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Bihar, Nalanda | Sep 28, 2024

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नालंदा विश्वविद्यालय प्रेस विज्ञप्ति

प्रधानमंत्री: एआई युग की चुनौतियों के बीच भारतीय ज्ञान परंपरा को नई दिशा दे रही है नालंदा विश्वविद्यालय की शास्त्रार्थ पहल
नालंदा विश्वविद्यालय द्वारा प्राचीन शास्त्रार्थ परंपरा को आज के समय से जोड़ने के प्रयास  को प्रधानमंत्री ने बताया महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री ने देशभर के अन्य विश्वविद्यालयों से भी आह्वान किया कि वे नालंदा विश्वविद्यालय की इस पहल पर विचार करें।

नई दिल्ली/राजगीर, बिहार | 28 जून, 2026: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में आज, नालंदा विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि आज जब विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नई तकनीकों और तीव्र नवाचारों के युग से गुजर रहा है, तब यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि मानव की रचनात्मकता सुरक्षित रहे तथा समाज अपनी सांस्कृतिक और बौद्धिक जड़ों से जुड़ा रहे। उन्होंने कहा कि इन महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर खोजने का सार्थक प्रयास नालंदा विश्वविद्यालय कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हजारों वर्षों पुरानी नालंदा की ज्ञान परंपरा आज नए स्वरूप में भारत के भविष्य को दिशा प्रदान कर रही है। उन्होंने स्मरण किया कि दो वर्ष पूर्व उन्हें नालंदा विश्वविद्यालय के नवीन परिसर के लोकार्पण का अवसर प्राप्त हुआ था।

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से विश्वविद्यालय द्वारा पुनर्जीवित की गई शास्त्रार्थ परंपरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि शास्त्रार्थ केवल अपने विचार प्रस्तुत करने का माध्यम नहीं है। ये वाद, संवाद और मंथन की एक अनुशासित प्रक्रिया है। इसमें तर्क के साथ, तथ्य के साथ अपनी बात कहना बहुत ज़रूरी होता है और उसमें आपकी महारत होनी चाहिए। दूसरों के विचारों को धैर्य से सुनने और समझने की सीख भी इस शास्त्रार्थ की प्रक्रिया से मिलती है।

उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि नालंदा विश्वविद्यालय ने इस प्राचीन भारतीय बौद्धिक परंपरा को अपने दीक्षांत समारोह का एक महत्वपूर्ण अंग बनाया है। इस अवसर पर पारिस्थितिकी, सतत विकास और प्रौद्योगिकी सहित 25 विभिन्न विषयों पर गहन शास्त्रार्थ एवं विचार-विमर्श आयोजित किए गए, जिनमें 200 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें लगभग आधे से अधिक प्रतिभागी यहाॅ अध्ययनरत विभिन्न देशों से आए हुए छात्र थे, जो नालंदा विश्वविद्यालय की वैश्विक प्रतिष्ठा और उसके अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "मुझे ख़ुशी है कि नालंदा विश्वविद्यालय ने इसे अपने दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनाया। इसमें भाग लेने वाले करीब आधे स्टूडेंट्स अन्य देशों से आए थे। एक प्राचीन परंपरा को आज के समय से जोड़ने का ये प्रयास बहुत सराहनीय है। मैं इसके लिए नालंदा विश्वविद्यालय को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।" प्रधानमंत्री ने देशभर के अन्य विश्वविद्यालयों से भी आह्वान किया कि वे नालंदा विश्वविद्यालय की इस पहल पर विचार करें।

नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्त विचारों के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री द्वारा नालंदा विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना हमारे लिए प्रेरणादायक एवं गौरव का विषय है। उनके निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन ने नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुत्थान तथा उसके वैश्विक स्वरूप को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शास्त्रार्थ जैसी भारतीय बौद्धिक परंपराओं को अपने पाठ्यक्रम में सम्मिलित कर हम नालंदा के ज्ञान, संवाद और सह-अस्तित्व की उस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसने सदियों तक समस्त एशिया को दिशा दी। हम माननीय प्रधानमंत्री के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन के लिए उनके प्रति हृदय से कृतज्ञ हैं तथा प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपराओं को समकालीन वैश्विक विमर्शों से जोड़ने के अपने प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Nalanda University, Rajgir

