समाहरणालय पूर्णिया,
जनसंपर्क कार्यालय,
प्रेस विज्ञप्ति1720,
दिनांक 23/10/2026,
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पूर्णिया में 'शिशु संवर्द्धन' और समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम पर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक एवं क्षमता वर्धन कार्यशाला आयोजित:-
पहले 6 माह शिशु के शारीरिक, मानसिक और संज्ञानात्मक विकास के लिए बेहद संवेदनशील:- विशेषज्ञ
स्वास्थ्य और ICDS तंत्र के तालमेल से कम वजन के साथ जन्मे शिशुओं को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण देखभाल:----
शिशुओं के शुरुआती छ: महीनों में होने वाले आरंभिक वृद्धि अवरोध (EGF - Early Growth Faltering) की पहचान और बेहतर प्रबंधन के लिए शुक्रवार को होटल सेंटर पॉइंट, पूर्णिया में स्वास्थ्य विभाग द्वारा यूनिसेफ बिहार एवं एम्स पटना के तकनीकी सहयोग से एक दिवसीय जिला स्तरीय समीक्षा बैठक एवं क्षमता वर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कन्नौजिया की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य एवं आईसीडीएस (ICDS) विभाग के पदाधिकारियों और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की क्षमता वृद्धि करना है,ताकि समुदाय स्तर पर शिशुओं और माताओं के लिए गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
कार्यशाला में एम्स पटना से आए डॉ. दीपिका और डॉ. वेंकटेश ने प्रतिभागियों को शिशु पोषण, वृद्धि निगरानी, स्तनपान परामर्श, जोखिम पहचान और समुदाय-आधारित प्रबंधन पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया।
इस दौरान पायलट प्रखंड कसबा और पूर्णिया पूर्व में चल रहे शिशु संवर्द्धन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि जन्म से 6 महीने तक की अवधि शिशु के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
समय पर पहचान, उचित परामर्श, नियमित फॉलो-अप तथा 'पोषण ट्रैकर' एवं 'एम-आशा' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्वास्थ्य एवं आईसीडीएस विभाग के मजबूत समन्वय से शिशुओं की स्थिति में सुधार लाया जा सकता है।
इस अवसर पर डीपीएम सुरेंद्र कुमार दास, डीसीएम नवीन कुमार दास, यूनिसेफ राज्य सलाहकार वृंदा किराडू, जिला पोषण सलाहकार निधि भारती, जिला एनीमिया मुक्त भारत सलाहकार शुभम गुप्ता, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), महिला पर्यवेक्षिका, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC), BHM, BCM एवं प्रखंड समन्वयकों की सक्रिय रूप से उपस्थित थे।
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Purnia, Bihar | Oct 23, 2026