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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा को लेकर जन अधिकार पार्टी ने ज्ञापन देकर उठाई मांग

Orai, Jalaun | Jul 25, 2026

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राजकीय मेडिकल कॉलेज में डीएम ने परखी स्वास्थ्य सेवाएं, जांची दवा वितरण व्यवस्था

दवा उपलब्धता की रैंडम जांच, बुजुर्ग मरीजों की विशेष देखभाल के दिए निर्देश

उरई (जालौन)।जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने राजकीय मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण कर ओपीडी, दवा वितरण काउंटर, इमरजेंसी सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, दवा वितरण व्यवस्था तथा मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का स्थलीय सत्यापन करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान ओपीडी से दवा लेकर बाहर निकल रही ग्राम भदारी, विकास खंड कोंच की मंजू देवी का जिलाधिकारी ने हालचाल जाना। उन्होंने पूछा कि चिकित्सक द्वारा लिखी गई सभी दवाएं अस्पताल से मिल गई हैं या नहीं। मंजू देवी ने बताया कि उन्हें सभी दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध हो गई हैं। दवा वितरण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति परखने के लिए जिलाधिकारी ने मंजू देवी को अपने साथ लेकर स्वयं रैंडम सत्यापन किया। पहले पुरुष दवा वितरण काउंटर पर पर्ची प्रस्तुत कराई गई, जहां चिकित्सकीय पर्चे में अंकित सभी दवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके बाद महिला दवा वितरण काउंटर पर भी पर्ची के आधार पर जांच कराई गई, जहां भी सभी निर्धारित दवाएं उपलब्ध मिलीं।

 जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक मरीज को चिकित्सक द्वारा लिखी गई सभी आवश्यक दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी मरीज को बाहर से दवा खरीदने की आवश्यकता न पड़े। इसके उपरांत जिलाधिकारी इमरजेंसी वार्ड पहुंचे, जहां उन्होंने लगभग 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला एवं पुरुष मरीज का हालचाल जाना और उनके उपचार की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि दोनों मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा उनके खान-पान, दवा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में भर्ती प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशील एवं मानवीय व्यवहार किया जाए। उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि इन बुजुर्ग मरीजों की देखभाल अपने माता-पिता की तरह करें तथा पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद ही उन्हें डिस्चार्ज किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार, समय पर दवा एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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राजकीय मेडिकल कॉलेज में डीएम ने परखी स्वास्थ्य सेवाएं, जांची दवा वितरण व्यवस्था दवा उपलब्धता की रैंडम जांच, बुजुर्ग मरीजों की विशेष देखभाल के दिए निर्देश उरई (जालौन)।जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने राजकीय मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण कर ओपीडी, दवा वितरण काउंटर, इमरजेंसी सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, दवा वितरण व्यवस्था तथा मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का स्थलीय सत्यापन करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ओपीडी से दवा लेकर बाहर निकल रही ग्राम भदारी, विकास खंड कोंच की मंजू देवी का जिलाधिकारी ने हालचाल जाना। उन्होंने पूछा कि चिकित्सक द्वारा लिखी गई सभी दवाएं अस्पताल से मिल गई हैं या नहीं। मंजू देवी ने बताया कि उन्हें सभी दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध हो गई हैं। दवा वितरण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति परखने के लिए जिलाधिकारी ने मंजू देवी को अपने साथ लेकर स्वयं रैंडम सत्यापन किया। पहले पुरुष दवा वितरण काउंटर पर पर्ची प्रस्तुत कराई गई, जहां चिकित्सकीय पर्चे में अंकित सभी दवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके बाद महिला दवा वितरण काउंटर पर भी पर्ची के आधार पर जांच कराई गई, जहां भी सभी निर्धारित दवाएं उपलब्ध मिलीं। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक मरीज को चिकित्सक द्वारा लिखी गई सभी आवश्यक दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी मरीज को बाहर से दवा खरीदने की आवश्यकता न पड़े। इसके उपरांत जिलाधिकारी इमरजेंसी वार्ड पहुंचे, जहां उन्होंने लगभग 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला एवं पुरुष मरीज का हालचाल जाना और उनके उपचार की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि दोनों मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा उनके खान-पान, दवा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में भर्ती प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशील एवं मानवीय व्यवहार किया जाए। उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि इन बुजुर्ग मरीजों की देखभाल अपने माता-पिता की तरह करें तथा पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद ही उन्हें डिस्चार्ज किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार, समय पर दवा एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। #orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

