अध्यक्षपति की दखलंदाजी और 15वें वित्त की अनिमितताओं पर सदस्यों का हंगामा, जनपद पंचायत की बैठक रद्द
रीवा जनपद पंचायत रीवा में शनिवार को आयोजित होने वाली सामान्य सभा की बैठक शुरू होने से पहले ही हंगामे की भेंट चढ़ गई। अधिकारियों की कार्यशैली और बैठकों में जनपद अध्यक्ष पति के बढ़ते दखल से नाराज सदस्यों के विरोध को देखते हुए बैठक को ऐन मौके पर निरस्त कर दिया गया। इससे आक्रोशित जनपद सदस्यों ने परिसर में ही डटकर अपना विरोध दर्ज कराया।
ऐन मौके पर निरस्त की गई बैठक
वार्ड क्रमांक 17 के जनपद सदस्य और वार्ड क्रमांक 25 की सदस्य अनूप चौरसिया ने बताया कि सामान्य सभा की बैठक के लिए सदस्यों को बाकायदा 9 और 10 तारीख को सूचना दी गई थी। जब सभी सदस्य तय समय पर जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे, तो वहां केवल गिने-चुने लोग, सीईओ और जनपद अध्यक्ष के पति राजेश यादव बैठे थे। सदस्यों का आरोप है कि उनके पहुँचते ही सीईओ ने बैठक रद्द करने का ऐलान कर दिया और सभी को अध्यक्ष कक्ष में बुला लिया, जहाँ बैठने तक की व्यवस्था नहीं थी।
3-4 वर्षों से विकास राशि का हिसाब न देने का आरोप
जनपद सदस्यों ने आरोप लगाया कि पिछले 3 से 4 वर्षों से पंचायत को मिले 15वें वित्त आयोग की राशि का कोई स्पष्ट हिसाब-किताब नहीं दिया जा रहा है। जब भी सदस्य पिछली राशि और विकास कार्यों का हिसाब मांगते हैं, तो टालमटोल कर मामला दबा दिया जाता है।
अध्यक्षपति के दखल पर जताई आपत्ति
सदस्यों का आरोप है कि शासकीय नियमों को दरकिनार कर जनपद अध्यक्ष के पति बैठकों में सीधे तौर पर हस्तक्षेप करते हैं और वही सारा कामकाज देखते हैं। शनिवार को भी 15वें वित्त के प्रकरणों में सांठ-गांठ की मंशा से माहौल बनाया गया था, लेकिन सदस्यों की सक्रियता देख आनन-फानन में बैठक निरस्त कर दी गई।
बैठक रद्द होने के बाद भी कई जनपद सदस्य काफी देर तक सभागार में डटे रहे और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।