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रूडसेट संस्थान सुवाणा में आचार्य देवेंद्र डाणी ने सिखाई प्रभावशाली आवाज़ की कला, वॉइस मॉड्यूलेशन और सही ठहराव से साधा जा सकता है हर श्रोता का दिल : आचार्य देवेंद्र डाणी भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल, 9 जुलाई ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी युवाओं को कौशल विकास, व्यक्तित्व निर्माण एवं स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने वाले रूडसेट संस्थान (RUDSETI), सुवाणा में आयोजित पब्लिक स्पीकिंग मास्टरक्लास के दूसरे सत्र का आयोजन उत्साह एवं सहभागिता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्रख्यात लाइफ कोच, मोटिवेशनल स्पीकर, न्यूरोलॉजिस्ट, पब्लिक स्पीकिंग एवं व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षक आचार्य देवेंद्र डाणी ने प्रशिक्षणार्थियों को वॉइस मॉड्यूलेशन (Voice Modulation) की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम की शुरुआत में आचार्य देवेंद्र डाणी ने बताया कि पिछले सत्र में प्रतिभागियों को बॉडी लैंग्वेज के 55 प्रतिशत प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई थी, जबकि दूसरे सत्र में संवाद के दूसरे सबसे महत्वपूर्ण पहलू वॉइस मॉड्यूलेशन के 38 प्रतिशत प्रभाव को व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से समझाया गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी वक्ता की आवाज़ प्रभावशाली नहीं है तो उसका श्रेष्ठ ज्ञान भी श्रोताओं तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुँच पाता। आचार्य डाणी ने कहा कि आवाज़ केवल शब्दों का माध्यम नहीं, बल्कि भावनाओं, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व की पहचान होती है। एक ही बात को अलग-अलग आवाज़, ऊर्जा और लय के साथ बोलने पर उसका प्रभाव पूरी तरह बदल जाता है। इसलिए प्रत्येक वक्ता को अपनी आवाज़ पर निरंतर कार्य करना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने प्रतिभागियों को लो पिच (Low Pitch), मीडियम पिच (Medium Pitch) एवं हाई पिच (High Pitch) के बीच अंतर समझाते हुए बताया कि कब किस प्रकार की आवाज़ का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रेरणादायक संदेश देते समय ऊर्जावान स्वर, संवेदनशील विषयों पर नियंत्रित एवं शांत आवाज़ तथा महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रभावशाली उच्च स्वर का संतुलित प्रयोग श्रोताओं का ध्यान बनाए रखता है। उन्होंने प्रतिभागियों से मंच पर अभ्यास करवाते हुए प्रत्येक की आवाज़, उच्चारण एवं प्रस्तुति शैली का विश्लेषण भी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लगातार एक ही टोन में बोलना श्रोताओं को उबाऊ लगने लगता है, जबकि आवाज़ में उचित उतार-चढ़ाव, गति और ऊर्जा का संतुलन भाषण को जीवंत बना देता है। उन्होंने प्रतिभागियों को स्पष्ट उच्चारण (Pronunciation), शब्दों पर सही बल (Emphasis), श्वास नियंत्रण (Breath Control), बोलने की गति (Pace) तथा संवाद की लय (Rhythm) बनाए रखने की प्रभावी तकनीकों का अभ्यास कराया। प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण विषय 'पॉज' (Pause) अर्थात ठहराव की शक्ति रहा। आचार्य देवेंद्र डाणी ने कहा कि "प्रभावशाली वक्ता केवल अच्छा बोलना ही नहीं जानता, बल्कि यह भी जानता है कि कब रुकना है।" उन्होंने बताया कि सही समय पर लिया गया छोटा-सा ठहराव श्रोताओं को विचार करने का अवसर देता है, जिज्ञासा उत्पन्न करता है और वक्ता के संदेश को अधिक प्रभावशाली बना देता है। उन्होंने कहा कि कई बार शब्दों से अधिक प्रभाव एक सार्थक मौन छोड़ता है। आचार्य डाणी ने बताया कि विश्व के सफल नेता, उद्योगपति, मोटिवेशनल स्पीकर और प्रशिक्षक अपनी आवाज़ के उतार-चढ़ाव, सही ठहराव और प्रभावी अभिव्यक्ति के कारण लाखों लोगों को प्रभावित करते हैं। यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन नियमित अभ्यास करे और अपनी आवाज़ पर कार्य करे तो वह भी एक प्रभावशाली वक्ता बन सकता है। प्रशिक्षण को पूरी तरह इंटरैक्टिव एवं प्रैक्टिकल रखा गया। प्रतिभागियों को मंच पर बुलाकर उनसे विभिन्न विषयों पर बोलने का अभ्यास कराया गया तथा उनकी आवाज़, आत्मविश्वास और प्रस्तुति शैली का व्यक्तिगत मूल्यांकन कर सुधार के सुझाव दिए गए। प्रशिक्षणार्थियों ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक एवं जीवनोपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उनके भीतर मंच पर बोलने का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। इस अवसर पर रूडसेट संस्थान के अनिरुद्ध सर, सत्यनारायण नागर, सुधा शर्मा सहित संस्थान के अन्य प्रशिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। सभी ने आचार्य देवेंद्र डाणी के व्यवहारिक प्रशिक्षण, सरल प्रस्तुतीकरण शैली एवं प्रेरणादायी मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण युवाओं के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, प्रभावी संचार कौशल तथा करियर निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।

