सहारनपुर के बाद अब मुरादाबाद की मुस्तफ़ा मस्जिद को लेकर मामला गरमा गया है।
बताया जा रहा है कि मस्जिद के लोगों को नोटिस जारी कर भवन का नक्शा पेश करने के लिए कहा गया है।
नक्शा नहीं दिखा पाने की स्थिति में मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
खास बात ये है कि मुस्तफ़ा मस्जिद के ठीक बराबर में जैन मंदिर भी मौजूद है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है—
क्या जैन मंदिर के लोगों को भी इसी तरह नक्शा दिखाने का नोटिस दिया गया है?
अगर नियम निर्माण और नक्शे को लेकर है, तो फिर कार्रवाई का पैमाना सभी धार्मिक स्थलों के लिए एक जैसा क्यों नहीं होना चाहिए?
अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन इस सवाल का क्या जवाब देता है।