‘#स्टूडेंट_प्रोटेस्ट’: #तख्तियां लेकर #सड़क पर उतरे सैकड़ों #छात्र, #मोहान #चौराहा किया #जाम
#उन्नाव/#हसनगंज। #खराब_भोजन, #पेयजल की #अव्यवस्था, शिक्षकों की कमी और प्रधानाचार्य के कथित गलत व्यवहार को लेकर जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के सैकड़ों छात्र बुधवार सुबह सड़क पर उतर आए। हाथों में तख्तियां लेकर छात्र करीब छह बजे मोहान चौराहे पहुंचे और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
छात्रों के अचानक सड़क पर उतरने से #मोहान_चौराहा पूरी तरह जाम हो गया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। छात्रों का कहना था कि जब #स्कूल के भीतर उनकी समस्याएं नहीं सुनी जा रही हैं तो अब अपनी आवाज #जिम्मेदार #अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए सड़क पर उतरना पड़ा।
खाने से लेकर पढ़ाई तक—छात्रों ने उठाए सवाल
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में मिलने वाला भोजन गुणवत्तापूर्ण नहीं है। पेयजल की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। इसके अलावा शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
छात्रों ने #प्रधानाचार्य #वंदना के व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि #विद्यार्थियों के साथ प्रधानाचार्य का व्यवहार उचित नहीं है।
प्रदर्शन में सचिन चौधरी, अभिनेष, अर्जुन, फतेह खान, अविचल, आयुष, अनूप, नितिन, आर्यन, ओम, अनुराग, गौरव वर्मा, संजीवन, चंद्रकांत, अंकित समेत बड़ी संख्या में छात्र शामिल रहे।
सड़क पर उतरे छात्र तो प्रशासन दौड़ा
सैकड़ों छात्रों के चौराहे पर बैठने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल मच गई। कोतवाल शरद कुमार, सीओ तेज बहादुर सिंह, अजगैन, सोहरामऊ और पुरवा पुलिस के अधिकारी, सीओ अरविंद चौरसिया, एडीएम और एसडीएम मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने और उनकी समस्याएं सुनने का प्रयास शुरू किया। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल यातायात बहाल कराने के साथ छात्रों को शांत कराकर उनकी शिकायतों का समाधान कराना है।
छात्रों का संदेश साफ—‘क्लास में नहीं सुनी तो सड़क पर आए’
यह प्रदर्शन सिर्फ स्कूल की चारदीवारी के भीतर की शिकायत नहीं रह गया। Gen-Z अंदाज में छात्रों ने तख्तियां उठाईं और सीधे सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद कर दी। छात्रों का कहना है कि भोजन, पानी और पढ़ाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए बार-बार शिकायत करनी पड़े तो सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। अब असली परीक्षा प्रशासन की है—क्या छात्रों को सिर्फ समझाकर वापस हॉस्टल भेजा जाएगा या भोजन, पेयजल, शिक्षकों की कमी और प्रधानाचार्य के व्यवहार से जुड़े आरोपों की वास्तविक जांच कर ठोस समाधान निकाला जाएगा?
मोहान चौराहे पर लगा यह जाम सिर्फ ट्रैफिक नहीं रोक रहा था, बल्कि व्यवस्था से एक सीधा सवाल पूछ रहा था—जब छात्र की बात स्कूल में नहीं सुनी गई, तो उसे सड़क तक आने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी?
Sadar, Lucknow | Aug 19, 2026