Bhilwara, Bhilwara | Jul 9, 2026

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जनजाति कन्या छात्रावास भवन निर्माण का भूमिपूजन
फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार का 1 करोड़ रुपये का सहयोग रहा

शाहपुरा,भीलवाड़ा (राजस्थान)-राजेन्द्र खटीक।

उदयपुर/राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद् उदयपुर की ओर से अरुणा भाटिया जनजाति कन्या छात्रावास उदयपुर के नवीन भवन निर्माण का भूमिपूजन समारोह  आयोजित किया गया । 
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. थावरचंद डामोर ने बताया कि वनवासी कल्याण आश्रम जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करता है। इसी निमित्त जनजाति बालिकाओं हेतु छात्रावास के निर्माण हेतु फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने एक करोड़ का सहयोग दिया एवं उनकी माताजी अरुणा भाटिया के नाम से यह छात्रावास होगा।उन्होंने पूर्व में भी एक छात्रावास उनके पिताजी हरिओम भाटिया के नाम से खेरवाड़ा में बनवाया।
प्रदेश संगठन मंत्री ने जगदीश कुलमी ने बताया कि जनजाति समाज की बालिकाओं को सुरक्षित आवास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस छात्रावास भवन का निर्माण किया जा रहा है। यह छात्रावास जनजाति बालिकाओं के शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

जनजाति कन्या छात्रावास भवन निर्माण का भूमिपूजन फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार का 1 करोड़ रुपये का सहयोग रहा शाहपुरा,भीलवाड़ा (राजस्थान)-राजेन्द्र खटीक। उदयपुर/राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद् उदयपुर की ओर से अरुणा भाटिया जनजाति कन्या छात्रावास उदयपुर के नवीन भवन निर्माण का भूमिपूजन समारोह आयोजित किया गया । प्रदेश अध्यक्ष डॉ. थावरचंद डामोर ने बताया कि वनवासी कल्याण आश्रम जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करता है। इसी निमित्त जनजाति बालिकाओं हेतु छात्रावास के निर्माण हेतु फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने एक करोड़ का सहयोग दिया एवं उनकी माताजी अरुणा भाटिया के नाम से यह छात्रावास होगा।उन्होंने पूर्व में भी एक छात्रावास उनके पिताजी हरिओम भाटिया के नाम से खेरवाड़ा में बनवाया। प्रदेश संगठन मंत्री ने जगदीश कुलमी ने बताया कि जनजाति समाज की बालिकाओं को सुरक्षित आवास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस छात्रावास भवन का निर्माण किया जा रहा है। यह छात्रावास जनजाति बालिकाओं के शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Bhilwara, Bhilwara | Jul 10, 2026

