है। जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को अमेरिकी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। ठगी की रकम विदेशी बैंक खातों में भेजी जाती थी और बाद में उसे क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से ट्रांसफर किया जाता था।

करीब 24 घंटे तक चले अभियान के बाद पुलिस ने 119 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें 92 युवक और 27 युवतियां शामिल हैं। मामले में अहमदाबाद निवासी ऑपरेशन मैनेजर ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार से पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

नोट: सभी आरोप जांच के दायरे में हैं। अंतिम सत्य न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 119 लोग हिरासत में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। आरोप है कि फर्जी कॉल सेंटर के जरिए अमेरिका समेत कई देशों के नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने कथित तौर पर 250 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की है। जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को अमेरिकी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। ठगी की रकम विदेशी बैंक खातों में भेजी जाती थी और बाद में उसे क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से ट्रांसफर किया जाता था। करीब 24 घंटे तक चले अभियान के बाद पुलिस ने 119 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें 92 युवक और 27 युवतियां शामिल हैं। मामले में अहमदाबाद निवासी ऑपरेशन मैनेजर ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार से पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। नोट: सभी आरोप जांच के दायरे में हैं। अंतिम सत्य न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

Dumra, Sitamarhi | Jul 7, 2026

बारुईपुर की 12 वर्षीय स्कूली छात्रा रीमा खातून के साथ हुई दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और न्याय प्रणाली की बड़ी परीक्षा भी है।

सबसे अहम सवाल यह है कि क्या एक मासूम बच्ची को न्याय दिलाने का मुद्दा प्रदर्शन, हिंसा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच दब जाएगा? इस मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच के साथ दोषियों की पहचान कर उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ दावे भी सामने आए हैं, जिनमें एक संदिग्ध को पुलिस द्वारा कथित रूप से छोड़ने और एक स्थानीय राजनीतिक नेता की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। फिलहाल इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति, चाहे उसका पद या प्रभाव कुछ भी हो, दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाना ही इस पूरे मामले की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

बारुईपुर की 12 वर्षीय स्कूली छात्रा रीमा खातून के साथ हुई दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और न्याय प्रणाली की बड़ी परीक्षा भी है। सबसे अहम सवाल यह है कि क्या एक मासूम बच्ची को न्याय दिलाने का मुद्दा प्रदर्शन, हिंसा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच दब जाएगा? इस मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच के साथ दोषियों की पहचान कर उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ दावे भी सामने आए हैं, जिनमें एक संदिग्ध को पुलिस द्वारा कथित रूप से छोड़ने और एक स्थानीय राजनीतिक नेता की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। फिलहाल इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति, चाहे उसका पद या प्रभाव कुछ भी हो, दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाना ही इस पूरे मामले की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

Dumra, Sitamarhi | Jul 7, 2026

रिजवान हत्याकांड का खुलासा: पत्नी और कथित प्रेमी गिरफ्तार, पुलिस ने हत्या की साजिश का किया दावा #Crime #Breaking #Police #News #BiharNews - Dumra News