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नई तकनीक और जनविश्वास से फिर मजबूत हुआ भारतीय डाक विभाग, उत्कृष्ट सेवाओं पर डाक कर्मियों का हुआ सम्मान डीडवाना में जिला स्तरीय ECR रिव्यू मीटिंग एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित, उत्कृष्ट कार्य करने वाले शाखा डाकपालों और कर्मचारियों को किया गया सम्मानित डीडवाना। भारतीय डाक विभाग लगातार आधुनिक तकनीकों, डिजिटल सेवाओं और जनहितकारी योजनाओं के जरिए अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ा रहा है। विभाग एक बार फिर आमजन के बीच उसी भरोसे और मजबूती के साथ अपनी पहचान स्थापित कर चुका है, जिसके लिए वह वर्षों से जाना जाता रहा है। यह बात नागौर मंडल के मंडल डाक अधीक्षक एन.आर. चौधरी ने गुरुवार को डीडवाना में आयोजित जिला स्तरीय ECR रिव्यू मीटिंग एवं पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारतीय डाक विभाग की यह सफलता कर्मचारियों की मेहनत, नई तकनीकों को अपनाने और आमजन के निरंतर सहयोग का परिणाम है। आज डाक विभाग पारंपरिक सेवाओं के साथ-साथ डिजिटल बैंकिंग, बीमा, बचत योजनाओं और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) जैसी आधुनिक सेवाओं के माध्यम से लोगों तक तेजी से पहुंच बना रहा है। डाक निरीक्षक देवीचंद कटारिया ने बताया कि भारतीय डाक विभाग, नागौर मंडल की ओर से डीडवाना-कुचामन जिले के उपमंडल के शाखा डाकघरों के लिए जिला स्तरीय ECR रिव्यू मीटिंग एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन मंडल डाक अधीक्षक एन.आर. चौधरी की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य डाक कर्मियों का उत्साहवर्धन करना तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित कर अन्य कार्मिकों को प्रेरित करना था। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सहायक अधीक्षक महावीर प्रसाद सैनी, निरीक्षक डाकघर डीडवाना देवीचंद कटारिया, निरीक्षक डाकघर मकराना आदित्य सिंह तथा मुख्य डाकपाल महेश कुमार टाक मौजूद रहे। बैठक में डीडवाना उपमंडल के शाखा डाकघरों की ECR समीक्षा की गई। इस दौरान वार्षिक राजस्व अर्जन, बचत बैंक, आवर्ती जमा (RD), डाक जीवन बीमा (PLI), ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI), इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB), आर्टिकल बुकिंग तथा अन्य डाक सेवाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न बचत एवं बीमा योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक लोगों को इन योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। समारोह में वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शाखा डाकपालों एवं कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित कार्मिकों में प्रमुख रूप से— डाक जीवन बीमा (PLI): शंकरलाल (नुवा), मोहम्मद हनीफ (मालगांव) एवं बाबूलाल (बेगसर)। बचत बैंक अभियान: बाबूलाल (बेगसर), शंकरलाल (नुवा) एवं कुलदीप सिंह (क्यामसर)। आर्टिकल बुकिंग: लक्ष्मण शर्मा (ध्यावा), चंद्रशेखर तूनवाल (सूदरासन) एवं शंकरलाल (नुवा)। ECR उत्कृष्ट प्रदर्शन: सुनील कुमारी (खारिया), बाबूलाल (बेगसर) एवं मोहम्मद हनीफ (मालगांव)। विशेष सम्मान: डाक अधिदर्शक प्रथम मूलाराम, डाक अधिदर्शक द्वितीय महेंद्र कुमार मीणा, डाक अधिदर्शक तृतीय पुष्कर राज शर्मा तथा कार्यालय सहायक दिनेश कुमार टेलर। लाइव खाते एवं सक्षम शाखा डाकघर: शंकरलाल (नुवा), बाबूलाल (बेगसर) एवं मांगीलाल (कुसुंबी)। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB): बाबूलाल (बड़ी छापरी), मोहम्मद हारून (गणेशपुरा) एवं अंकित (बरंगाना)। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने भारतीय डाक विभाग की नवीन बीमा योजनाओं, बचत योजनाओं और डिजिटल सेवाओं की भी विस्तृत जानकारी दी। मुख्य डाकपाल डीडवाना महेश कुमार टाक ने कहा कि भारतीय डाक विभाग पिछले 150 वर्षों से अधिक समय से देशवासियों की सेवा में समर्पित है। बदलते समय के साथ विभाग ने आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी सेवाओं का विस्तार किया है। आज डाक विभाग पारंपरिक डाक सेवाओं के साथ डिजिटल वित्तीय सेवाओं, बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में भी तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। कार्यक्रम का संचालन मुख्य डाकपाल महेश कुमार टाक ने किया, जबकि अंत में निरीक्षक डाकघर देवीचंद कटारिया ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान "जन गण मन" के साथ हुआ।

