वज्रपात से सुरक्षा: नटेरन के सभी स्कूलों में एक साथ गूंजा जागरूकता का संदेश, बच्चों को सिखाए आकाशीय बिजली से बचाव के गुर
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वर्तमान वर्षा ऋतु के दृष्टिगत आकाशीय बिजली (तड़ित) गिरने की घटनाओं से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए विदिशा जिला प्रशासन बेहद गंभीर है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता एवं अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) नटेरन अजय प्रताप सिंह पटेल के कुशल निर्देशन में मंगलवार को ब्लॉक नटेरन के प्रत्येक स्कूल में एक साथ सुबह 11:00 बजे विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस महाअभियान के तहत शासकीय और अशासकीय (प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी) स्कूलों के बच्चों को आकाशीय बिजली और वज्रपात से बचने के उपाय सिखाए गए।
अधिकारियों के निर्देशानुसार, आपदा प्रबंधन से संबंधित विशेष पत्रक/पोस्टर ब्लॉक के सभी स्कूलों में प्रमुखता से चस्पा कराए गए हैं और बच्चों के बीच भी इनका वितरण किया गया है ताकि वे घर-परिवार और समाज को भी जागरूक कर सकें।
सांदीपनि स्कूल में बीआरसी ने बच्चों को दी लाइव ट्रेनिंग -
इस महाअभियान के अंतर्गत विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसी) ईश्वर शर्मा ने सांदीपनि स्कूल कैंपस-2 में पहुंचकर बच्चों को आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने बच्चों को समझाया कि बिजली चमकने या कड़कने के दौरान घबराने की बजाय सतर्क रहना जरूरी है। बीआरसी शर्मा ने स्कूल परिसर के भीतर और बाहर रहने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विभाग द्वारा जारी: 'क्या करें' और 'क्या न करें' के मुख्य बिंदु -
शिक्षकों और बच्चों को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा होमगार्ड एवं SDERF जिला विदिशा द्वारा जारी निम्नलिखित महत्वपूर्ण गाइडलाइंस का पालन करने की समझाइश दी गई। यदि आप स्कूल/इमारत के अंदर हैं (सुरक्षा उपाय) - बिजली चमकने या कड़कने के दौरान खिड़कियों, दरवाजों, बरामदों और खुली छतों से तुरंत दूर हट जाएं। पानी के स्रोतों जैसे नल, सिंक, वॉशबेसिन या प्लंबिंग सिस्टम (पाइप आदि) को छूने से बचें। टीवी, कंप्यूटर, प्रिंटर आदि विद्युत उपकरणों के प्लग तुरंत निकाल दें। कॉर्ड (तार) वाले लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
यदि आप बाहर या खुले मैदान में हैं - खेल के मैदान या रास्ते में सबसे ऊंचे या अकेले पेड़ों के नीचे कतई शरण न लें, क्योंकि ये बिजली को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। सुरक्षित स्थान का चयन करते हुए यथाशीघ्र किसी पक्के मकान या सुरक्षित इमारत के अंदर जाएं। यदि पक्की इमारत न हो, तो किसी नीची जगह या गड्ढे में झुककर बैठ जाएं। लोहे की छड़ें, साइकिल, धातु की बाड़ या लोहे की ताड़ी वाले छातों से तुरंत दूर हट जाएं। नदी, तालाब, झील या जलभराव वाले क्षेत्रों से तुरंत बाहर निकलें।
आवागमन (वाहन) के दौरान सावधानी - बस या कार जैसे मेटल (लोहे) की बंद छत वाले वाहनों के अंदर बैठना पूरी तरह सुरक्षित है, बशर्ते उसकी खिड़कियां पूरी तरह बंद हों। बाइक, साइकिल, ऑटो या ट्रैक्टर जैसे बिना छत वाले वाहनों से यात्रा करना जानलेवा हो सकता है, तुरंत किसी पक्के मकान में शरण लें। आपातकालीन विशेष मुद्रा (Crouch Position) - यदि कोई बच्चा या व्यक्ति खुले मैदान में फंस गया हो और आसपास कोई पक्की इमारत न हो, तो वह जमीन पर उकड़ू (crouch) होकर बैठ जाए, अपने सिर को घुटनों के बीच रख ले और कानों को हाथों से मजबूती से बंद कर ले। ध्यान रहे, जमीन पर लेटना बिल्कुल नहीं है।
विशेष नोट - बिजली कड़कने की आवाज बंद होने के कम से कम 30 मिनट बाद तक सभी बच्चे और शिक्षक सुरक्षित स्थान पर ही रहें। किसी भी प्रकार की आपदा या वज्रपात की तुरंत जानकारी के लिए प्रशासन द्वारा दामिनी ऐप (Damini App) डाउनलोड करने की सलाह दी गई है। साथ ही आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1070 और 1079 पर कॉल कर मदद ली जा सकती है। इस वृहद आयोजन को सफल बनाने में संकुल प्राचार्य, जनशिक्षक, संस्था प्रमुखों व समस्त शिक्षक स्टाफ का विशेष योगदान रहा। #vidisha
1 views | Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 7, 2026