Orai, Jalaun | Aug 7, 2026

प्रेम विवाह के बाद युवती का वीडियो वायरल, भाई पर जान से मारने की धमकी का आरोप

कोंच (जालौन)। कोंच कोतवाली क्षेत्र के गांधी नगर की रहने वाली एक युवती ने प्रयागराज स्थित आर्य समाज मंदिर में अपने परिचित युवक से प्रेम विवाह करने के बाद एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में युवती ने कहा कि उसने अपनी इच्छा और सहमति से विवाह किया है तथा इस पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था।

युवती ने अपने भाई पर उसे और उसके पति को जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है। उसने कहा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए उसके माता-पिता और भाई जिम्मेदार होंगे।

जानकारी के मुताबिक मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रकरण से सम्बंधित वायरल वीडियो और उससे जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

नोट: उरई दर्शन इस वायरल वीडियो के प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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प्रेम विवाह के बाद युवती का वीडियो वायरल, भाई पर जान से मारने की धमकी का आरोप कोंच (जालौन)। कोंच कोतवाली क्षेत्र के गांधी नगर की रहने वाली एक युवती ने प्रयागराज स्थित आर्य समाज मंदिर में अपने परिचित युवक से प्रेम विवाह करने के बाद एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में युवती ने कहा कि उसने अपनी इच्छा और सहमति से विवाह किया है तथा इस पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था। युवती ने अपने भाई पर उसे और उसके पति को जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है। उसने कहा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए उसके माता-पिता और भाई जिम्मेदार होंगे। जानकारी के मुताबिक मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रकरण से सम्बंधित वायरल वीडियो और उससे जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। नोट: उरई दर्शन इस वायरल वीडियो के प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है। #orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

Orai, Jalaun | Aug 7, 2026

कोंच में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

पहले पॉक्सो एक्ट में जा चुका था जेल, जमानत पर छूटने के बाद फिर बनाया दुष्कर्म का शिकार

कोंच (जालौन)। कोतवाली कोंच पुलिस ने 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। आरोपी पहले भी इसी किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत जेल जा चुका था। जमानत पर रिहा होने के बाद उस पर दोबारा दुष्कर्म करने का आरोप लगा है।

पुलिस के अनुसार, मंडी चौकी प्रभारी एसआई नितिश कुमार एवं एसआई भीष्मपाल सिंह ने ग्राम गैंदोली निवासी आरोपी रोहित को पंचानन चौराहे के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।

पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में बताया गया कि जून 2025 में आरोपी उनकी नाबालिग बेटी को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। उस समय भी उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था और वह जेल गया था। यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।

आरोप है कि जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी ने कुछ माह पहले किशोरी को कोंच के एक रेस्टोरेंट में बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद धमकी देकर कई बार उसका यौन शोषण किया, जिससे किशोरी गर्भवती हो गई। तबीयत बिगड़ने और लगातार उल्टी होने पर परिजनों के पूछने पर किशोरी ने पूरी घटना बताई।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दुष्कर्म समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

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कोंच में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल पहले पॉक्सो एक्ट में जा चुका था जेल, जमानत पर छूटने के बाद फिर बनाया दुष्कर्म का शिकार कोंच (जालौन)। कोतवाली कोंच पुलिस ने 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। आरोपी पहले भी इसी किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत जेल जा चुका था। जमानत पर रिहा होने के बाद उस पर दोबारा दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, मंडी चौकी प्रभारी एसआई नितिश कुमार एवं एसआई भीष्मपाल सिंह ने ग्राम गैंदोली निवासी आरोपी रोहित को पंचानन चौराहे के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में बताया गया कि जून 2025 में आरोपी उनकी नाबालिग बेटी को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। उस समय भी उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था और वह जेल गया था। यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी ने कुछ माह पहले किशोरी को कोंच के एक रेस्टोरेंट में बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद धमकी देकर कई बार उसका यौन शोषण किया, जिससे किशोरी गर्भवती हो गई। तबीयत बिगड़ने और लगातार उल्टी होने पर परिजनों के पूछने पर किशोरी ने पूरी घटना बताई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दुष्कर्म समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। #orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

Orai, Jalaun | Aug 7, 2026

10 अगस्त को मनाया जाएगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, जालौन में 8.37 लाख से अधिक एल्बेंडाजोल टैबलेट उपलब्ध

सीएमओ डॉ. एच.एन. प्रसाद की अध्यक्षता में हुई अभिमुखीकरण बैठक, 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों और किशोरों को निःशुल्क दवा खिलाने की तैयारियां पूरी

