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गोपद बनास: ग्राम झूमर में वन विभाग ने हटाया अतिक्रमण, की कार्रवाई

Gopadbanas, Sidhi | Dec 12, 2025
सीधी जिले की ग्राम झूमर में वन विभाग के द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई है वन विभाग के द्वारा कार्यवाही की गई हुई महिला के द्वारा बताया गया कि एक पक्षी कार्यवाही हुई है।

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🔴 गोपद बनास तहसील में पटवारी को कारण बताओ नोटिस, ,प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसीलदार गोपद बनास द्वारा जारी नोटिस में पटवारी रविशंकर शुक्ला पटवारी पर जमीन संबंधी प्रकरण में लापरवाही और रिकॉर्ड में गड़बड़ी के आरोप ,प्रशासनिक हलचल तेज

 https://talashnews.in/?p=621

#सीधी जिले के गोपद बनास तहसील कार्यालय से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है, जहां एक पटवारी को गंभीर अनियमितताओं के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसीलदार गोपद बनास द्वारा जारी नोटिस में पटवारी रवीशंकर शुक्ला (पटवारी हल्का जमोड़ी सर्गवन) पर जमीन संबंधी प्रकरण में लापरवाही और रिकॉर्ड में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता गणेश गौतम द्वारा प्रस्तुत आवेदन में आरोप लगाया गया कि संबंधित पटवारी द्वारा भूमि प्रकरण में गलत तरीके से रकबा दर्ज कर आदेश पारित कराया गया, जिससे वास्तविक हिस्सेदारों के अधिकार प्रभावित हुए।

बताया गया कि वर्ष 2021-22 में किए गए सीमांकन और नामांतरण की प्रक्रिया में भी त्रुटियां सामने आईं, जिनमें हिस्सेदारी का सही बंटवारा नहीं किया गया और रिकॉर्ड में विसंगतियां दर्ज हो गईं।

नियमों के उल्लंघन का आरोप

नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विरुद्ध है और इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया है।

पत्र प्राप्ति के 2 दिन में जवाब देने का निर्देश

तहसीलदार ने संबंधित पटवारी को निर्देश दिया है कि वे 2 दिनों के भीतर उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता, तो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन सख्त, कार्रवाई तय!

इस नोटिस की प्रतिलिपि कलेक्टर कार्यालय एवं अनुविभागीय अधिकारी को भी भेजी गई है, जिससे स्पष्ट है कि मामला अब उच्च स्तर पर भी निगरानी में है।

बड़ा सवाल

क्या जवाब से पटवारी खुद को बचा पाएंगे?

या फिर इस मामले में कड़ी कार्रवाई तय है?

निष्कर्ष

सीधी जिले में लगातार सामने आ रहे राजस्व संबंधी मामलों के बीच यह नोटिस प्रशासन की सख्ती का संकेत माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जवाब के बाद क्या कार्रवाई होती है।