नालंदा विश्वविद्यालय प्रेस विज्ञप्ति प्रधानमंत्री: एआई युग की चुनौतियों के बीच भारतीय ज्ञान परंपरा को नई दिशा दे रही है नालंदा विश्वविद्यालय की शास्त्रार्थ पहल नालंदा विश्वविद्यालय द्वारा प्राचीन शास्त्रार्थ परंपरा को आज के समय से जोड़ने के प्रयास को प्रधानमंत्री ने बताया महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री ने देशभर के अन्य विश्वविद्यालयों से भी आह्वान किया कि वे नालंदा विश्वविद्यालय की इस पहल पर विचार करें। नई दिल्ली/राजगीर, बिहार | 28 जून, 2026: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में आज, नालंदा विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि आज जब विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नई तकनीकों और तीव्र नवाचारों के युग से गुजर रहा है, तब यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि मानव की रचनात्मकता सुरक्षित रहे तथा समाज अपनी सांस्कृतिक और बौद्धिक जड़ों से जुड़ा रहे। उन्होंने कहा कि इन महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर खोजने का सार्थक प्रयास नालंदा विश्वविद्यालय कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हजारों वर्षों पुरानी नालंदा की ज्ञान परंपरा आज नए स्वरूप में भारत के भविष्य को दिशा प्रदान कर रही है। उन्होंने स्मरण किया कि दो वर्ष पूर्व उन्हें नालंदा विश्वविद्यालय के नवीन परिसर के लोकार्पण का अवसर प्राप्त हुआ था। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से विश्वविद्यालय द्वारा पुनर्जीवित की गई शास्त्रार्थ परंपरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि शास्त्रार्थ केवल अपने विचार प्रस्तुत करने का माध्यम नहीं है। ये वाद, संवाद और मंथन की एक अनुशासित प्रक्रिया है। इसमें तर्क के साथ, तथ्य के साथ अपनी बात कहना बहुत ज़रूरी होता है और उसमें आपकी महारत होनी चाहिए। दूसरों के विचारों को धैर्य से सुनने और समझने की सीख भी इस शास्त्रार्थ की प्रक्रिया से मिलती है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि नालंदा विश्वविद्यालय ने इस प्राचीन भारतीय बौद्धिक परंपरा को अपने दीक्षांत समारोह का एक महत्वपूर्ण अंग बनाया है। इस अवसर पर पारिस्थितिकी, सतत विकास और प्रौद्योगिकी सहित 25 विभिन्न विषयों पर गहन शास्त्रार्थ एवं विचार-विमर्श आयोजित किए गए, जिनमें 200 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें लगभग आधे से अधिक प्रतिभागी यहाॅ अध्ययनरत विभिन्न देशों से आए हुए छात्र थे, जो नालंदा विश्वविद्यालय की वैश्विक प्रतिष्ठा और उसके अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा, "मुझे ख़ुशी है कि नालंदा विश्वविद्यालय ने इसे अपने दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनाया। इसमें भाग लेने वाले करीब आधे स्टूडेंट्स अन्य देशों से आए थे। एक प्राचीन परंपरा को आज के समय से जोड़ने का ये प्रयास बहुत सराहनीय है। मैं इसके लिए नालंदा विश्वविद्यालय को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।" प्रधानमंत्री ने देशभर के अन्य विश्वविद्यालयों से भी आह्वान किया कि वे नालंदा विश्वविद्यालय की इस पहल पर विचार करें। नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्त विचारों के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री द्वारा नालंदा विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना हमारे लिए प्रेरणादायक एवं गौरव का विषय है। उनके निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन ने नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुत्थान तथा उसके वैश्विक स्वरूप को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शास्त्रार्थ जैसी भारतीय बौद्धिक परंपराओं को अपने पाठ्यक्रम में सम्मिलित कर हम नालंदा के ज्ञान, संवाद और सह-अस्तित्व की उस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसने सदियों तक समस्त एशिया को दिशा दी। हम माननीय प्रधानमंत्री के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन के लिए उनके प्रति हृदय से कृतज्ञ हैं तथा प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपराओं को समकालीन वैश्विक विमर्शों से जोड़ने के अपने प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Nalanda University, Rajgir

Nalanda, Bihar | Jun 28, 2026

प्रेस विज्ञप्ति
नालंदा।
......................

आज दिनांक 28 जून 2026 को श्री राजीव रंजन कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता, नालंदा द्वारा केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), पटना के अंतर्गत "बिहार पुलिस दूरसंचार (वितंतु) एवं तकनीकी अराजपत्रित संवर्ग" में "सिपाही (प्रचालक)" के पद पर चयन हेतु आयोजित लिखित परीक्षा का परीक्षा केन्द्रों पर निरीक्षण किया गया। 

यह परीक्षा दिनांक 28 जून 2026 (रविवार) को एकल पाली में शांतिपूर्ण, कदाचारमुक्त एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराई गई।

निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता ने परीक्षा केन्द्रों पर की गई प्रशासनिक व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। 

उन्होंने परीक्षा कक्षों की व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, पहचान सत्यापन, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण किया। 

उन्होंने केन्द्राधीक्षकों एवं प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को परीक्षा संचालन से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने परीक्षा केन्द्रों पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी सतर्कता एवं निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया, ताकि परीक्षा की पारदर्शिता पूर्णतः बनी रहे। साथ ही अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखने पर बल दिया।

इस अवसर पर  सीडीपीओ सदर-2  उपस्थित थे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

प्रेस विज्ञप्ति नालंदा। ...................... आज दिनांक 28 जून 2026 को श्री राजीव रंजन कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता, नालंदा द्वारा केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), पटना के अंतर्गत "बिहार पुलिस दूरसंचार (वितंतु) एवं तकनीकी अराजपत्रित संवर्ग" में "सिपाही (प्रचालक)" के पद पर चयन हेतु आयोजित लिखित परीक्षा का परीक्षा केन्द्रों पर निरीक्षण किया गया। यह परीक्षा दिनांक 28 जून 2026 (रविवार) को एकल पाली में शांतिपूर्ण, कदाचारमुक्त एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराई गई। निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता ने परीक्षा केन्द्रों पर की गई प्रशासनिक व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। उन्होंने परीक्षा कक्षों की व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, पहचान सत्यापन, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने केन्द्राधीक्षकों एवं प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को परीक्षा संचालन से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने परीक्षा केन्द्रों पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी सतर्कता एवं निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया, ताकि परीक्षा की पारदर्शिता पूर्णतः बनी रहे। साथ ही अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखने पर बल दिया। इस अवसर पर सीडीपीओ सदर-2 उपस्थित थे। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Jun 28, 2026

प्रेस विज्ञप्ति 
नालन्दा।
.......................