जितेंद्र गुप्ता ✍️। जालौन 

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एन. प्रसाद की अध्यक्षता में अभिमुखीकरण बैठक आयोजित की गई। बैठक में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोरों को कृमि (पेट के कीड़ों) के संक्रमण से मुक्त करने के लिए संचालित अभियान की विस्तृत कार्ययोजना, एल्बेंडाजोल टैबलेट वितरण, विभागीय दायित्वों तथा आपसी समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि कृमि संक्रमण बच्चों में कुपोषण, एनीमिया तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास में बाधा का प्रमुख कारण है। समय पर एल्बेंडाजोल (Albendazole) टैबलेट का सेवन कराकर इस समस्या से बचाव किया जा सकता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभियान के दौरान सरकारी एवं निजी विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों तथा स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से लक्षित आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे तक दवा पहुंचाई जाए।
अभिमुखीकरण बैठक में शिक्षा विभाग एवं आईसीडीएस (ICDS) विभाग के अधिकारियों को उनके दायित्वों और उत्तरदायित्वों से अवगत कराया गया। साथ ही कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, माइक्रोप्लान, दवा प्रबंधन, रिपोर्टिंग एवं निगरानी व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एन. प्रसाद ने बताया कि जनपद के लक्ष्य के अनुरूप सभी ब्लॉक पीएचसी/सीएचसी को 8,37,100 एल्बेंडाजोल टैबलेट उपलब्ध करा दी गई हैं। सभी विभागों के समन्वय से सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को ब्लॉक पीएचसी/सीएचसी से दवा प्राप्त कराकर अभियान को सफल बनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 10 अगस्त 2026 को आयोजित किया जाएगा। वहीं जो बच्चे किसी कारणवश इस दिन दवा नहीं ले पाएंगे, उन्हें 14 अगस्त 2026 को आयोजित मॉप-अप दिवस पर एल्बेंडाजोल टैबलेट खिलाई जाएगी। सभी अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को यह निःशुल्क दवा अवश्य दिलवाएं, ताकि उन्हें पेट के कीड़ों से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।

#orai #jalaun #Cmojalaun #Albendazole
#NationalDewormingDay #10August #हेल्थ

10 अगस्त को मनाया जाएगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, जालौन में 8.37 लाख से अधिक एल्बेंडाजोल टैबलेट उपलब्ध सीएमओ डॉ. एच.एन. प्रसाद की अध्यक्षता में हुई अभिमुखीकरण बैठक, 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों और किशोरों को निःशुल्क दवा खिलाने की तैयारियां पूरी जितेंद्र गुप्ता ✍️। जालौन राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एन. प्रसाद की अध्यक्षता में अभिमुखीकरण बैठक आयोजित की गई। बैठक में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोरों को कृमि (पेट के कीड़ों) के संक्रमण से मुक्त करने के लिए संचालित अभियान की विस्तृत कार्ययोजना, एल्बेंडाजोल टैबलेट वितरण, विभागीय दायित्वों तथा आपसी समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि कृमि संक्रमण बच्चों में कुपोषण, एनीमिया तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास में बाधा का प्रमुख कारण है। समय पर एल्बेंडाजोल (Albendazole) टैबलेट का सेवन कराकर इस समस्या से बचाव किया जा सकता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभियान के दौरान सरकारी एवं निजी विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों तथा स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से लक्षित आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे तक दवा पहुंचाई जाए। अभिमुखीकरण बैठक में शिक्षा विभाग एवं आईसीडीएस (ICDS) विभाग के अधिकारियों को उनके दायित्वों और उत्तरदायित्वों से अवगत कराया गया। साथ ही कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, माइक्रोप्लान, दवा प्रबंधन, रिपोर्टिंग एवं निगरानी व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एन. प्रसाद ने बताया कि जनपद के लक्ष्य के अनुरूप सभी ब्लॉक पीएचसी/सीएचसी को 8,37,100 एल्बेंडाजोल टैबलेट उपलब्ध करा दी गई हैं। सभी विभागों के समन्वय से सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को ब्लॉक पीएचसी/सीएचसी से दवा प्राप्त कराकर अभियान को सफल बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 10 अगस्त 2026 को आयोजित किया जाएगा। वहीं जो बच्चे किसी कारणवश इस दिन दवा नहीं ले पाएंगे, उन्हें 14 अगस्त 2026 को आयोजित मॉप-अप दिवस पर एल्बेंडाजोल टैबलेट खिलाई जाएगी। सभी अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को यह निःशुल्क दवा अवश्य दिलवाएं, ताकि उन्हें पेट के कीड़ों से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके। #orai #jalaun #Cmojalaun #Albendazole #NationalDewormingDay #10August #हेल्थ

