धार में सात दिवसीय ‘आपदा मित्र’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का गरिमामय समापन
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डिविजनल कमांडेंट श्रीमती प्रीतिबाला सिंह के मुख्य आतिथ्य में हुआ समारोह, स्वयंसेवकों को बोरवेल बचाव एवं रस्सी की गांठों का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
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राज्य शासन एवं मुख्यालय के निर्देशानुसार धार जिले में आयोजित सात दिवसीय ‘आपदा मित्र’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को गरिमामय समारोह के साथ समापन हुआ। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस स्वयंसेवकों को बोरवेल में गिरने वाले बच्चों एवं व्यक्तियों के बचाव की प्रक्रिया तथा आपातकालीन परिस्थितियों में उपयोगी विभिन्न प्रकार की रस्सियों की गांठों एवं उनके उपयोग का तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
*बोरवेल बचाव एवं रस्सी की गांठों का कराया अभ्यास*
प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षकों ने खुले बोरवेल में गिरे बच्चों एवं व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया, बचाव कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा विभिन्न प्रकार की रस्सियों की गांठों के उपयोग की जानकारी दी। स्वयंसेवकों को इन तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में वे सजगता एवं दक्षता के साथ राहत और बचाव कार्यों में सहयोग कर सकें।
*डिविजनल कमांडेंट श्रीमती प्रीतिबाला सिंह रहीं मुख्य अतिथि*
प्रशिक्षण उपरांत आयोजित समापन समारोह में डिविजनल कमांडेंट, होमगार्ड इंदौर श्रीमती प्रीतिबाला सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। जिला सेनानी श्री राजपाल मीना ने पुष्पगुच्छ भेंट कर एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि श्रीमती प्रीतिबाला सिंह ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर सभी आपदा मित्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपदा मित्र प्रशिक्षण केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज सेवा, मानवीय संवेदना और अमूल्य मानव जीवन की रक्षा का संकल्प है। आपदा के समय प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपेक्षा की कि वे आवश्यकता पड़ने पर प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में तत्परता, अनुशासन एवं सजगता के साथ कार्य करते हुए प्रशासन के राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग प्रदान करेंगे।
*प्रशिक्षण में अर्जित कौशल का जनहित में उपयोग करें स्वयंसेवक*
जिला सेनानी श्री राजपाल मीना ने सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा एवं विभिन्न सत्रों में दिए गए प्रशिक्षण की जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा प्रदर्शित अनुशासन, उत्साह एवं सीखने की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि प्रशिक्षण में अर्जित ज्ञान एवं कौशल का उपयोग आपदा की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा और जरूरतमंदों की सहायता के लिए किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में जिला सेनानी श्री राजपाल मीना ने मुख्य अतिथि श्रीमती प्रीतिबाला सिंह, समस्त प्रशिक्षकों, सहयोगियों तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षित एवं जागरूक स्वयंसेवकों का सक्षम दल तैयार करना है, जो आपदा की स्थिति में प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।
Jansampark Madhya Pradesh
1 views | Dhar, Madhya Pradesh | Oct 28, 2026