आज दिनांक- 28 जून 2026 को श्री कुमार रवि , सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, - सह -प्रभारी सचिव ,नालन्दा द्वारा नालन्दा जिला अन्तर्गत हिलसा प्रखंड के जूनियार पंचायत भवन में "पंचायत विकास दिवस" कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं आम नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य पंचायतों को अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं जनकल्याणकारी बनाना है, ताकि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुँच सके।

उन्होंने कहा कि पंचायत विकास दिवस का उद्देश्य पंचायत स्तर पर संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, आमजन को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना तथा स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराएँ।

विषय: नालंदा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में भव्यता के साथ मनाया गया 'पंचायत विकास दिवस'; 'महिला हितैषी ग्राम पंचायत' थीम पर हुआ विशेष विमर्श।

बिहार सरकार के निर्णय के आलोक में आज, प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को मनाए जाने वाले 'पंचायत विकास दिवस' का जिला स्तरीय और पंचायत स्तरीय सफल आयोजन नालंदा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में किया गया। इस माह के विशेष कार्यक्रम का मुख्य विषय (थीम) "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" रखा गया था, जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

जिला प्रशासन की देखरेख में आयोजित इस विशेष दिवस की मुख्य विशेषताएं एवं उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:

जनभागीदारी और त्रिस्तरीय संवाद: -
जिले के सभी पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों (मुखिया, वार्ड सदस्य), ग्राम सभा के सदस्यों, युवाओं और जीविका दीदियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेंशन और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर त्वरित कार्रवाई हेतु रोडमैप तैयार किया गया।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल: -
थीम के अनुरूप पंचायतों में महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। बैठक में मौजूद जीविका दीदियों को स्वरोजगार (जैसे गौ-पालन) और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की जानकारी दी गई।

राज्य सरकार के निर्देशानुसार, जिले के प्रभारी पदाधिकारियों और वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों ने नालंदा के विभिन्न पंचायतों का भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया तथा ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया।
शत-प्रतिशत जनसहयोग और पारदर्शिता इस दिवस का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर आम लोगों की सहभागिता बढ़ाना और पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करना है। इस दौरान सरकार के द्वारा बढ़ाए गए बजट और आगामी योजनाओं (जैसे सोलर लाइट योजना एवं विकसित भारत जी-राम-जी अभियान) के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

जिलाधिकारी, नालंदा का संदेश:
"पंचायत विकास दिवस के माध्यम से हमारा लक्ष्य शासन को सीधे जनता के द्वार तक ले जाना है। नालंदा की सभी पंचायतों में आज का आयोजन बेहद सफल रहा है। 'महिला हितैषी ग्राम पंचायत' की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। हर महीने के अंतिम रविवार को यह अभियान इसी प्रकार पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ जारी रहेगा।"

इस अवसर पर पौधारोपण कर जल जीवन हरियाली के प्रति लोगों को प्रेरित किया गया ।

इस अवसर पर श्री कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया, माननीय विधायक, हिलसा, जिला पदाधिकारी, नालन्दा एवं पुलिस अधीक्षक, नालन्दा , अनुमंडल पदाधिकारी हिलसा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी ,प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी आदि उपस्थित थें।
Samrat Choudhary 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Kumar Ravi 
Bihar Health Department 
Panchayati Raj Department, Government of Bihar

प्रेस विज्ञप्ति नालन्दा। ....................... आज दिनांक- 28 जून 2026 को श्री कुमार रवि , सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, - सह -प्रभारी सचिव ,नालन्दा द्वारा नालन्दा जिला अन्तर्गत हिलसा प्रखंड के जूनियार पंचायत भवन में "पंचायत विकास दिवस" कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं आम नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य पंचायतों को अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं जनकल्याणकारी बनाना है, ताकि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुँच सके। उन्होंने कहा कि पंचायत विकास दिवस का उद्देश्य पंचायत स्तर पर संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, आमजन को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना तथा स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराएँ। विषय: नालंदा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में भव्यता के साथ मनाया गया 'पंचायत विकास दिवस'; 'महिला हितैषी ग्राम पंचायत' थीम पर हुआ विशेष विमर्श। बिहार सरकार के निर्णय के आलोक में आज, प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को मनाए जाने वाले 'पंचायत विकास दिवस' का जिला स्तरीय और पंचायत स्तरीय सफल आयोजन नालंदा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में किया गया। इस माह के विशेष कार्यक्रम का मुख्य विषय (थीम) "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" रखा गया था, जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। जिला प्रशासन की देखरेख में आयोजित इस विशेष दिवस की मुख्य विशेषताएं एवं उपलब्धियां निम्नलिखित हैं: जनभागीदारी और त्रिस्तरीय संवाद: - जिले के सभी पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों (मुखिया, वार्ड सदस्य), ग्राम सभा के सदस्यों, युवाओं और जीविका दीदियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेंशन और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर त्वरित कार्रवाई हेतु रोडमैप तैयार किया गया। महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल: - थीम के अनुरूप पंचायतों में महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। बैठक में मौजूद जीविका दीदियों को स्वरोजगार (जैसे गौ-पालन) और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की जानकारी दी गई। राज्य सरकार के निर्देशानुसार, जिले के प्रभारी पदाधिकारियों और वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों ने नालंदा के विभिन्न पंचायतों का भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया तथा ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। शत-प्रतिशत जनसहयोग और पारदर्शिता इस दिवस का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर आम लोगों की सहभागिता बढ़ाना और पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करना है। इस दौरान सरकार के द्वारा बढ़ाए गए बजट और आगामी योजनाओं (जैसे सोलर लाइट योजना एवं विकसित भारत जी-राम-जी अभियान) के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया गया। जिलाधिकारी, नालंदा का संदेश: "पंचायत विकास दिवस के माध्यम से हमारा लक्ष्य शासन को सीधे जनता के द्वार तक ले जाना है। नालंदा की सभी पंचायतों में आज का आयोजन बेहद सफल रहा है। 'महिला हितैषी ग्राम पंचायत' की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। हर महीने के अंतिम रविवार को यह अभियान इसी प्रकार पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ जारी रहेगा।" इस अवसर पर पौधारोपण कर जल जीवन हरियाली के प्रति लोगों को प्रेरित किया गया । इस अवसर पर श्री कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया, माननीय विधायक, हिलसा, जिला पदाधिकारी, नालन्दा एवं पुलिस अधीक्षक, नालन्दा , अनुमंडल पदाधिकारी हिलसा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी ,प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी आदि उपस्थित थें। Samrat Choudhary Information & Public Relations Department, Government of Bihar Kumar Ravi Bihar Health Department Panchayati Raj Department, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Jun 28, 2026