Orai, Jalaun | Aug 7, 2026

डीएम की जीरो टॉलरेंस नीति के बीच एसडीएम (न्यायिक) रिंकू सिंह राही के फैसलों का विरोध, बार अध्यक्ष ऋषि कुमार पटेल व महासचिव डॉ. साधना त्रिपाठी को घेरने की चर्चा तेज

#jalaun #orai #कालपी #कोच 

उरई (जालौन)। जालौन में इन दिनों प्रशासनिक सख्ती, न्यायिक पारदर्शिता और अधिवक्ता राजनीति एक साथ चर्चा के केंद्र में हैं। एक ओर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और विभागीय जवाबदेही को लेकर लगातार कड़े निर्णय ले रहे हैं। हाल ही में जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर 24 अधिकारियों के वेतन पर रोक तथा विद्युत विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जिले में अब जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की जा रही है।
इसी क्रम में उपजिलाधिकारी (न्यायिक) रिंकू सिंह राही द्वारा न्यायिक कार्यों को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित करने की पहल भी चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके द्वारा जिला बार एसोसिएशन को भेजे गए पत्र में न्यायिक कार्यों के बहिष्कार पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा गया कि यदि किसी अधिवक्ता को कोई शिकायत है तो उसका समाधान कानून और निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से कराया जाए, न कि न्यायिक कार्य बाधित कर आमजन के हितों को प्रभावित किया जाए।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि न्यायिक कार्यों के बहिष्कार और न्यायालय के कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने वाले कुछ अधिवक्ताओं के संबंध में विधिसम्मत कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसके बाद अधिवक्ता जगत में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।
इसी बीच जिला बार एसोसिएशन के लोकप्रिय अध्यक्ष ऋषि कुमार पटेल और महासचिव डॉ. साधना त्रिपाठी, जिन्होंने न्यायिक व्यवस्था और संस्थागत मर्यादा के समर्थन की बात कही, उनके विरुद्ध आमसभा बुलाए जाने की सूचना ने अधिवक्ताओं के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। कई अधिवक्ताओं का मानना है कि निर्वाचित नेतृत्व को इस प्रकार घेरने का प्रयास बार की लोकतांत्रिक परंपराओं पर प्रश्न खड़े करता है। अध्यक्ष के निर्देशो की अवेहलना करने की घटना से सभी न्यायिक कार्य कर रहे लोगो मे कलेक्ट्रेड प्रभारी के प्रति गहरी नाराजगी  है लोकप्रिय अध्यक्ष ने सबसे ज्यादा मतो से जितने का रिकार्ड कायम किया।
सूत्रों के अनुसार 5 अगस्त को कलेक्ट्रेट प्रभारी ओम नारायण निरंजन एक राजस्व अधिवक्ता के साथ जजी परिसर पहुंचे, जहां एक युवा पदाधिकारी के माध्यम से आमसभा संबंधी पत्र वितरित किए जाने की चर्चा रही। इस घटनाक्रम के बाद अधिवक्ता समुदाय में विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। हालांकि, इन चर्चाओं की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है। एक और चर्चा है जिसकी कोई अधिकारी पुष्टि नही यह भी आरोप  है कि मंत्री जी के इसारे पर वकीलों गुमराह करने काम कार्य रहे है। 
अधिवक्ता वर्ग के एक हिस्से का कहना है कि जब जिला प्रशासन जनहित और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्रवाई कर रहा है, तब न्यायिक कार्यों को सुचारु रखने के प्रयासों का संस्थागत स्तर पर समर्थन होना चाहिए। वहीं कुछ अन्य अधिवक्ता इस पूरे घटनाक्रम को बार की आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा मानते हैं।
बार परिसर में यह चर्चा भी है कि अध्यक्ष ऋषि कुमार पटेल को अधिवक्ताओं का व्यापक जनसमर्थन प्राप्त है और उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से नेतृत्व हासिल किया है। ऐसे में उनके तथा महासचिव डॉ. साधना त्रिपाठी के विरुद्ध आमसभा बुलाने की पहल को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। और विवाद की जगह बात-चीत से मसला हल होना चाहिए रिकोर्डिंग पूरे वक्त लाईव रहनी चाहिए जिससे अधिवक्ताओ आचरण भी खुल कर लोगो के सामने आ सकेगा।
#डीएमजालौन
#sdm #वायरल #instagram

