#आँखें_नम_कर_देने_वाली_घटना..
यह घटना राजस्थान के अजमेर जिले के भवानीखेड़ा (नरवर) गांव की है, जहाँ भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए जवान सन्नी सिंह रावत के पिता कृपाल सिंह रावत का निधन हो गया।
दरअसल, कृपाल सिंह रावत का सपना था कि उनका बेटा भारतीय सेना की वर्दी पहने और देश की सेवा करे। बेटे सन्नी सिंह रावत ने कड़ी मेहनत की और उनका चयन 'अग्निवीर' के रूप में हुआ, जिसके बाद वे अपनी ट्रेनिंग के लिए चले गए थे। जब सन्नी अपने ट्रेनिंग सेंटर (घर से करीब 1100 किलोमीटर दूर) पर थे, तभी उनके पिता कृपाल सिंह का हाई ब्लड शुगर और हार्ट फेल (दिल का दौरा) होने के कारण आकस्मिक निधन हो गया।
पिता के निधन की खबर मिलते ही सन्नी 5 दिन की छुट्टी लेकर हवाई मार्ग से तुरंत अपने गांव पहुंचे। उन्होंने सेना की वर्दी पहनकर अपने दिवंगत पिता को अंतिम सलामी (लास्ट सैल्यूट) दी और उनका अंतिम संस्कार किया।
जिस वर्दी में पिता अपने बेटे को जीवित देखना चाहते थे, उसी वर्दी में बेटे ने उन्हें अंतिम विदाई दी, जिसने पूरे गांव और सोशल मीडिया पर लोगों को भावुक कर दिया।