प्रेस विज्ञप्ति 
मद्य निषेध विभाग, नालंदा  सह  भारत स्काउट और गाइड नालंदा के तत्वावधान में आज जिले में शराबबंदी एवं नशा मुक्ति के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से एक भव्य प्रभात फेरी एवं जन- जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।
प्रभात फेरी का शुभारंभ प्रातः 7:00 बजे किया गया। रैली में मद्य निषेध   विभागीय पदाधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के स्काउट, गाइड, स्काउट मास्टर एवं गाइड कैप्टन, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने "नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो", "शराब से दूरी, परिवार में खुशहाली" तथा "नशा मुक्त बिहार, स्वस्थ बिहार" जैसे प्रेरणादायक नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। मद्य निषेध अधीक्षक श्री लाला अजय कुमार सुमन ने कहा कि नशा हमारे समाज का एक बहुत बड़ा कोढ़ है जो धीरे-धीरे समाज को खोखला कर रही है इससे हमें दूरी बनाने की आवश्यकता है ताकि हम और हमारा समाज सुखमय जीवन व्यतीत कर सके। इतना ही नहीं निरीक्षक नीतीश कुमार ने कहा कि हम सब युवाओं का परम कर्तव्य है कि हम नशा कर रहे लोगों को जागरूक करें ताकि उस परिवार का कल्याण हो सके।
रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहाँ आमजन को बिहार सरकार की मद्य निषेध नीति तथा नशामुक्त समाज के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर भारत स्काउट और गाइड के कोषाध्यक्ष श्री महेश कुमार ने लोगों को शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की ।
मद्य निषेध विभाग, नालन्दा के निरीक्षक श्री मुन्ना कुमार एवं श्रीमती पुष्पा कुमारी ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएँ और बिहार सरकार के मद्य निषेध अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। इस अवसर पर मध्य निषेध विभाग नालंदा के श्री अनिल कुमार शाह, मनोज कुमार, सुभाष कुमार, जितेंद्र कुमार जबकि भारत स्काउट और गाइड से श्री राजीव नंदन कुमार, समीर कुमार, शशि पाल कुमार, रामाधीन प्रसाद, दीपक कुमार, कुंदन कुमार, अमन कुमार बादल गाइड कैप्टन प्रीति सुमन स्काउट /गाइड धनंजय कुमार, अंकित कुमार सूरज कुमार, सोनी कुमारी एवं निशु कुमारी शामिल रहे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Prohibition,Excise & Registration Department, Bihar

प्रेस विज्ञप्ति मद्य निषेध विभाग, नालंदा सह भारत स्काउट और गाइड नालंदा के तत्वावधान में आज जिले में शराबबंदी एवं नशा मुक्ति के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से एक भव्य प्रभात फेरी एवं जन- जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। प्रभात फेरी का शुभारंभ प्रातः 7:00 बजे किया गया। रैली में मद्य निषेध विभागीय पदाधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के स्काउट, गाइड, स्काउट मास्टर एवं गाइड कैप्टन, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने "नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो", "शराब से दूरी, परिवार में खुशहाली" तथा "नशा मुक्त बिहार, स्वस्थ बिहार" जैसे प्रेरणादायक नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। मद्य निषेध अधीक्षक श्री लाला अजय कुमार सुमन ने कहा कि नशा हमारे समाज का एक बहुत बड़ा कोढ़ है जो धीरे-धीरे समाज को खोखला कर रही है इससे हमें दूरी बनाने की आवश्यकता है ताकि हम और हमारा समाज सुखमय जीवन व्यतीत कर सके। इतना ही नहीं निरीक्षक नीतीश कुमार ने कहा कि हम सब युवाओं का परम कर्तव्य है कि हम नशा कर रहे लोगों को जागरूक करें ताकि उस परिवार का कल्याण हो सके। रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहाँ आमजन को बिहार सरकार की मद्य निषेध नीति तथा नशामुक्त समाज के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर भारत स्काउट और गाइड के कोषाध्यक्ष श्री महेश कुमार ने लोगों को शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की । मद्य निषेध विभाग, नालन्दा के निरीक्षक श्री मुन्ना कुमार एवं श्रीमती पुष्पा कुमारी ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएँ और बिहार सरकार के मद्य निषेध अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। इस अवसर पर मध्य निषेध विभाग नालंदा के श्री अनिल कुमार शाह, मनोज कुमार, सुभाष कुमार, जितेंद्र कुमार जबकि भारत स्काउट और गाइड से श्री राजीव नंदन कुमार, समीर कुमार, शशि पाल कुमार, रामाधीन प्रसाद, दीपक कुमार, कुंदन कुमार, अमन कुमार बादल गाइड कैप्टन प्रीति सुमन स्काउट /गाइड धनंजय कुमार, अंकित कुमार सूरज कुमार, सोनी कुमारी एवं निशु कुमारी शामिल रहे। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Prohibition,Excise & Registration Department, Bihar