👉 बीरबल भूमि समाचार सीधी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

🔴 गोपद बनास तहसील में पटवारी को कारण बताओ नोटिस, ,प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसीलदार गोपद बनास द्वारा जारी नोटिस में पटवारी रविशंकर शुक्ला पटवारी पर जमीन संबंधी प्रकरण में लापरवाही और रिकॉर्ड में गड़बड़ी के आरोप ,प्रशासनिक हलचल तेज https://talashnews.in/?p=621 #सीधी जिले के गोपद बनास तहसील कार्यालय से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है, जहां एक पटवारी को गंभीर अनियमितताओं के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसीलदार गोपद बनास द्वारा जारी नोटिस में पटवारी रवीशंकर शुक्ला (पटवारी हल्का जमोड़ी सर्गवन) पर जमीन संबंधी प्रकरण में लापरवाही और रिकॉर्ड में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। क्या है पूरा मामला? शिकायतकर्ता गणेश गौतम द्वारा प्रस्तुत आवेदन में आरोप लगाया गया कि संबंधित पटवारी द्वारा भूमि प्रकरण में गलत तरीके से रकबा दर्ज कर आदेश पारित कराया गया, जिससे वास्तविक हिस्सेदारों के अधिकार प्रभावित हुए। बताया गया कि वर्ष 2021-22 में किए गए सीमांकन और नामांतरण की प्रक्रिया में भी त्रुटियां सामने आईं, जिनमें हिस्सेदारी का सही बंटवारा नहीं किया गया और रिकॉर्ड में विसंगतियां दर्ज हो गईं। नियमों के उल्लंघन का आरोप नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विरुद्ध है और इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया है। पत्र प्राप्ति के 2 दिन में जवाब देने का निर्देश तहसीलदार ने संबंधित पटवारी को निर्देश दिया है कि वे 2 दिनों के भीतर उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता, तो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन सख्त, कार्रवाई तय! इस नोटिस की प्रतिलिपि कलेक्टर कार्यालय एवं अनुविभागीय अधिकारी को भी भेजी गई है, जिससे स्पष्ट है कि मामला अब उच्च स्तर पर भी निगरानी में है। बड़ा सवाल क्या जवाब से पटवारी खुद को बचा पाएंगे? या फिर इस मामले में कड़ी कार्रवाई तय है? निष्कर्ष सीधी जिले में लगातार सामने आ रहे राजस्व संबंधी मामलों के बीच यह नोटिस प्रशासन की सख्ती का संकेत माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जवाब के बाद क्या कार्रवाई होती है। 👉 बीरबल भूमि समाचार सीधी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

Gopadbanas, Sidhi | Aug 13, 2026

तलाश न्यूज सीधी 
#सीधी जिले में पेयजल समस्या को लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को अल्टीमेटम जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि पूरे जिले के खराब हैंडपंपों की मरम्मत का स्टीमेट तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत किया जाए।

ज्ञान सिंह चौहान ने तहसीलदार के बयान पर असहमति जताते हुए कहा कि वे आपकी बात से सहमत नहीं हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यदि विभाग हैंडपंप सुधार नहीं कर पा रहा है, तो स्पष्ट रूप से स्टीमेट जारी करें, ताकि समस्या का तत्काल समाधान करते हुए पेयजल की व्यवस्था बहाल किया जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि जैसे ही मरम्मत का पूरा स्टीमेट सामने आएगा, हम पूरे जिले में हैंडपंप सुधार का खर्च स्वयं वहन करेंगे ,

चौहान ने यह भी दोहराया कि कांग्रेस हमेशा जनता के साथ खड़ी रही है और आगे भी हर गांव और हर घर तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्य बिंदु:

- 3 दिन में हैंडपंप मरम्मत का स्टीमेट देने का अल्टीमेटम
- तहसीलदार के बयान से जताई असहमति
- पूरे जिले के हैंडपंप मरम्मत का खर्च उठाने का कांग्रेस का ऐलान
- पेयजल समस्या को बताया गंभीर मुद्दा
- जनहित में त्वरित समाधान की मांग

— रिपोर्ट: विनय कुमार त्रिपाठी, संपादक तलाश न्यूज समाचार सीधी ❤️👍🏻

तलाश न्यूज सीधी #सीधी जिले में पेयजल समस्या को लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को अल्टीमेटम जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि पूरे जिले के खराब हैंडपंपों की मरम्मत का स्टीमेट तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत किया जाए। ज्ञान सिंह चौहान ने तहसीलदार के बयान पर असहमति जताते हुए कहा कि वे आपकी बात से सहमत नहीं हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यदि विभाग हैंडपंप सुधार नहीं कर पा रहा है, तो स्पष्ट रूप से स्टीमेट जारी करें, ताकि समस्या का तत्काल समाधान करते हुए पेयजल की व्यवस्था बहाल किया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि जैसे ही मरम्मत का पूरा स्टीमेट सामने आएगा, हम पूरे जिले में हैंडपंप सुधार का खर्च स्वयं वहन करेंगे , चौहान ने यह भी दोहराया कि कांग्रेस हमेशा जनता के साथ खड़ी रही है और आगे भी हर गांव और हर घर तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्य बिंदु: - 3 दिन में हैंडपंप मरम्मत का स्टीमेट देने का अल्टीमेटम - तहसीलदार के बयान से जताई असहमति - पूरे जिले के हैंडपंप मरम्मत का खर्च उठाने का कांग्रेस का ऐलान - पेयजल समस्या को बताया गंभीर मुद्दा - जनहित में त्वरित समाधान की मांग — रिपोर्ट: विनय कुमार त्रिपाठी, संपादक तलाश न्यूज समाचार सीधी ❤️👍🏻

