नारायणगंज में समावेशी शिक्षा पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न, 185 शिक्षकों को मिला विशेष ज्ञान
दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
आकांक्षी विकासखंड योजना के तहत चयनित विकासखंड नारायणगंज में 9 से 13 जून तक शासकीय मॉडल स्कूल कुड़ामैली में समावेशी शिक्षा पर पाँच दिवसीय मल्टी-कैटेगरी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रद्धा सोनी के नेतृत्व में चले इस प्रशिक्षण में सीडब्ल्यूएसएन बच्चों को पढ़ाने वाले 173 शिक्षक और 12 जन शिक्षक सहित कुल 185 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में पढ़ने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों के शिक्षकों को ब्रेल लिपि, सांकेतिक भाषा, विशेष शिक्षण तकनीक और व्यक्तिगत शैक्षिक कार्यक्रम यानी आईईपी की जानकारी देना था।
प्रशिक्षण में शिक्षकों को बताया गया कि दिव्यांग बच्चों का सामान्य बच्चों की तरह नामांकन सुनिश्चित किया जाए और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। ब्रेल लिपि के उपयोग, सांकेतिक भाषा के व्यावहारिक अभ्यास, अधिगम स्तर के मूल्यांकन, 21 प्रकार की दिव्यांगताओं की पहचान और उनके अनुरूप शिक्षण पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। मास्टर ट्रेनरों श्री संदीप सोनी, श्री प्रशांत वैद्य, श्री अरविंद यादव, श्रीमती सीमा यादव, शेख इरफान, श्री पंकज उईके, श्रीमती शंकरिया उईके और श्रीमती शालिनी ठाकुर ने सत्रों का संचालन किया।
जिला परियोजना समन्वयक श्री कुलदीप कटहल ने कहा कि समावेशित शिक्षा पर जिले में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समावेशित शिक्षा प्रभारी सहायक परियोजना समन्वयक श्री के.के. उपाध्याय ने कहा कि समावेशी शिक्षा केवल शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज के हर बच्चे को समान अवसर देने का संकल्प है। दिव्यांग विद्यार्थियों में अपार प्रतिभा होती है, जरूरत है उन्हें उचित मार्गदर्शन, सहयोग और अनुकूल वातावरण देने की। उन्होंने शिक्षकों से संवेदनशीलता और धैर्य के साथ काम कर प्रत्येक बच्चे को मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान किया।
समापन अवसर पर श्री उपाध्याय ने शिक्षकों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि समावेशी शिक्षा का मूल उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को उसकी आवश्यकता और क्षमता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। दिव्यांग बच्चे किसी भी दृष्टि से कम नहीं हैं, उन्हें सही अवसर और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण चाहिए। इस पाँच दिवसीय प्रशिक्षण से शिक्षकों को ब्रेल लिपि, सांकेतिक भाषा और आईईपी की व्यावहारिक जानकारी मिली है। प्रशिक्षित शिक्षक अब विद्यालयों में समावेशी शिक्षा को प्रभावी ढंग से लागू कर सीडब्ल्यूएसएन बच्चों के शैक्षणिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को सुनिश्चित करेंगे।
कार्यक्रम में शिक्षा समिति अध्यक्ष श्री अविनाश शर्मा, बीआरसी श्री कमलेश भवेदी, प्राचार्य एडमोन लकणा, प्राचार्य श्री चितामणि वैष्णव, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री राजेश विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे। समापन पर स्वामी विवेकानंद का कथन भी साझा किया गया कि ईश्वर जिन्हें अधिक चाहता है, उन्हें शिक्षक बना देता है। वक्ताओं ने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे समर्पण के साथ विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ें।
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