Didwana, Nagaur | Jul 10, 2026

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सरकारी दावों की खुली पोल: मारवाड़ बालिया के स्कूल में पीने के पानी को तरस रहे मासूम, बाहर से कैंपर लाने को मजबूर

डीडवाना।एक तरफ राज्य सरकार और शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों का कायाकल्प करने, उन्हें 'स्मार्ट' बनाने और ड्रॉपआउट दर कम करने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जिला मुख्यालय के बिल्कुल नजदीक स्थित ग्राम मारवाड़ बालिया से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां के राजकीय विद्यालय में पढ़ने वाले नौनिहालों के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि मासूम बच्चों को अपनी प्यास बुझाने के लिए स्कूल की पढ़ाई छोड़कर बाहर से भारी-भरकम पानी के कैंपर भरकर लाने पड़ रहे हैं।जब स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने इन नन्हें-मुन्हें मासूम बच्चों को झुलसाती धूप में बाहर से पानी के कैंपर लाते देखा, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन की इस बदहाली पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। बच्चों की इस दयनीय स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने फिलहाल तात्कालिक राहत के रूप में अपने निजी खर्चे से स्कूल में पानी का एक टैंकर डलवाया है, ताकि बच्चों को पानी के लिए बाहर न जाना पड़े।

*बड़ा सवाल: 4 दिन बाद टैंकर खाली होगा, तब क्या करेगी सरकार?*
ग्रामीणों ने बताया कि जनसहयोग से डलवाया गया यह टैंकर महज 3 से 4 दिन ही चलेगा। इसके बाद जब पानी खत्म हो जाएगा, तो स्कूल के हालात फिर जस के तस हो जाएंगे। इस प्रशासनिक अनदेखी से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण इलाकों में शिक्षा का स्तर किस तरह गर्त में जा रहा है। सवाल यह उठता है कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में गरीब परिवारों के ये मासूम बच्चे आखिर कैसे शिक्षित होंगे और कैसे अपने परिवारों का नाम रोशन करेंगे।

*सरकारी सिस्टम की लापरवाही से बढ़ रहा प्राइवेट स्कूलों का ग्राफ*
इस जमीनी हकीकत ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सरकारी तंत्र की इसी लापरवाही और उदासीनता के कारण गरीब अभिभावक भी अब सरकारी स्कूलों से मोहभंग करने को मजबूर हैं। इसी का फायदा उठाकर निजी (प्राइवेट) स्कूल लगातार पैर पसार रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला मुख्यालय के इतने नजदीक यह हाल है और जल्द ही स्कूल में स्थाई जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

*अधेरे में बच्चों का भविष्य*
एक तरफ जहां बच्चों के हाथों में कॉपियां और किताबें होनी चाहिए, वहीं दूसरी तरफ उन्हें पानी ढोने के काम में लगा दिया गया है। सरकारी स्कूलों की ऐसी दुर्दशा बच्चों की शिक्षा को सीधे तौर पर अंधेरे में धकेल रही है। मुख्यालय के नजदीक यह हाल है, तो दूर-दराज के गांवों की स्थिति भगवान भरोसे ही है।