Gopadbanas, Sidhi | Aug 13, 2026

जनार्दन मिश्रा के विवादित बयान पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष का पलटवार, विवेक पांडे बोले—विरोध हो, लेकिन भाषा की मर्यादा जरूरी

शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा—दूसरों की गलती का विरोध करते-करते हम खुद वही गलती न दोहराएं

सीधी। रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा के कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। सांसद के बयान का विरोध करते हुए सीधी कांग्रेस जिलाध्यक्ष जान सिंह चौहान द्वारा सार्वजनिक मंच से कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर अब शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने भाषा की मर्यादा बनाए रखने की बात कही है।

मीडिया से चर्चा के दौरान जब विवेक पांडे से इस पूरे मामले को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि विरोध होना चाहिए, लेकिन भाषा की मर्यादा भी बहुत जरूरी है।

उन्होंने कहा कि रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा के विवादित बयान का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उसके जवाब में सार्वजनिक मंच पर गंदे या आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। गलत बयान का विरोध जरूर होना चाहिए, लेकिन विरोध करते समय भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है।

विवेक पांडे ने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है और इसे बच्चों से लेकर माताओं-बहनों तक हर वर्ग देखता है। सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों की भाषा का समाज पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में दूसरों की गलती का विरोध करते-करते हमें यह भी चिंतन करना चाहिए कि कहीं हम स्वयं वही गलती तो नहीं दोहरा रहे।

उन्होंने कहा कि यह चिंतन का विषय है, क्योंकि इस तरह की बयानबाजी से पार्टी और व्यक्ति—दोनों का नुकसान हो सकता है। हर व्यक्ति का अपना नजरिया और अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक मंच पर इस्तेमाल की जाने वाली भाषा जिम्मेदारीपूर्ण होनी चाहिए।

विवेक पांडे ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यदि हम सामने वाले की आपत्तिजनक भाषा का विरोध करते हुए खुद भी उसी तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे, तो फिर सामने वाले और हमारे बीच कोई फर्क नहीं रह जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी को अपने-अपने प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखने की आजादी है, लेकिन यह भी देखना जरूरी है कि हमारा प्लेटफॉर्म क्या है और समाज के सामने हम किस तरह की भाषा प्रस्तुत कर रहे हैं।

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि विरोध अपनी जगह जरूरी है, लेकिन राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