राजस्व चोरी पर सीएम का सख्त संदेश, बोले—धरातल पर दिखे कार्रवाई का असर

33,969 करोड़ के राजस्व संग्रह के साथ पहली तिमाही में 11.54% की बढ़ोतरी, तकनीक और डिकॉय ऑपरेशन से टैक्स चोरी पर लगेगा अंकुश

जयपुर/भीलवाड़ा ( महेंद्र नागोरी) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्व अर्जन से जुड़े विभागों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि राजस्व चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। अधिकारियों को पहली से अंतिम तिमाही तक राजस्व संग्रहण की गति बनाए रखने और आधुनिक तकनीकों के जरिए कर चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए।
गुरुवार को राजस्व अर्जन से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संग्रहण प्रदेश के विकास और जनकल्याण की रीढ़ है। उन्होंने अधिकारियों को डिकॉय ऑपरेशन चलाने, नवीन तकनीकों का अधिकतम उपयोग करने तथा अन्य राज्यों की सफल कर प्रणालियों का अध्ययन कर राजस्थान में लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में प्रदेश को 33,969 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11.54 प्रतिशत अधिक है। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, फर्जी करदाताओं पर कार्रवाई और तकनीकी सुधारों के चलते राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने जीएसटी रिटर्न फाइलिंग में सख्ती, लंबित न्यायालयीन मामलों की प्रभावी पैरवी तथा कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर चोरी रोकने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और नियमित समीक्षा भी हो।
बैठक में अवैध खनन, अवैध शराब और अवैध वाहनों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने खान विभाग को जीपीएस और सीसीटीवी आधारित निगरानी व्यवस्था लागू करने, आबकारी विभाग को अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज करने तथा परिवहन विभाग को नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और अपंजीकृत बॉडी बिल्डरों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को निर्माण कार्यों पर सेस वसूली मजबूत करने, यूआईटी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई आवासीय योजनाएं तैयार करने तथा राजस्व विभाग को भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग टीम भावना के साथ कार्य करते हुए विकसित और समृद्ध राजस्थान के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

राजस्व चोरी पर सीएम का सख्त संदेश, बोले—धरातल पर दिखे कार्रवाई का असर 33,969 करोड़ के राजस्व संग्रह के साथ पहली तिमाही में 11.54% की बढ़ोतरी, तकनीक और डिकॉय ऑपरेशन से टैक्स चोरी पर लगेगा अंकुश जयपुर/भीलवाड़ा ( महेंद्र नागोरी) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्व अर्जन से जुड़े विभागों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि राजस्व चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। अधिकारियों को पहली से अंतिम तिमाही तक राजस्व संग्रहण की गति बनाए रखने और आधुनिक तकनीकों के जरिए कर चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए। गुरुवार को राजस्व अर्जन से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संग्रहण प्रदेश के विकास और जनकल्याण की रीढ़ है। उन्होंने अधिकारियों को डिकॉय ऑपरेशन चलाने, नवीन तकनीकों का अधिकतम उपयोग करने तथा अन्य राज्यों की सफल कर प्रणालियों का अध्ययन कर राजस्थान में लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में प्रदेश को 33,969 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11.54 प्रतिशत अधिक है। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, फर्जी करदाताओं पर कार्रवाई और तकनीकी सुधारों के चलते राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने जीएसटी रिटर्न फाइलिंग में सख्ती, लंबित न्यायालयीन मामलों की प्रभावी पैरवी तथा कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर चोरी रोकने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और नियमित समीक्षा भी हो। बैठक में अवैध खनन, अवैध शराब और अवैध वाहनों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने खान विभाग को जीपीएस और सीसीटीवी आधारित निगरानी व्यवस्था लागू करने, आबकारी विभाग को अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज करने तथा परिवहन विभाग को नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और अपंजीकृत बॉडी बिल्डरों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को निर्माण कार्यों पर सेस वसूली मजबूत करने, यूआईटी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई आवासीय योजनाएं तैयार करने तथा राजस्व विभाग को भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग टीम भावना के साथ कार्य करते हुए विकसित और समृद्ध राजस्थान के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