Nalanda, Bihar | Jun 28, 2026

प्रेस विज्ञप्ति 
नालन्दा।
..................... 
श्रीमती उदिता सिंह, जिलाधिकारी नालन्दा के निर्देशानुसार श्री राजीव रंजन कुमार सिन्हा, अपर समाहर्त्ता, नालन्दा एवं श्री रंजन कुमार चौधरी, उप विकास आयुक्त, नालन्दा द्वारा संयुक्त रूप से दिनांक 26.06.2026 को सदर अस्पताल, बिहारशरीफ का औचक निरीक्षण किया गया।

सर्वप्रथम आकस्मिक विभाग का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में मात्र तीन डॉ० श्री संत कुमार, डॉ० महेन्द्र कुमार एवं श्री सावन सुमन भौतिक रूप से उपस्थित पाये गये। ओ०टी० में डॉ० संजीव कुमार एवं डॉ० राजीव रंजन की ड्यूटी थी, किन्तु दोनों ही अनुपस्थित पाये गये।

उपस्थिति पंजी के अवलोकन से पाया गया कि दिनांक 26.06.2026 को सदर अस्पताल, बिहारशरीफ में कुल 48 चिकित्सक पदस्थापित थे, जिनमें से 21 चिकित्सक अनुपस्थित पाये गये।

मुहर्रम पर्व के अवसर पर उपाधीक्षक कार्यालय, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ द्वारा  निदेशित किया गया है कि सदर अस्पताल, बिहारशरीफ में पदस्थापित सभी चिकित्सक एवं पारा मेडिकल कर्मी अपने-अपने कर्त्तव्य स्थल पर Ready Mode में रहेंगे, ताकि किसी भी आकस्मिकता से निपटा जा सके, किन्तु उक्त आदेश के बावजूद मुहर्रम पर्व के दिन भी उक्त चिकित्सक / पारा मेडिकल स्टॉफ अनुपस्थित रहे। इससे प्रतीत होता है कि आदेश की अवहेलना चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ द्वारा प्रायः की जाती है, जो उनकी स्वेच्छाचारिता एवं सरकारी कार्य के प्रति लापरवाही को दर्शाता है।

विधि-व्यवस्था को देखते हुए मुहर्रम पर्व के दिन इनकी उपस्थिति अनिवार्य थी, ताकि किसी भी आकस्मिकता से निपटा जा सके। डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण प्रायः मरीजों को असुविधा उठानी पड़ती है। दिनांक 26.06.2026 को श्री त्रिभुवन पंडित, पिता छोटी पंडित, प्रखंड-बिहारशरीफ को गोली लगी थी, जिन्हें उपचार के लिए सदर अस्पताल, बिहारशरीफ लाया गया, किन्तु सर्जन चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण रेफर कर दिया गया। उक्त अनुपस्थित चिकित्सक/ पारा मेडिकल / नर्सिंग स्टॉफ के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

मो० इमरान, प्रबंधक, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ के द्वारा बताया गया कि चिकित्सक / नर्सिंग स्टॉफ का प्रत्येक दो दिनों पर रोस्टर बनता है। निरीक्षण के कम में रात्रि 09.00 बजे डॉ० प्रियका, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ उपस्थित हुईं। उनके द्वारा बताया गया कि आज उनकी रोस्टर ड्यूटी है, किन्तु तत्संबंधी रोस्टर ड्यूटी प्रबंधक द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इस संबंध में प्रबंधक द्वारा एक अन्य रोस्टर की बात डॉ० प्रियंका के आने के बाद बताया गया, जो पहले प्रस्तुत नहीं किया गया। यह संदेहास्पद प्रतीत होता है कि चिकित्सकों का दो-दो रोस्ट्रर तैयार किया जाता है। 
प्रबंधक द्वारा बताया गया कि चिकित्सक का रोस्टर उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ द्वारा बनाया जाता है। पाया गया कि उपस्थिति पंजी एवं रोस्टर पंजी में किसी प्रकार का मेल नहीं था।

प्रबंधक द्वारा बताया गया कि डॉ० राजीव रंजन, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ जो सर्जन है, के पिता की मृत्यु हो गयी है, जिसके कारण वे अनुपस्थित है, किन्तु मुहर्रम पर्व को देखते हुए आकस्मिक विभाग में सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाना अपेक्षित था। ऐसे में उनके स्थान पर किसी अन्य सर्जन की उपस्थिति सुनिश्चित कराया जाना अनिवार्य था, जो नहीं कराया गया।