सरकारी दावों की खुली पोल: मारवाड़ बालिया के स्कूल में पीने के पानी को तरस रहे मासूम, बाहर से कैंपर लाने को मजबूर डीडवाना।एक तरफ राज्य सरकार और शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों का कायाकल्प करने, उन्हें 'स्मार्ट' बनाने और ड्रॉपआउट दर कम करने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जिला मुख्यालय के बिल्कुल नजदीक स्थित ग्राम मारवाड़ बालिया से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां के राजकीय विद्यालय में पढ़ने वाले नौनिहालों के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि मासूम बच्चों को अपनी प्यास बुझाने के लिए स्कूल की पढ़ाई छोड़कर बाहर से भारी-भरकम पानी के कैंपर भरकर लाने पड़ रहे हैं।जब स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने इन नन्हें-मुन्हें मासूम बच्चों को झुलसाती धूप में बाहर से पानी के कैंपर लाते देखा, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन की इस बदहाली पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। बच्चों की इस दयनीय स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने फिलहाल तात्कालिक राहत के रूप में अपने निजी खर्चे से स्कूल में पानी का एक टैंकर डलवाया है, ताकि बच्चों को पानी के लिए बाहर न जाना पड़े। *बड़ा सवाल: 4 दिन बाद टैंकर खाली होगा, तब क्या करेगी सरकार?* ग्रामीणों ने बताया कि जनसहयोग से डलवाया गया यह टैंकर महज 3 से 4 दिन ही चलेगा। इसके बाद जब पानी खत्म हो जाएगा, तो स्कूल के हालात फिर जस के तस हो जाएंगे। इस प्रशासनिक अनदेखी से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण इलाकों में शिक्षा का स्तर किस तरह गर्त में जा रहा है। सवाल यह उठता है कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में गरीब परिवारों के ये मासूम बच्चे आखिर कैसे शिक्षित होंगे और कैसे अपने परिवारों का नाम रोशन करेंगे। *सरकारी सिस्टम की लापरवाही से बढ़ रहा प्राइवेट स्कूलों का ग्राफ* इस जमीनी हकीकत ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सरकारी तंत्र की इसी लापरवाही और उदासीनता के कारण गरीब अभिभावक भी अब सरकारी स्कूलों से मोहभंग करने को मजबूर हैं। इसी का फायदा उठाकर निजी (प्राइवेट) स्कूल लगातार पैर पसार रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला मुख्यालय के इतने नजदीक यह हाल है और जल्द ही स्कूल में स्थाई जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। *अधेरे में बच्चों का भविष्य* एक तरफ जहां बच्चों के हाथों में कॉपियां और किताबें होनी चाहिए, वहीं दूसरी तरफ उन्हें पानी ढोने के काम में लगा दिया गया है। सरकारी स्कूलों की ऐसी दुर्दशा बच्चों की शिक्षा को सीधे तौर पर अंधेरे में धकेल रही है। मुख्यालय के नजदीक यह हाल है, तो दूर-दराज के गांवों की स्थिति भगवान भरोसे ही है।

Didwana, Nagaur | Jul 11, 2026

NSUI उपाध्यक्ष प्रेम चोयल राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के सानिध्य में सफल छात्रों की गूज कार्यक्रम

NSUI उपाध्यक्ष प्रेम चोयल राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के सानिध्य में सफल छात्रों की गूज कार्यक्रम