Bhilwara, Bhilwara | Jul 9, 2026

*शिक्षक के तबादले पर बिफरे विद्यार्थी, स्कूल पर ताला जड़ किया प्रदर्शन*

*मांग पूरी न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी, समझाइश जारी*

​आकोला (रमेश चन्द डाड) जिले के ​कोटड़ी क्षेत्र के लसाड़िया गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक शिक्षक के स्थानांतरण को लेकर गुरुवार सुबह छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। शिक्षकों के तबादले की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में आक्रोशित विद्यार्थी सुबह करीब आठ बजे स्कूल पहुंचे और मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़कर धरने पर बैठ गए। विद्यार्थियों ने शिक्षा विभाग और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्थानांतरण आदेश को तुरंत निरस्त करने की मांग की।

*​30 किमी दूर हुआ ट्रांसफर, पढ़ाई प्रभावित होने का डर*

​दरअसल, विभाग द्वारा बुधवार को विद्यालय से तीन शिक्षकों के तबादले के आदेश जारी किए गए थे। इनमें हिंदी और संस्कृत विषय पढ़ाने वाले शिक्षक हेमराज सिंह राठौड़ का ट्रांसफर लसाड़िया से करीब 30 किमी दूर बड़ा महुआ स्कूल में कर दिया गया। विद्यार्थियों का कहना है कि हेमराज सिंह बेहतर शिक्षक है। बोर्ड परीक्षाओं के इस सत्र में अचानक उनके जाने से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी।

*​समझाइश के प्रयास रहे बेअसर, जिद पर अड़े बच्चे*

​मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्यालय की संस्था प्रधान ममता और अन्य स्टाफ ने आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं को समझाने का काफी प्रयास किया। अधिकारियों को सूचना दिए जाने का भरोसा भी दिलाया गया, लेकिन बच्चे अपनी मांग को लेकर अड़े रहे। सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू हुआ यह गतिरोध लंबे समय तक जारी रहा, जिससे स्कूल का शैक्षणिक कार्य पूरी तरह ठप हो गया।

*​छात्र - छात्राओं ने दी आंदोलन की चेतावनी*

​धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि चाहे चार दिन लगे या पांच दिन, जब तक उनके पसंदीदा शिक्षक को वापस इसी स्कूल में नियुक्त नहीं किया जाता, वे मुख्य द्वार से नहीं हटेंगे। अपनी मांग के समर्थन में बच्चों ने आगे चलकर भूखे-प्यासे रहकर भूख हड़ताल शुरू करने का भी एलान किया है। वहीं प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समाधान निकालने की मांग की जाती रही।

