32 वर्षों तक शिक्षा की अलख जगाने के बाद आशा राणा सेवानिवृत्त, विदाई समारोह में भावुक हुए शिक्षक और विद्यार्थी
किलाड़, 31 अक्टूबर। जनजातीय क्षेत्र पांगी में शिक्षा के क्षेत्र में करीब 32 वर्षों तक अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं देने के बाद आशा राणा शनिवार को सेवानिवृत्त हो गईं। उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर पीएमश्री राजकीय उत्कर्ष वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किलाड़ में विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यालय के शिक्षक स्टाफ और विद्यार्थियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। समारोह में कई पल ऐसे रहे, जब शिक्षक और विद्यार्थी भावुक नजर आए।
आशा राणा ने अप्रैल 1992 में बतौर क्राफ्ट्स अध्यापिका पीएमश्री राजकीय उत्कर्ष वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किलाड़ से अपने सेवाकाल की शुरुआत की थी। अपने लगभग 32 वर्षों के लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने पांगी घाटी के विभिन्न विद्यालयों में अध्यापन कार्य करते हुए विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाई। शिक्षण कार्य के साथ-साथ उन्होंने विभिन्न छात्रावासों में वार्डन के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन किया।
उनकी कर्तव्यनिष्ठा, सरल स्वभाव और विद्यार्थियों के प्रति स्नेहपूर्ण व्यवहार ने उन्हें शिक्षा जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनके योगदान को याद करते हुए विद्यालय परिवार ने उनके लंबे सेवाकाल की सराहना की।
समारोह के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य अनूप कुमार धर्माणी ने आशा राणा को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आशा राणा का विद्यालय और पांगी क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि आशा राणा ही नहीं, बल्कि उनका पूरा परिवार शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएं दे रहा है। उनकी दो छोटी बहनें और एक भाई भी शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि परिवार के बड़े भाई कृष्ण चंद राणा मीडिया एवं लेखन क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।
प्रधानाचार्य ने आशा राणा के पिता श्री चुनीलाल राणा के शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को भी याद किया। उन्होंने बताया कि चुनीलाल राणा ने वर्ष 1961 के दशक में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं शुरू की थीं और लंबे समय तक पांगी क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाई। बाद में वह खंड शिक्षा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनका जीवन और शिक्षा के प्रति समर्पण परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत रहा है।
विदाई समारोह के दौरान विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ ने आशा राणा के साथ बिताए यादगार पलों को साझा किया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं खुशहाल सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।
पांगी घाटी में शिक्षा की सेवा को समर्पित आशा राणा का 32 वर्षों का सफर निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
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Saach, Chamba | Oct 31, 2026