पुलिस अधीक्षक ने किया शहर का संध्याकालीन भ्रमण, संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों एवं दुर्ग क्षेत्र की यातायात व्यवस्था का लिया जायजा।
दैनिक वीरधरा राजस्थान।
चित्तौड़गढ़। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने शुक्रवार सायंकाल शहर क्षेत्र का व्यापक भ्रमण कर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों तथा यातायात प्रबंधन का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ पुलिस उप अधीक्षक बृजेश सिंह, थानाधिकारी कोतवाली रजनीश, थानाधिकारी सदर प्रेमसिंह एवं पुलिस निरीक्षक सुनीता गुर्जर मौजूद रहे।
भ्रमण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने गोल प्याऊ चौराहा, बूंदी रोड, किला क्षेत्र, सुभाष चौक, गांधी नगर, घटियावली रोड सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों का निरीक्षण किया। उन्होंने संभावित नाकाबंदी स्थलों की उपयोगिता एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर प्रभावी नाकाबंदी सुनिश्चित करने, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन जांच करने तथा संवेदनशील स्थानों पर सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
इसके उपरांत पुलिस अधीक्षक ने ऐतिहासिक दुर्ग क्षेत्र का दौरा कर वहां पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के दौरान बनने वाली यातायात स्थिति एवं जाम की संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने दुर्ग मार्ग पर यातायात को सुचारू एवं सुरक्षित बनाए रखने, वाहनों की व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करने तथा पर्यटकों एवं आमजन को अनावश्यक असुविधा से बचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, यातायात प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने शहर के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था का अवलोकन किया तथा अधिकारियों से कानून-व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित गश्त, प्रभावी निगरानी तथा आमजन के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि आमजन की सुरक्षा, अपराधों की रोकथाम तथा शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से नियमित गश्त, संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों की समय-समय पर समीक्षा, प्रभावी यातायात प्रबंधन तथा आवश्यकता अनुसार नाकाबंदी की व्यवस्था निरंतर जारी रहेगी, ताकि आमजन एवं पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।