*शिक्षक के तबादले पर बिफरे विद्यार्थी, स्कूल पर ताला जड़ किया प्रदर्शन* *मांग पूरी न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी, समझाइश जारी* ​आकोला (रमेश चन्द डाड) जिले के ​कोटड़ी क्षेत्र के लसाड़िया गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक शिक्षक के स्थानांतरण को लेकर गुरुवार सुबह छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। शिक्षकों के तबादले की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में आक्रोशित विद्यार्थी सुबह करीब आठ बजे स्कूल पहुंचे और मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़कर धरने पर बैठ गए। विद्यार्थियों ने शिक्षा विभाग और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्थानांतरण आदेश को तुरंत निरस्त करने की मांग की। *​30 किमी दूर हुआ ट्रांसफर, पढ़ाई प्रभावित होने का डर* ​दरअसल, विभाग द्वारा बुधवार को विद्यालय से तीन शिक्षकों के तबादले के आदेश जारी किए गए थे। इनमें हिंदी और संस्कृत विषय पढ़ाने वाले शिक्षक हेमराज सिंह राठौड़ का ट्रांसफर लसाड़िया से करीब 30 किमी दूर बड़ा महुआ स्कूल में कर दिया गया। विद्यार्थियों का कहना है कि हेमराज सिंह बेहतर शिक्षक है। बोर्ड परीक्षाओं के इस सत्र में अचानक उनके जाने से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी। *​समझाइश के प्रयास रहे बेअसर, जिद पर अड़े बच्चे* ​मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्यालय की संस्था प्रधान ममता और अन्य स्टाफ ने आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं को समझाने का काफी प्रयास किया। अधिकारियों को सूचना दिए जाने का भरोसा भी दिलाया गया, लेकिन बच्चे अपनी मांग को लेकर अड़े रहे। सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू हुआ यह गतिरोध लंबे समय तक जारी रहा, जिससे स्कूल का शैक्षणिक कार्य पूरी तरह ठप हो गया। *​छात्र - छात्राओं ने दी आंदोलन की चेतावनी* ​धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि चाहे चार दिन लगे या पांच दिन, जब तक उनके पसंदीदा शिक्षक को वापस इसी स्कूल में नियुक्त नहीं किया जाता, वे मुख्य द्वार से नहीं हटेंगे। अपनी मांग के समर्थन में बच्चों ने आगे चलकर भूखे-प्यासे रहकर भूख हड़ताल शुरू करने का भी एलान किया है। वहीं प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समाधान निकालने की मांग की जाती रही।

Bhilwara, Bhilwara | Jul 9, 2026

निर्वाचन आयोग द्वारा मीडिया और संचार अधिकारियों का तीसरा एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित’

’राजस्थान सहित 10 राज्यों के लगभग 200 जिला जनसंपर्क अधिकारियो ने लिया भाग’

दिल्ली/भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल, 9 जुलाई                       निर्वाचन आयोग द्वारा मीडिया और संचार अधिकारियों के तीसरे एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न जिलों से मीडिया नोडल अधिकारियों और सोशल मीडिया नोडल अधिकारियों तथा राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया।
सम्मेलन में 10 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 200 मीडिया एवं संचार अधिकारी सहित मीडिया नोडल अधिकारी और सोशल मीडिया नोडल अधिकारी, जिला मीडिया नोडल अधिकारी/जिला जनसम्पर्क अधिकारी और संबंधित राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। भीलवाड़ा से जिला जनसंपर्क अधिकारी  रविंद्र वैष्णव ने बतौर प्रतिनिधि भाग लिया।

मुख्य चुनाव आयुक्त  ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने सम्मेलन में प्रतिभागियों को संबोधित किया।
ज्ञानेश कुमार ने इस बात पर बल दिया कि आयोग की प्रत्येक कार्रवाई भारत के संविधान, चुनावी कानूनों और समय-समय पर जारी किए गए लिखित निर्देशों के आधार पर पारदर्शी तरीके से की जाती है। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी खबरों के संबंध में अधिकारियों को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारियों को गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने हाल में सम्पन्न विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें अब तक सबसे अधिक हुए मतदान प्रमाण है कि भारतीय मतदाताओं को देश की चुनावी प्रणाली पर कितना भरोसा है।
चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के डिजिटल युग में, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डीपफेक, भ्रामक जानकारी फैलाने के इरादे से बनाई गई कृत्रिम सामग्री और दुर्भावनापूर्ण सामग्री भी संस्थानों में विश्वास को कम करने के उद्देश्य से प्रेरित होकर फैलाई जा रही है। उन्होंने मीडिया एवं संचार अधिकारियों से आयोग के नियमों, निर्देशों और दिशा-निर्देशों के आधार पर ऐसे प्रयासों से निपटने को कहा।