पाया गया कि मुहर्रम के दिन ओ०टी० में कोई डॉ० उपस्थित नहीं था, जबकि मुहर्रम के दिन सर्जन चिकित्सक की उपस्थिति आवश्यक थी। ऐसा प्रतीत होता है कि सिविल सर्जन, नालन्दा एवं प्रबंधक के द्वारा इसका अनुश्रवण नहीं किया जा रहा है।

दिनांक 26.06.2026 को श्री त्रिभुवन पंडित, पिता छोटी पंडित, प्रखंड-बिहारशरीफ को गोली लगी थी, जिन्हें उपचार के लिए सदर अस्पताल लाया गया था, किन्तु कोई भी सर्जन नहीं रहने के कारण उन्हें रेफर कर दिया गया। आकस्मिक विभाग में मरीजों के प्रविष्टि पंजी में श्री त्रिभुवन पंडित के नाम की भी प्रविष्टि नहीं की गयी। इस संबंध में प्रबंधक द्वारा बताया गया कि कोई सर्जन नहीं रहने के कारण रेफर किया गया। निदेशित किया गया कि आकस्मिक विभाग में मरीजों का नाम प्रविष्टि पंजी में आवश्यक रूप से दर्ज करना सुनिश्चित करेंगे।

आकस्मिक विभाग में बेड गंदा पाया गया, जबकि बेड प्रतिदिन बदलने का प्रावधान है। इस संबंध में प्रबंधक से पृच्छा करने पर उनके द्वारा स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।

जेनरल वार्ड का निरीक्षण करने पर मरीज श्री सुधांशु कुमार, लड्डू कुमार व पूनम देवी द्वारा बताया गया कि खाना नहीं मिला है, जबकि प्रत्येक मरीज को खाना देने का प्रावधान सरकार द्वारा किया गया है। उसी तरह प्रसूति वार्ड का निरीक्षण करने पर श्रीमती पूनम कुमारी द्वारा बताया गया कि 08 दिनों से भर्ती है, किन्तु आज दिनांक 26.06.2026 Discharge कर दिया गया है, किन्तु दवा नहीं मिलने के कारण वे रूक गई हैं। Discharge हो जाने के कारण खाना नहीं दिया गया। श्री सुजीत कुमार, एकाउंट प्रबंधक द्वारा बताया गया कि मुहर्रम के कारण आज दिनांक 26.06.2026 को ओ०पी०डी० बंद था, जिसके कारण दवा नहीं मिला। जब उक्त तिथि को ओ०पी०डी० बंद था, तो किस परिस्थिति में मरीज को Discharge किया गया।

ANC Ward का निरीक्षण करने पर एक मरीज द्वारा बताया गया कि बार-बार उल्टी हो रही है, किन्तु उल्टी करने के लिए कोई साधन या व्यवस्था नहीं है। 
जिलाधिकारी महोदय द्वारा सिविल सर्जन/प्रबंधक को निदेशित किया गया कि अविलम्ब इसकी समुचित व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें, ताकि मरीज को किसी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।
एम्बुलेंस की स्थिति के संदर्भ में पृच्छा करने पर प्रबंधक द्वारा बताया गया कि सदर अस्पताल, बिहारशरीफ में 07 एम्बुलेंस है, जो सभी क्रियाशील है। 07 एम्बुलेंस की स्थिति के संदर्भ में बताया गया कि 02 सदर अस्पताल में है। मुहर्रम पर्व के मद्देनजर 02 नालन्दा समाहरणालय में है।
 सिटी स्कैन खराब रहने के कारण मरीज को लेकर 02 एम्बुलेंस विम्स, पावापुरी गया है, किन्तु दिनांक 27.06.2026 तक सिटी स्कैन ठीक हो जायेगा। एक मरीज को सॉप काट लिया है, जिन्हें पटना रेफर किया गया है, जिसे लेकर 01 एम्बुलेंस पटना गया है। इस संबंध में एम्बुलेंस परिचालन से संबंधित पंजी की मॉग की गयी, किन्तु प्रबंधक द्वारा पंजी उपलब्ध नहीं कराया गया तथा उनके द्वारा बताया गया कि एम्बुलेंस परिचालन से संबंधित पंजी संधारित नहीं की जाती है, बल्कि लॉग बुक संधारित किया जाता है। एम्बुलेंस परिचालन से संबंधित पंजी संधारित नहीं होने की स्थिति में यह स्पष्ट नहीं होता है कि कौन एम्बुलेंस कहाँ गया है तथा किस कार्य के लिए गया है। प्रबंधक को निदेशित किया गया कि एम्बुलेंस परिचालन से संबंधित पंजी अविलम्ब संधारित करना सुनिश्चित करें।

उक्त से प्रतीत होता है कि सिविल सर्जन एवं प्रबंधक द्वारा सतत् अनुश्रवण नहीं किया जाता है, जिसके कारण आये दिन समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

जिलाधिकारी महोदय द्वारा सिविल सर्जन को निदेशित किया गया कि प्रतिदिन सदर अस्पताल का सतत् अनुश्रवण करेंगे, ताकि किसी प्रकार की समस्या पाये जाने पर अविलम्ब समुचित कार्रवाई की जा सके। उपस्थिति पंजी एवं रोस्टर में किसी प्रकार का मेल नहीं होने के संदर्भ में निदेशित किया गया कि चिकित्सक व अन्य नर्सिंग स्टॉफ का अलग-अलग रोस्टर सही ढंग से तैयार करवाते हुए उपस्थिति सुनिश्चित करायेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।