जनार्दन मिश्रा के विवादित बयान पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष का पलटवार, विवेक पांडे बोले—विरोध हो, लेकिन भाषा की मर्यादा जरूरी शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा—दूसरों की गलती का विरोध करते-करते हम खुद वही गलती न दोहराएं सीधी। रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा के कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। सांसद के बयान का विरोध करते हुए सीधी कांग्रेस जिलाध्यक्ष जान सिंह चौहान द्वारा सार्वजनिक मंच से कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर अब शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने भाषा की मर्यादा बनाए रखने की बात कही है। मीडिया से चर्चा के दौरान जब विवेक पांडे से इस पूरे मामले को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि विरोध होना चाहिए, लेकिन भाषा की मर्यादा भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा के विवादित बयान का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उसके जवाब में सार्वजनिक मंच पर गंदे या आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। गलत बयान का विरोध जरूर होना चाहिए, लेकिन विरोध करते समय भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है। विवेक पांडे ने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है और इसे बच्चों से लेकर माताओं-बहनों तक हर वर्ग देखता है। सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों की भाषा का समाज पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में दूसरों की गलती का विरोध करते-करते हमें यह भी चिंतन करना चाहिए कि कहीं हम स्वयं वही गलती तो नहीं दोहरा रहे। उन्होंने कहा कि यह चिंतन का विषय है, क्योंकि इस तरह की बयानबाजी से पार्टी और व्यक्ति—दोनों का नुकसान हो सकता है। हर व्यक्ति का अपना नजरिया और अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक मंच पर इस्तेमाल की जाने वाली भाषा जिम्मेदारीपूर्ण होनी चाहिए। विवेक पांडे ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यदि हम सामने वाले की आपत्तिजनक भाषा का विरोध करते हुए खुद भी उसी तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे, तो फिर सामने वाले और हमारे बीच कोई फर्क नहीं रह जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सभी को अपने-अपने प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखने की आजादी है, लेकिन यह भी देखना जरूरी है कि हमारा प्लेटफॉर्म क्या है और समाज के सामने हम किस तरह की भाषा प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि विरोध अपनी जगह जरूरी है, लेकिन राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

Gopadbanas, Sidhi | Aug 13, 2026

सीधी जिले अंतर्गत तरका के तालाब में दो मगरमच्छों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत,

वीडियो जारी कर सरपंच ने क्या कहा आओ भी सुनिए,

तीन पीडिया टोला के ‘तालाब तलारी’ में देखे गए दो बड़े मगरमच्छ, तत्काल रेस्क्यू की मांग

 तलाश न्यूज सीधी 

ग्राम पंचायत तरका के तीन पीडिया टोला स्थित ‘तालाब तलारी’ में पिछले कुछ दिनों से दो बड़े मगरमच्छ देखे जाने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार तालाब आबादी क्षेत्र से घिरा हुआ है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों का आवागमन होता है। महिलाएं कपड़े धोने के लिए तालाब पहुंचती हैं, वहीं मवेशी भी पानी पीने के लिए इसी जलस्रोत का उपयोग करते हैं।

मगरमच्छों की मौजूदगी से किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए ग्राम पंचायत तरका के सरपंच प्रतिनिधि वंश बहादुर प्रजापति ने जिला कलेक्टर एवं प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ), सीधी को शिकायत पत्र भेजकर तत्काल वन्यजीव रेस्क्यू टीम भेजने की मांग की है।

वन विभाग को सूचना के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप

शिकायत पत्र में सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि मामले की जानकारी स्थानीय वन विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ क्षेत्रीय विधायक एवं सांसद को भी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अभी तक वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची है। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी से लगे तालाब में मगरमच्छों की मौजूदगी गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है।

सोन घड़ियाल अभयारण्य की रेस्क्यू टीम भेजने की मांग

सरपंच प्रतिनिधि ने प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए सोन घड़ियाल अभयारण्य की वन्यजीव रेस्क्यू टीम को तत्काल मौके पर भेजकर दोनों मगरमच्छों को सुरक्षित रेस्क्यू कराने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।

ग्रामीणों में भय का माहौल

तालाब के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में मगरमच्छों की मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते दोनों मगरमच्छों को सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचाया गया तो किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है। प्रशासन से ग्रामीणों ने तत्काल कार्रवाई कर संभावित खतरे को टालने की मांग की है।

शिकायतकर्ता: वंश बहादुर प्रजापति, सरपंच प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत तरका, तीन पीडिया टोला, विधानसभा क्षेत्र सिहावल, जिला सीधी।
दिनांक: 12 अगस्त 2026

