(1) बहुप्रतीक्षित शक्तिनगर बॉटलनेक का रास्ता साफ , आज से शुरू होगा निर्माण कार्य।
महापौर पारस सिंघवी के प्रयास हुए सफल, दीपावली से पहले उदयपुरवासियों को मिलेगी एक और सौगात।
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उदयपुर। उदयपुर शहर के बहुप्रतीक्षित शक्तिनगर बॉटलनेक के समाधान का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। नगर निगम महापौर पारस सिंघवी के विशेष प्रयासों और विस्थापित परिवारों के साथ सकारात्मक संवाद के बाद इस महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने पर सहमति बन गई है। शुक्रवार को महापौर कार्यालय में आयोजित बैठक में सभी संबंधित विस्थापित परिवारों की सहमति से शनिवार से निर्माण कार्य प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। नगर निगम द्वारा दीपावली से पहले शहरवासियों को इस महत्वपूर्ण विकास कार्य की सौगात देने की दिशा में कदम बढ़ा दिया गया है।
महापौर पारस सिंघवी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना, उपनगर नियोजक सिराजुद्दीन, अधिशासी अभियंता अखिल गोयल, निगम पुलिस निरीक्षक मंगीलाल डांगी, क्षेत्रीय पार्षद विजय आहूजा सहित शक्तिनगर बॉटलनेक से संबंधित सभी आठ विस्थापित परिवारों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में लंबे समय से लंबित प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की गई तथा आपसी सहमति से समाधान निकालते हुए निर्माण कार्य शुरू करने का मार्ग प्रशस्त किया गया।
सात दिन में जमा करानी होगी शेष राशि।
बैठक में सहमति बनी कि जिन विस्थापित परिवारों ने निर्धारित राशि अभी तक जमा नहीं कराई है, वे आगामी सात दिवस में राशि जमा कराएंगे। वहीं, जिन दो परिवारों को भूखंड के बदले राशि दी जानी है, उन्हें नगर निगम की ओर से शुक्रवार को ही चेक प्रदान कर दिए गए है। इससे प्रकरण के शेष वित्तीय एवं प्रशासनिक पहलुओं का समाधान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी संबंधित परिवारों द्वारा निर्धारित राशि जमा कराने के 30 दिवस के भीतर अधिग्रहित भूमि के बदले आवंटित किए जाने वाले भूखंडों के आवंटन पत्र एवं कब्जा पत्र जारी कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही सभी संबंधित भूखंडधारकों द्वारा समर्पित भूमि का कब्जा शुक्रवार को ही नगर निगम को सौंप दिया जाएगा। भूमि का कब्जा मिलने के बाद निगम द्वारा भराव हटाने, सड़क निर्माण और नालियों के निर्माण सहित आवश्यक विकास कार्य तत्काल प्रभाव से शनिवार से ही शुरू कर दिए जाएंगे जिससे दीपावली तक कार्य संपूर्ण हो सके।
महापौर सिंघवी की पहल से वर्षों से लंबित कार्य को मिली गति।
शक्तिनगर बॉटलनेक की समस्या के समाधान को लेकर नगर निगम लंबे समय से प्रयासरत था, लेकिन विभिन्न कारणों से सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ पा रहे थे। इस महत्वपूर्ण समस्या के समाधान के लिए महापौर पारस सिंघवी ने पहल करते हुए संबंधित परिवारों के प्रतिनिधि सुनील कालरा, पुरुषोत्तम लीलानी, ओमप्रकाश डोडेजा, संजय पाहूजा, स्वरूप विनोद तुलसीजा, नन्दलाल बुद्धराज, मनोज कालरा सुजाता कालरा और निगम अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया। शुक्रवार को आयोजित बैठक में सभी पक्षों की बात सुनकर व्यावहारिक समाधान पर सहमति बनाई गई।महापौर पारस सिंघवी के प्रयासों से बनी इस सहमति को शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। बॉटलनेक के समाधान से संबंधित सड़क एवं आधारभूत संरचना विकास कार्यों को गति मिलेगी और क्षेत्र में आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
दीपावली से पहले विकास कार्य की सौगात।
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि निगम का प्रयास है कि दीपावली से पहले इस महत्वपूर्ण कार्य को गति देकर शहरवासियों को राहत प्रदान की जाए। शनिवार से निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही शक्तिनगर बॉटलनेक के समाधान की दिशा में लंबे समय से प्रतीक्षित कार्रवाई धरातल पर उतरने जा रही है। महापौर पारस सिंघवी की पहल और सभी संबंधित पक्षों की सहमति से लिया गया यह निर्णय उदयपुर के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
(2) सफाई में अव्यस्था एवं तय शर्तों के अनुसार सफाई कार्य नहीं करने पर ठेकेदार को नोटिस।
सफाई को लेकर लापरवाही नहीं होगी बरदास्त।
लाखों खर्च होने के बावजूद यू डी ए क्षेत्रों में आशानुरूप सफाई नहीं।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्यवाही - महापौर।
उदयपुर। शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और रोड स्वीपिंग से एकत्रित कचरे का समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। निरीक्षण के दौरान संज्ञान में आया कि ठेका फर्म द्वारा निविदा में निर्धारित शर्तों के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है तथा कचरा संग्रहण, परिवहन और एमटीएस की सफाई से संबंधित विभिन्न शर्तों की पालना में लापरवाही बरती जा रही है। निगम महापौर पारस सिंघवी ने स्पष्ट किया है कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने पर संबंधित फर्म के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निगम महापौर पारस सिंघवी ने बताया कि नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न वार्डों में रोड स्वीपिंग से एकत्रित कचरे के निस्तारण के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी। इसके तहत आपी मल्टी क्लीन सर्विसेज को 1 अप्रैल 2026 को कार्यादेश जारी किया गया था। निरीक्षण के दौरान निविदा की शर्त संख्या 4 के बिंदु 4.1.6 के विभिन्न प्रावधानों की पालना में कमी सामने आई। निविदा की शर्तों के अनुसार प्राथमिक कचरा संग्रहण एवं परिवहन के लिए 23 ऑटो टिपर लगाए जाने हैं। प्रत्येक टिपर के साथ एक चालक और एक स्वीपर अथवा सैनिटेशन वर्कर की तैनाती अनिवार्य है। इसी प्रकार द्वितीय परिवहन के लिए छह कॉम्पेक्टर गाड़ियां, एक एक्सकेवेटर-कम-लोडर मशीन, दो डंपर ट्रक और पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग किया जाना निर्धारित है। वहीं, प्रत्येक एमटीएस पर दो स्वीपर तैनात कर परिसर की नियमित सफाई करवाना भी निविदा की अनिवार्य शर्त है।
निरीक्षण के दौरान इन निर्धारित व्यवस्थाओं से संबंधित शर्तों की पूर्ण पालना नहीं पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को फर्म को पाबंद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, निर्देशित किया गया है कि यदि फर्म द्वारा शर्तों की पालना सुनिश्चित नहीं की जाती है, तो उसे डिबार करने संबंधी कार्रवाई की जाए और तीन दिवस के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
निगम महापौर पारस सिंघवी ने कहा कि सफाई व्यवस्था पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद यूडीए क्षेत्रों में अपेक्षित स्तर की सफाई नहीं होना गंभीर विषय है। इसलिए ठेका फर्म को अपनी जिम्मेदारी के अनुरूप निर्धारित संसाधनों, कर्मचारियों और व्यवस्थाओं के साथ कार्य करना होगा। सफाई कार्यों की निगरानी की जाएगी तथा निविदा की शर्तों की अवहेलना पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Girwa, Udaipur | Oct 23, 2026