बीना: 21वीं सदी में पहचान को तरसते दो दर्जन से ज्यादा परिवारों ने तहसील में प्रशासन से फिर मदद मांगी
Bina, Sagar | Sep 8, 2026 ये कोई 1947 की तस्वीर नहीं है। ये आज के मध्यप्रदेश के बीना का मुहासा गांव है। यहां करीब दो दर्जन से ज्यादा परिवार पिछले कई बरसों से सिर्फ तंबू लगाकर अपना जीवन गुजार रहे हैं।ना राशन कार्ड, ना आधार कार्ड, ना जाति प्रमाण पत्र। जब पहचान ही नहीं तो सरकारी योजनाएं तो दूर की बात है। इन परिवारों के 5 साल से लेकर 25 साल तक के बच्चे आज तक स्कूल तक नहीं गए।