सीधी जिले अंतर्गत तरका के तालाब में दो मगरमच्छों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत, वीडियो जारी कर सरपंच ने क्या कहा आओ भी सुनिए, तीन पीडिया टोला के ‘तालाब तलारी’ में देखे गए दो बड़े मगरमच्छ, तत्काल रेस्क्यू की मांग तलाश न्यूज सीधी ग्राम पंचायत तरका के तीन पीडिया टोला स्थित ‘तालाब तलारी’ में पिछले कुछ दिनों से दो बड़े मगरमच्छ देखे जाने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार तालाब आबादी क्षेत्र से घिरा हुआ है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों का आवागमन होता है। महिलाएं कपड़े धोने के लिए तालाब पहुंचती हैं, वहीं मवेशी भी पानी पीने के लिए इसी जलस्रोत का उपयोग करते हैं। मगरमच्छों की मौजूदगी से किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए ग्राम पंचायत तरका के सरपंच प्रतिनिधि वंश बहादुर प्रजापति ने जिला कलेक्टर एवं प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ), सीधी को शिकायत पत्र भेजकर तत्काल वन्यजीव रेस्क्यू टीम भेजने की मांग की है। वन विभाग को सूचना के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप शिकायत पत्र में सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि मामले की जानकारी स्थानीय वन विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ क्षेत्रीय विधायक एवं सांसद को भी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अभी तक वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची है। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी से लगे तालाब में मगरमच्छों की मौजूदगी गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है। सोन घड़ियाल अभयारण्य की रेस्क्यू टीम भेजने की मांग सरपंच प्रतिनिधि ने प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए सोन घड़ियाल अभयारण्य की वन्यजीव रेस्क्यू टीम को तत्काल मौके पर भेजकर दोनों मगरमच्छों को सुरक्षित रेस्क्यू कराने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। ग्रामीणों में भय का माहौल तालाब के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में मगरमच्छों की मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते दोनों मगरमच्छों को सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचाया गया तो किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है। प्रशासन से ग्रामीणों ने तत्काल कार्रवाई कर संभावित खतरे को टालने की मांग की है। शिकायतकर्ता: वंश बहादुर प्रजापति, सरपंच प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत तरका, तीन पीडिया टोला, विधानसभा क्षेत्र सिहावल, जिला सीधी। दिनांक: 12 अगस्त 2026

Gopadbanas, Sidhi | Aug 12, 2026

बड़ी खबर | #सीधी जिले के सेमरिया में कपड़े की दुकान में भीषण आग, पूरी दुकान जलकर खाक; व्यापारियों में भारी आक्रोश

सीधी/सेमरिया। सीधी जिले के सेमरिया स्थित रामगोपाल चौक, हनुमानगढ़ रोड पर अमृतलाल गुप्ता की “सार्थक ड्रेसेस” दुकान में आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर नष्ट होने की बात सामने आई है। आग इतनी भीषण थी कि दुकान का अधिकांश सामान पूरी तरह जल गया।

घटना के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश है। घटनास्थल से बोतल और माचिस मिलने के कारण आग लगने की घटना को लेकर आगजनी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। व्यापारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों का पता लगाने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

बड़ी खबर | #सीधी जिले के सेमरिया में कपड़े की दुकान में भीषण आग, पूरी दुकान जलकर खाक; व्यापारियों में भारी आक्रोश सीधी/सेमरिया। सीधी जिले के सेमरिया स्थित रामगोपाल चौक, हनुमानगढ़ रोड पर अमृतलाल गुप्ता की “सार्थक ड्रेसेस” दुकान में आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर नष्ट होने की बात सामने आई है। आग इतनी भीषण थी कि दुकान का अधिकांश सामान पूरी तरह जल गया। घटना के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश है। घटनास्थल से बोतल और माचिस मिलने के कारण आग लगने की घटना को लेकर आगजनी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। व्यापारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों का पता लगाने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Gopadbanas, Sidhi | Aug 12, 2026

गोपद बनास: ग्राम झूमर में वन विभाग ने हटाया अतिक्रमण, की कार्रवाई - Gopadbanas News