दरभंगा में मध्यमा परीक्षा-2027 की तैयारी को लेकर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित
अधिकाधिक विद्यार्थियों की सहभागिता, समय पर परीक्षा फॉर्म भरने और बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए विद्यालयवार लक्ष्य निर्धारित करने पर जोर
दरभंगा, 15 अक्टूबर 2026।
बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के तत्वावधान में आज दरभंगा स्थित गोविंदा होटल में दरभंगा जिले के सभी संस्कृत उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मध्यमा परीक्षा-2027 की तैयारियों, विद्यार्थियों के नामांकन एवं परीक्षा फॉर्म भरने की स्थिति, विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, शैक्षणिक व्यवस्था तथा विद्यालयों के समग्र विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सभी विद्यालयों से बारी-बारी से रिपोर्ट प्राप्त की गई। मध्यमा परीक्षा-2026 में विद्यालयों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए वर्तमान शैक्षणिक स्थिति का आकलन किया गया तथा मध्यमा परीक्षा-2027 में अधिकाधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विद्यालयवार लक्ष्य निर्धारित करने पर बल दिया गया। इस दौरान प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों ने अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए और संस्कृत शिक्षा के विकास के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।
बैठक को संबोधित करते हुए बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष श्री मृत्युंजय कुमार झा ने कहा कि दरभंगा जिले ने मध्यमा परीक्षा-2026 में जिस प्रकार बेहतर सहभागिता और उल्लेखनीय उपलब्धि का परिचय दिया है, उसी उत्साह के साथ मध्यमा परीक्षा-2027 में भी नया कीर्तिमान स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए। इसके लिए सभी प्रधानाध्यापक, शिक्षक एवं विद्यालय प्रबंधन अभी से योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ सभी विद्यार्थियों का परीक्षा फॉर्म निर्धारित समय सीमा के भीतर भरवाना प्राथमिकता होनी चाहिए। विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का नियमित आकलन, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और परीक्षा की तैयारी पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
श्री झा ने बताया कि विद्यार्थियों को मध्यमा परीक्षा की बेहतर तैयारी कराने के उद्देश्य से जनवरी-फरवरी 2027 में वेबसाइट पोर्टल के माध्यम से विशेष ऑनलाइन कक्षाएँ संचालित करने की योजना है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा की दृष्टि से बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना तथा उनकी तैयारी को अधिक प्रभावी बनाना है।
विद्यालयों के विकास के संबंध में उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का संस्कृत शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण है। मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री सहित सरकार के विभिन्न स्तरों पर संस्कृत विद्यालयों की उन्नति, शैक्षणिक वातावरण में सुधार तथा स्थानीय सहभागिता बढ़ाने जैसे विषयों पर लगातार संवाद और प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार के सकारात्मक सहयोग से संस्कृत विद्यालयों के विकास को नई गति मिलेगी। विद्यालयों में विभिन्न समितियों की सक्रियता तथा स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी आवश्यक पहल की जाएगी।
इस अवसर पर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के सदस्य एवं विधानसभा में सचेतक श्री विनय चौधरी ने भी उपस्थित प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए संस्कृत शिक्षा के विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी समृद्ध भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसके संरक्षण, संवर्धन और प्रसार के लिए सभी संबंधित लोगों को सामूहिक जिम्मेदारी के साथ आगे आना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से सरकार की सकारात्मक पहलों को जन-जन तक पहुँचाने तथा संस्कृत शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आग्रह किया।
बैठक का संचालन करते हुए बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के सदस्य श्री अरुण कुमार झा ने दरभंगा जिले में संस्कृत विद्यालयों की स्थिति में सुधार तथा विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने के लिए सक्रिय पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न संस्कृत विद्यालयों का दौरा कर उनकी वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा। विद्यालयों की समस्याओं को समझते हुए नामांकन एवं परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने और मध्यमा परीक्षा-2027 में अधिकाधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
बैठक के अंत में शिक्षक संघ के सचिव श्री समीर कुमार झा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष, बोर्ड के सदस्यों, सभी प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बैठक में दरभंगा जिले के विभिन्न संस्कृत उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक उपस्थित रहे। बैठक सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई। सभी ने संस्कृत शिक्षा को सुदृढ़ बनाने, विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार करने तथा मध्यमा परीक्षा-2027 में विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाकर बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए समन्वित प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक का मुख्य संकल्प रहा—दरभंगा जिले के संस्कृत विद्यालयों को सशक्त बनाना, प्रत्येक योग्य विद्यार्थी की परीक्षा में सहभागिता सुनिश्चित करना और मध्यमा परीक्षा-2027 में नया कीर्तिमान स्थापित करना।