Didwana, Nagaur | Jul 10, 2026

नई तकनीक और जनविश्वास से फिर मजबूत हुआ भारतीय डाक विभाग, उत्कृष्ट सेवाओं पर डाक कर्मियों का हुआ सम्मान डीडवाना में जिला स्तरीय ECR रिव्यू मीटिंग एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित, उत्कृष्ट कार्य करने वाले शाखा डाकपालों और कर्मचारियों को किया गया सम्मानित डीडवाना। भारतीय डाक विभाग लगातार आधुनिक तकनीकों, डिजिटल सेवाओं और जनहितकारी योजनाओं के जरिए अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ा रहा है। विभाग एक बार फिर आमजन के बीच उसी भरोसे और मजबूती के साथ अपनी पहचान स्थापित कर चुका है, जिसके लिए वह वर्षों से जाना जाता रहा है। यह बात नागौर मंडल के मंडल डाक अधीक्षक एन.आर. चौधरी ने गुरुवार को डीडवाना में आयोजित जिला स्तरीय ECR रिव्यू मीटिंग एवं पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारतीय डाक विभाग की यह सफलता कर्मचारियों की मेहनत, नई तकनीकों को अपनाने और आमजन के निरंतर सहयोग का परिणाम है। आज डाक विभाग पारंपरिक सेवाओं के साथ-साथ डिजिटल बैंकिंग, बीमा, बचत योजनाओं और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) जैसी आधुनिक सेवाओं के माध्यम से लोगों तक तेजी से पहुंच बना रहा है। डाक निरीक्षक देवीचंद कटारिया ने बताया कि भारतीय डाक विभाग, नागौर मंडल की ओर से डीडवाना-कुचामन जिले के उपमंडल के शाखा डाकघरों के लिए जिला स्तरीय ECR रिव्यू मीटिंग एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन मंडल डाक अधीक्षक एन.आर. चौधरी की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य डाक कर्मियों का उत्साहवर्धन करना तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित कर अन्य कार्मिकों को प्रेरित करना था। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सहायक अधीक्षक महावीर प्रसाद सैनी, निरीक्षक डाकघर डीडवाना देवीचंद कटारिया, निरीक्षक डाकघर मकराना आदित्य सिंह तथा मुख्य डाकपाल महेश कुमार टाक मौजूद रहे। बैठक में डीडवाना उपमंडल के शाखा डाकघरों की ECR समीक्षा की गई। इस दौरान वार्षिक राजस्व अर्जन, बचत बैंक, आवर्ती जमा (RD), डाक जीवन बीमा (PLI), ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI), इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB), आर्टिकल बुकिंग तथा अन्य डाक सेवाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न बचत एवं बीमा योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक लोगों को इन योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। समारोह में वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शाखा डाकपालों एवं कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित कार्मिकों में प्रमुख रूप से— डाक जीवन बीमा (PLI): शंकरलाल (नुवा), मोहम्मद हनीफ (मालगांव) एवं बाबूलाल (बेगसर)। बचत बैंक अभियान: बाबूलाल (बेगसर), शंकरलाल (नुवा) एवं कुलदीप सिंह (क्यामसर)। आर्टिकल बुकिंग: लक्ष्मण शर्मा (ध्यावा), चंद्रशेखर तूनवाल (सूदरासन) एवं शंकरलाल (नुवा)। ECR उत्कृष्ट प्रदर्शन: सुनील कुमारी (खारिया), बाबूलाल (बेगसर) एवं मोहम्मद हनीफ (मालगांव)। विशेष सम्मान: डाक अधिदर्शक प्रथम मूलाराम, डाक अधिदर्शक द्वितीय महेंद्र कुमार मीणा, डाक अधिदर्शक तृतीय पुष्कर राज शर्मा तथा कार्यालय सहायक दिनेश कुमार टेलर। लाइव खाते एवं सक्षम शाखा डाकघर: शंकरलाल (नुवा), बाबूलाल (बेगसर) एवं मांगीलाल (कुसुंबी)। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB): बाबूलाल (बड़ी छापरी), मोहम्मद हारून (गणेशपुरा) एवं अंकित (बरंगाना)। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने भारतीय डाक विभाग की नवीन बीमा योजनाओं, बचत योजनाओं और डिजिटल सेवाओं की भी विस्तृत जानकारी दी। मुख्य डाकपाल डीडवाना महेश कुमार टाक ने कहा कि भारतीय डाक विभाग पिछले 150 वर्षों से अधिक समय से देशवासियों की सेवा में समर्पित है। बदलते समय के साथ विभाग ने आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी सेवाओं का विस्तार किया है। आज डाक विभाग पारंपरिक डाक सेवाओं के साथ डिजिटल वित्तीय सेवाओं, बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में भी तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। कार्यक्रम का संचालन मुख्य डाकपाल महेश कुमार टाक ने किया, जबकि अंत में निरीक्षक डाकघर देवीचंद कटारिया ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान "जन गण मन" के साथ हुआ। - Didwana News