सम्मेलन का आरंभ चुनाव चक्र के दौरान संचार रणनीतियों के व्यापक अवलोकन के साथ हुआ, जिसमें मतदाता सूची से लेकर मतदान तक, ईसीआईएनईटी, महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधान, मीडिया मामलों से संबंधित कानून शामिल रहें। प्रेस नोट तैयार करने और उन्हें मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित करने, गलत सूचनाओं और मिथकों से निपटने, निर्वाचन साक्षरता क्लब-ईएलसी के माध्यम से युवा मतदाताओं को शामिल करने और निर्वाचन आयोग की पहल लोगों तक पहुंचाने पर व्यावहारिक सत्र भी आयोजित किए गए।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों को समूहों में मतदाता सूची तैयार करने, मतदान प्रक्रिया और मतगणना प्रक्रिया प्रदर्शित की गई, जिसके बाद उन्हें प्रदर्शनी और मीडिया कॉर्नर का निर्देशित भ्रमण कराया गया। इन सत्रों के उपरांत प्रतिभागियों और आयोग के बीच प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किए गए।

निर्वाचन आयोग द्वारा मीडिया और संचार अधिकारियों का तीसरा एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित’ ’राजस्थान सहित 10 राज्यों के लगभग 200 जिला जनसंपर्क अधिकारियो ने लिया भाग’ दिल्ली/भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल, 9 जुलाई निर्वाचन आयोग द्वारा मीडिया और संचार अधिकारियों के तीसरे एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न जिलों से मीडिया नोडल अधिकारियों और सोशल मीडिया नोडल अधिकारियों तथा राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया। सम्मेलन में 10 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 200 मीडिया एवं संचार अधिकारी सहित मीडिया नोडल अधिकारी और सोशल मीडिया नोडल अधिकारी, जिला मीडिया नोडल अधिकारी/जिला जनसम्पर्क अधिकारी और संबंधित राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। भीलवाड़ा से जिला जनसंपर्क अधिकारी रविंद्र वैष्णव ने बतौर प्रतिनिधि भाग लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने सम्मेलन में प्रतिभागियों को संबोधित किया। ज्ञानेश कुमार ने इस बात पर बल दिया कि आयोग की प्रत्येक कार्रवाई भारत के संविधान, चुनावी कानूनों और समय-समय पर जारी किए गए लिखित निर्देशों के आधार पर पारदर्शी तरीके से की जाती है। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी खबरों के संबंध में अधिकारियों को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारियों को गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने हाल में सम्पन्न विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें अब तक सबसे अधिक हुए मतदान प्रमाण है कि भारतीय मतदाताओं को देश की चुनावी प्रणाली पर कितना भरोसा है। चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के डिजिटल युग में, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डीपफेक, भ्रामक जानकारी फैलाने के इरादे से बनाई गई कृत्रिम सामग्री और दुर्भावनापूर्ण सामग्री भी संस्थानों में विश्वास को कम करने के उद्देश्य से प्रेरित होकर फैलाई जा रही है। उन्होंने मीडिया एवं संचार अधिकारियों से आयोग के नियमों, निर्देशों और दिशा-निर्देशों के आधार पर ऐसे प्रयासों से निपटने को कहा। सम्मेलन का आरंभ चुनाव चक्र के दौरान संचार रणनीतियों के व्यापक अवलोकन के साथ हुआ, जिसमें मतदाता सूची से लेकर मतदान तक, ईसीआईएनईटी, महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधान, मीडिया मामलों से संबंधित कानून शामिल रहें। प्रेस नोट तैयार करने और उन्हें मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित करने, गलत सूचनाओं और मिथकों से निपटने, निर्वाचन साक्षरता क्लब-ईएलसी के माध्यम से युवा मतदाताओं को शामिल करने और निर्वाचन आयोग की पहल लोगों तक पहुंचाने पर व्यावहारिक सत्र भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को समूहों में मतदाता सूची तैयार करने, मतदान प्रक्रिया और मतगणना प्रक्रिया प्रदर्शित की गई, जिसके बाद उन्हें प्रदर्शनी और मीडिया कॉर्नर का निर्देशित भ्रमण कराया गया। इन सत्रों के उपरांत प्रतिभागियों और आयोग के बीच प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किए गए।

Bhilwara, Bhilwara | Jul 9, 2026