डीएम की जीरो टॉलरेंस नीति के बीच एसडीएम (न्यायिक) रिंकू सिंह राही के फैसलों का विरोध, बार अध्यक्ष ऋषि कुमार पटेल व महासचिव डॉ. साधना त्रिपाठी को घेरने की चर्चा तेज #jalaun #orai #कालपी #कोच उरई (जालौन)। जालौन में इन दिनों प्रशासनिक सख्ती, न्यायिक पारदर्शिता और अधिवक्ता राजनीति एक साथ चर्चा के केंद्र में हैं। एक ओर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और विभागीय जवाबदेही को लेकर लगातार कड़े निर्णय ले रहे हैं। हाल ही में जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर 24 अधिकारियों के वेतन पर रोक तथा विद्युत विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जिले में अब जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की जा रही है। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी (न्यायिक) रिंकू सिंह राही द्वारा न्यायिक कार्यों को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित करने की पहल भी चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके द्वारा जिला बार एसोसिएशन को भेजे गए पत्र में न्यायिक कार्यों के बहिष्कार पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा गया कि यदि किसी अधिवक्ता को कोई शिकायत है तो उसका समाधान कानून और निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से कराया जाए, न कि न्यायिक कार्य बाधित कर आमजन के हितों को प्रभावित किया जाए। पत्र में यह भी उल्लेख है कि न्यायिक कार्यों के बहिष्कार और न्यायालय के कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने वाले कुछ अधिवक्ताओं के संबंध में विधिसम्मत कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसके बाद अधिवक्ता जगत में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है। इसी बीच जिला बार एसोसिएशन के लोकप्रिय अध्यक्ष ऋषि कुमार पटेल और महासचिव डॉ. साधना त्रिपाठी, जिन्होंने न्यायिक व्यवस्था और संस्थागत मर्यादा के समर्थन की बात कही, उनके विरुद्ध आमसभा बुलाए जाने की सूचना ने अधिवक्ताओं के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। कई अधिवक्ताओं का मानना है कि निर्वाचित नेतृत्व को इस प्रकार घेरने का प्रयास बार की लोकतांत्रिक परंपराओं पर प्रश्न खड़े करता है। अध्यक्ष के निर्देशो की अवेहलना करने की घटना से सभी न्यायिक कार्य कर रहे लोगो मे कलेक्ट्रेड प्रभारी के प्रति गहरी नाराजगी है लोकप्रिय अध्यक्ष ने सबसे ज्यादा मतो से जितने का रिकार्ड कायम किया। सूत्रों के अनुसार 5 अगस्त को कलेक्ट्रेट प्रभारी ओम नारायण निरंजन एक राजस्व अधिवक्ता के साथ जजी परिसर पहुंचे, जहां एक युवा पदाधिकारी के माध्यम से आमसभा संबंधी पत्र वितरित किए जाने की चर्चा रही। इस घटनाक्रम के बाद अधिवक्ता समुदाय में विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। हालांकि, इन चर्चाओं की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है। एक और चर्चा है जिसकी कोई अधिकारी पुष्टि नही यह भी आरोप है कि मंत्री जी के इसारे पर वकीलों गुमराह करने काम कार्य रहे है। अधिवक्ता वर्ग के एक हिस्से का कहना है कि जब जिला प्रशासन जनहित और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्रवाई कर रहा है, तब न्यायिक कार्यों को सुचारु रखने के प्रयासों का संस्थागत स्तर पर समर्थन होना चाहिए। वहीं कुछ अन्य अधिवक्ता इस पूरे घटनाक्रम को बार की आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा मानते हैं। बार परिसर में यह चर्चा भी है कि अध्यक्ष ऋषि कुमार पटेल को अधिवक्ताओं का व्यापक जनसमर्थन प्राप्त है और उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से नेतृत्व हासिल किया है। ऐसे में उनके तथा महासचिव डॉ. साधना त्रिपाठी के विरुद्ध आमसभा बुलाने की पहल को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। और विवाद की जगह बात-चीत से मसला हल होना चाहिए रिकोर्डिंग पूरे वक्त लाईव रहनी चाहिए जिससे अधिवक्ताओ आचरण भी खुल कर लोगो के सामने आ सकेगा। #डीएमजालौन #sdm #वायरल #instagram

Orai, Jalaun | Aug 7, 2026