प्राथमिक विद्यालय अमखेड़ा में बच्चों को साँप एवं बिच्छू के काटने से बचाव के प्रति किया गया जागरूक
बरसात के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में साँप, बिच्छू एवं अन्य विषैले जीवों के निकलने की बढ़ती संभावना को देखते हुए प्राथमिक विद्यालय अमखेड़ा में विद्यार्थियों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को संभावित जोखिमों से बचाव, प्राथमिक सावधानियों तथा स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक एवं राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक विपिन उपाध्याय ने बच्चों को बताया कि यदि किसी व्यक्ति को साँप या बिच्छू काट ले तो घबराना नहीं चाहिए, प्रभावित व्यक्ति को शांत रखना चाहिए तथा तुरंत निकटतम अस्पताल ले जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी स्थिति में घाव को काटना, ज़हर चूसने का प्रयास करना, बहुत कसकर रस्सी या कपड़ा बाँधना तथा झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर भरोसा करना उचित नहीं है। उन्होंने बच्चों से कहा कि ऐसी घटना होने पर तुरंत घर के बड़े लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों को सूचना दें तथा समय पर चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें।
शिक्षक श्याम जी ने विद्यार्थियों को विद्यालय एवं घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, झाड़ियों और कूड़े-कचरे से दूर रहने, जमीन पर सीधे न लेटने तथा बरसात के दिनों में खेतों, बगीचों या झाड़ियों के पास जाते समय विशेष सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षिकाएँ सविता कुशवाहा एवं अनु गुप्ता ने बच्चों को बताया कि घर में उपयोग होने वाले गद्दों, तकियों, चादरों, अलमारी, जूतों और अन्य सामान को समय-समय पर साफ करें तथा उपयोग से पहले अच्छी तरह झाड़-फटकार लें। उन्होंने बच्चों से अपील की कि घर और आसपास का वातावरण स्वच्छ रखें तथा किसी भी विषैले जीव के दिखाई देने पर स्वयं उसे पकड़ने या छेड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत बड़े लोगों को सूचना दें।
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों से आग्रह किया गया कि वे आज प्राप्त इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने माता-पिता, दादा-दादी, चाचा-चाची, भाई-बहन तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अवश्य साझा करें, ताकि पूरा परिवार बरसात के मौसम में सतर्क रहे और किसी भी आपात स्थिति में सही कदम उठा सके। सही जानकारी, स्वच्छता और समय पर उपचार ही साँप एवं बिच्छू के काटने जैसी घटनाओं से होने वाले गंभीर नुकसान को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।
Orai, Jalaun | Jul 24, 2026