बेगूसराय में एक मां ने अपने छह वर्षीय बेटे को बिजली के करंट से बचाया, लेकिन खुद उसकी चपेट में आ गईं। परिजनों द्वारा अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक के लिए एक तथाकथित 'बिजली बाबा' के पास ले जाने के बाद महिला की मौत हो गई। यह घटना बछवाड़ा थाना क्षेत्र के चमथा दो पंचायत के वार्ड संख्या 8 स्थित बरखुट गांव में शुक्रवार शाम को हुई।
मृतका की पहचान मिंटू राय की पत्नी रंजू देवी के रूप में हुई है। पति मिंटू राय ने बताया कि उनके घर निर्माण का काम चल रहा था। बिजली के खंभे के पास फूस रखा हुआ था।
इसी दौरान उनका छह वर्षीय बेटा विकास फूस लेने गया और करंट की चपेट में आ गया। बेटे को तड़पता देख मां रंजू देवी तुरंत मौके पर पहुंचीं और उसे करंट से बचा लिया। हालांकि, जैसे ही उन्होंने खंभे के पास से फूस का बोझ उठाने की कोशिश की, वह खुद करंट की चपेट में आकर बेहोश हो गईं।
घटना के बाद, परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय स्थानीय स्तर पर प्रसिद्ध एक तथाकथित 'बिजली बाबा' के पास ले गए। जहां उक्त महिला की मौत हो गई।
गांव में इस घटना को लेकर चर्चा है कि यदि महिला को समय पर अस्पताल ले जाया जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। इस घटना ने अंधविश्वास और झाड़-फूंक पर निर्भरता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बछवाड़ा थाना पुलिस को घटना की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शनिवार को पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
इस हादसे के बाद चार पुत्री, एक पुत्र और एक 8 महीने के शिशु के सर पर से मां का साया हट गया और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
इस संबंध में थानाध्यक्ष परेन्द्र कुमार ने बताया कि करंट लगने से एक महिला की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि मृत महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।