बरसात के मौसम में साँप काटने की शिकायत बहुत आती है। ऐसे मरीजों को अविलम्ब उपचार की आवश्यकता होती है। साँप काटने से संबंधित दवा अविलम्ब उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। साथ ही सदर अस्पताल परिसर की साफ-सफाई अच्छी तरह से कराने का भी निदेश दिया गया।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Bihar Health Department

प्रेस विज्ञप्ति नालन्दा। ..................... श्रीमती उदिता सिंह, जिलाधिकारी नालन्दा के निर्देशानुसार श्री राजीव रंजन कुमार सिन्हा, अपर समाहर्त्ता, नालन्दा एवं श्री रंजन कुमार चौधरी, उप विकास आयुक्त, नालन्दा द्वारा संयुक्त रूप से दिनांक 26.06.2026 को सदर अस्पताल, बिहारशरीफ का औचक निरीक्षण किया गया। सर्वप्रथम आकस्मिक विभाग का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में मात्र तीन डॉ० श्री संत कुमार, डॉ० महेन्द्र कुमार एवं श्री सावन सुमन भौतिक रूप से उपस्थित पाये गये। ओ०टी० में डॉ० संजीव कुमार एवं डॉ० राजीव रंजन की ड्यूटी थी, किन्तु दोनों ही अनुपस्थित पाये गये। उपस्थिति पंजी के अवलोकन से पाया गया कि दिनांक 26.06.2026 को सदर अस्पताल, बिहारशरीफ में कुल 48 चिकित्सक पदस्थापित थे, जिनमें से 21 चिकित्सक अनुपस्थित पाये गये। मुहर्रम पर्व के अवसर पर उपाधीक्षक कार्यालय, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ द्वारा निदेशित किया गया है कि सदर अस्पताल, बिहारशरीफ में पदस्थापित सभी चिकित्सक एवं पारा मेडिकल कर्मी अपने-अपने कर्त्तव्य स्थल पर Ready Mode में रहेंगे, ताकि किसी भी आकस्मिकता से निपटा जा सके, किन्तु उक्त आदेश के बावजूद मुहर्रम पर्व के दिन भी उक्त चिकित्सक / पारा मेडिकल स्टॉफ अनुपस्थित रहे। इससे प्रतीत होता है कि आदेश की अवहेलना चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ द्वारा प्रायः की जाती है, जो उनकी स्वेच्छाचारिता एवं सरकारी कार्य के प्रति लापरवाही को दर्शाता है। विधि-व्यवस्था को देखते हुए मुहर्रम पर्व के दिन इनकी उपस्थिति अनिवार्य थी, ताकि किसी भी आकस्मिकता से निपटा जा सके। डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण प्रायः मरीजों को असुविधा उठानी पड़ती है। दिनांक 26.06.2026 को श्री त्रिभुवन पंडित, पिता छोटी पंडित, प्रखंड-बिहारशरीफ को गोली लगी थी, जिन्हें उपचार के लिए सदर अस्पताल, बिहारशरीफ लाया गया, किन्तु सर्जन चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण रेफर कर दिया गया। उक्त अनुपस्थित चिकित्सक/ पारा मेडिकल / नर्सिंग स्टॉफ के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। मो० इमरान, प्रबंधक, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ के द्वारा बताया गया कि चिकित्सक / नर्सिंग स्टॉफ का प्रत्येक दो दिनों पर रोस्टर बनता है। निरीक्षण के कम में रात्रि 09.00 बजे डॉ० प्रियका, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ उपस्थित हुईं। उनके द्वारा बताया गया कि आज उनकी रोस्टर ड्यूटी है, किन्तु तत्संबंधी रोस्टर ड्यूटी प्रबंधक द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इस संबंध में प्रबंधक द्वारा एक अन्य रोस्टर की बात डॉ० प्रियंका के आने के बाद बताया गया, जो पहले प्रस्तुत नहीं किया गया। यह संदेहास्पद प्रतीत होता है कि चिकित्सकों का दो-दो रोस्ट्रर तैयार किया जाता है। प्रबंधक द्वारा बताया गया कि चिकित्सक का रोस्टर उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ द्वारा बनाया जाता है। पाया गया कि उपस्थिति पंजी एवं रोस्टर पंजी में किसी प्रकार का मेल नहीं था। प्रबंधक द्वारा बताया गया कि डॉ० राजीव रंजन, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ जो सर्जन है, के पिता की मृत्यु हो गयी है, जिसके कारण वे अनुपस्थित है, किन्तु मुहर्रम पर्व को देखते हुए आकस्मिक विभाग में सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाना अपेक्षित था। ऐसे में उनके स्थान पर किसी अन्य सर्जन की उपस्थिति सुनिश्चित कराया जाना अनिवार्य था, जो नहीं कराया गया। पाया गया कि मुहर्रम के दिन ओ०टी० में कोई डॉ० उपस्थित नहीं था, जबकि मुहर्रम के दिन सर्जन चिकित्सक की उपस्थिति आवश्यक थी। ऐसा प्रतीत होता है कि सिविल सर्जन, नालन्दा एवं प्रबंधक के द्वारा इसका अनुश्रवण नहीं किया जा रहा है। दिनांक 26.06.2026 को