फूलों की खुशबू से बदली जिंदगी: मिथिलेश प्रसाद की प्रेरक सफलता की कहानी*
जहानाबाद जिले के मोदनगंज प्रखंड के मोदनगंज ग्राम निवासी श्री मिथिलेश प्रसाद ने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और नवाचार के बल पर खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदलकर क्षेत्र के किसानों के लिए एक मिसाल कायम की है। एक साधारण किसान परिवार में जन्मे मिथिलेश प्रसाद की सफलता की कहानी संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प की कहानी है।मिथलेश प्रसाद बताते हैं कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने रोजगार की तलाश में अनेक प्रयास किए, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
इस बीच परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां बढ़ती गईं और वृद्ध पिता के लिए खेती का कार्य संभालना कठिन होने लगा। ऐसे समय में मिथिलेश प्रसाद ने खेती को ही अपनी आजीविका का आधार बनाया और एक दिन वे जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद पहुंचे, जहां उन्हें उद्यानिकी फसलों की खेती एवं विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी मिली।
*उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ गेंदा फूल की खेती शुरू करने का निर्णय लिया। प्रारंभ में सीमित क्षेत्र में की गई खेती से उन्हें उत्साहजनक परिणाम मिले। जब उन्होंने अपने उत्पादों की बिक्री पटना के प्रमुख बाजारों एवं मंदिरों में शुरू की, तो उन्हें पारंपरिक फसलों की तुलना में कहीं अधिक लाभ प्राप्त हुआ।*
इस सफलता ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया। धीरे-धीरे उन्होंने गेंदा फूल की खेती का दायरा बढ़ाया और इसे बड़े पैमाने पर अपनाया। उनकी मेहनत और सफलता को देखकर आसपास के किसान भी प्रेरित हुए। आज मोदनगंज क्षेत्र में वर्षभर बड़े पैमाने पर गेंदा फूल की खेती की जाती है और अनेक किसान इससे बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।
*वर्तमान में मिथिलेश प्रसाद गेंदा फूल की खेती के साथ-साथ भिंडी, नेनुआ, करेला एवं अन्य सब्जियों की भी खेती कर रहे हैं। उद्यान विभाग के सहयोग एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों के उपयोग से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वे प्रतिवर्ष लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं तथा 10 से 15 लोगों को नियमित रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।*
मिथिलेश प्रसाद का मानना है कि किसान यदि पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाएं और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें, तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। आज उनके खेतों में खिले फूल केवल खुशबू ही नहीं बिखेर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के किसानों के लिए समृद्धि, आत्मनिर्भरता और नई संभावनाओं का संदेश भी दे रहे हैं।
मिथिलेश प्रसाद की यह सफलता की कहानी अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मिथिलेश प्रसाद किसानों से अपील करते हैं कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की खेती को अपनाएं तथा कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएं। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
वे अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार के सदस्यों, जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद के पदाधिकारियों एवं कर्मियों तथा उन सभी किसानों को देते हैं, जिन्होंने समय-समय पर उनका सहयोग और उत्साहवर्धन किया। मिथिलेश प्रसाद कहते हैं कि विभाग द्वारा मिले मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग ने उन्हें नई दिशा दी, जिसके परिणामस्वरूप वे आज आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ-साथ अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सके हैं।
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61 views | Jehanabad, Bihar | Jun 19, 2026