डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर स्मारक स्थल पर
पुष्प अर्पित करके मुखर्जी का स्मरण किया
बीकानेर। बीकानेर श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मारक स्थल के अध्यक्ष इंजीनियर ओम सोनगरा ने सोमवार शाम को प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक,प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, शिक्षाविद् एवं महान् देशभक्त श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जयंती के अवसर पर आज शाम को मेडिकल कॉलेज चौराहे स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मारक स्थल पर प्रोफेसर डॉ बीएल पारीक की अध्यक्षता में भाजपा पदाधिकारियों, गणमान्य लोगों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के तेल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान का स्मरण किया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ मनमोहन सिंह यादव, बीजेपी शहर संगठन शहर महामंत्री कौशल शर्मा, बैंक कर्मचारी नेता सुनीलदत्त नागल,हजारीराम विश्नोई, नारायण शर्मा, वंदेमातरम मंच संयोजक विजय कोचर, धर्मप्रकाश शर्मा ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर पूर्व पार्षद सोहनलाल प्रजापत, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश महामंत्री रमजान अब्बासी,बीजेपी नेता नवरत्न सिंह सिसोदिया, एडवोकेट बहादुर सिंह, पूनमचंद सिदू, शायर, लेखक असद भाई, पत्रकार रामदयाल भाटी,देवेश भाटी, आनंद जोशी, कामिनी भोजक सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके विचारों को वर्तमान समय में भी अत्यंत प्रासंगिक बताया और कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक गौरव की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया तथा देश की एकता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका प्रसिद्ध संदेश "एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे" आज भी प्रत्येक राष्ट्रभक्त के लिए प्रेरणा का स्रोत है।कार्यक्रम के अंत में सभी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने तथा संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।