भारत वह पवित्र धरती है जहाँ युद्धभूमि में भी आध्यात्मिक ज्ञान का उदय हुआ और वह भगवद्गीता के रूप में विश्व को दिशा देने लगा। यहाँ शांति और पराक्रम सदैव एक साथ विकसित हुए हैं, और आज पूरी दुनिया को इन दोनों मूल्यों की आवश्यकता है।
भारत वह पवित्र धरती है जहाँ युद्धभूमि में भी आध्यात्मिक ज्ञान का उदय हुआ और वह भगवद्गीता के रूप में विश्व को दिशा देने लगा। यहाँ शांति और पराक्रम सदैव एक साथ विकसित हुए हैं, और आज पूरी दुनिया को इन दोनों मूल्यों की आवश्यकता है। - Delhi News