श्री त्रिभुवन पंडित, पिता छोटी पंडित, प्रखंड-बिहारशरीफ को गोली लगी थी, जिन्हें उपचार के लिए सदर अस्पताल लाया गया था, किन्तु कोई भी सर्जन नहीं रहने के कारण उन्हें रेफर कर दिया गया। आकस्मिक विभाग में मरीजों के प्रविष्टि पंजी में श्री त्रिभुवन पंडित के नाम की भी प्रविष्टि नहीं की गयी। इस संबंध में प्रबंधक द्वारा बताया गया कि कोई सर्जन नहीं रहने के कारण रेफर किया गया। निदेशित किया गया कि आकस्मिक विभाग में मरीजों का नाम प्रविष्टि पंजी में आवश्यक रूप से दर्ज करना सुनिश्चित करेंगे। आकस्मिक विभाग में बेड गंदा पाया गया, जबकि बेड प्रतिदिन बदलने का प्रावधान है। इस संबंध में प्रबंधक से पृच्छा करने पर उनके द्वारा स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। जेनरल वार्ड का निरीक्षण करने पर मरीज श्री सुधांशु कुमार, लड्डू कुमार व पूनम देवी द्वारा बताया गया कि खाना नहीं मिला है, जबकि प्रत्येक मरीज को खाना देने का प्रावधान सरकार द्वारा किया गया है। उसी तरह प्रसूति वार्ड का निरीक्षण करने पर श्रीमती पूनम कुमारी द्वारा बताया गया कि 08 दिनों से भर्ती है, किन्तु आज दिनांक 26.06.2026 Discharge कर दिया गया है, किन्तु दवा नहीं मिलने के कारण वे रूक गई हैं। Discharge हो जाने के कारण खाना नहीं दिया गया। श्री सुजीत कुमार, एकाउंट प्रबंधक द्वारा बताया गया कि मुहर्रम के कारण आज दिनांक 26.06.2026 को ओ०पी०डी० बंद था, जिसके कारण दवा नहीं मिला। जब उक्त तिथि को ओ०पी०डी० बंद था, तो किस परिस्थिति में मरीज को Discharge किया गया। ANC Ward का निरीक्षण करने पर एक मरीज द्वारा बताया गया कि बार-बार उल्टी हो रही है, किन्तु उल्टी करने के लिए कोई साधन या व्यवस्था नहीं है। जिलाधिकारी महोदय द्वारा सिविल सर्जन/प्रबंधक को निदेशित किया गया कि अविलम्ब इसकी समुचित व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें, ताकि मरीज को किसी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े। एम्बुलेंस की स्थिति के संदर्भ में पृच्छा करने पर प्रबंधक द्वारा बताया गया कि सदर अस्पताल, बिहारशरीफ में 07 एम्बुलेंस है, जो सभी क्रियाशील है। 07 एम्बुलेंस की स्थिति के संदर्भ में बताया गया कि 02 सदर अस्पताल में है। मुहर्रम पर्व के मद्देनजर 02 नालन्दा समाहरणालय में है। सिटी स्कैन खराब रहने के कारण मरीज को लेकर 02 एम्बुलेंस विम्स, पावापुरी गया है, किन्तु दिनांक 27.06.2026 तक सिटी स्कैन ठीक हो जायेगा। एक मरीज को सॉप काट लिया है, जिन्हें पटना रेफर किया गया है, जिसे लेकर 01 एम्बुलेंस पटना गया है। इस संबंध में एम्बुलेंस परिचालन से संबंधित पंजी की मॉग की गयी, किन्तु प्रबंधक द्वारा पंजी उपलब्ध नहीं कराया गया तथा उनके द्वारा बताया गया कि एम्बुलेंस परिचालन से संबंधित पंजी संधारित नहीं की जाती है, बल्कि लॉग बुक संधारित किया जाता है। एम्बुलेंस परिचालन से संबंधित पंजी संधारित नहीं होने की स्थिति में यह स्पष्ट नहीं होता है कि कौन एम्बुलेंस कहाँ गया है तथा किस कार्य के लिए गया है। प्रबंधक को निदेशित किया गया कि एम्बुलेंस परिचालन से संबंधित पंजी अविलम्ब संधारित करना सुनिश्चित करें। उक्त से प्रतीत होता है कि सिविल सर्जन एवं प्रबंधक द्वारा सतत् अनुश्रवण नहीं किया जाता है, जिसके कारण आये दिन समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी महोदय द्वारा सिविल सर्जन को निदेशित किया गया कि प्रतिदिन सदर अस्पताल का सतत् अनुश्रवण करेंगे, ताकि किसी प्रकार की समस्या पाये जाने पर अविलम्ब समुचित कार्रवाई की जा सके। उपस्थिति पंजी एवं रोस्टर में किसी प्रकार का मेल नहीं होने के संदर्भ में निदेशित किया गया कि चिकित्सक व अन्य नर्सिंग स्टॉफ का अलग-अलग रोस्टर सही ढंग से तैयार करवाते हुए उपस्थिति सुनिश्चित करायेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े। बरसात के मौसम में साँप काटने की शिकायत बहुत आती है। ऐसे मरीजों को अविलम्ब उपचार की आवश्यकता होती है। साँप काटने से संबंधित दवा अविलम्ब उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। साथ ही सदर अस्पताल परिसर की साफ-सफाई अच्छी तरह से कराने का भी निदेश दिया गया। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Bihar Health Department

Nalanda, Bihar | Jun 27, 2026

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