#UPI : UPI के नए नियम बड़े कठिन और टेक्निकल शब्दों में लिखे हुए हैं। अगर ठीक से नहीं समझाया गया तो रायता बहुत फैल जाएगा। एक-एक प्वाइंट अच्छे से समझाने के लिए कहें, क्योंकि UPI चलाने वाला गरीब आदमी बैंक की भाषा नहीं समझ सकता है। मैंने सारे points पढ़े हैं, टोटल 42 Points हैं। अगर ठीक से कोई पढ़े, समझे या समझा दे तो नियम ऐसे बने हैं कि...
1. 100 में से 96 ग्राहक को कुछ एक्सट्रा नहीं खर्च करना होगा
2. रेहड़ी पटरी लगाने वाले, फल सब्जी बेचने वाले, किसी भी छोटे कारोबारी को एक पैसा एक्सट्रा नहीं देना होगा। एक लाख रुपए महीने का कारोबार करने वाले दुकानदार को एक पैसा नहीं देना है।
3. Zero MDR यानि अगर आपको एक पैसा भी UPI के लिए नहीं देना है, और आप मरचेंट यानि कारोबारी हैं, व्यापारी हैं तब भी आपको GST रिजस्ट्रेशन जरूरी नहीं है।
4. गांव के लोगों को, गांव के दुकानदारों को, गांव के व्यापारियों को कोई एक्सट्रा पैसा नहीं देना है।
5. जागो ग्राहक जागो: नियम एकदम साफ है, 34वां प्वाइंट में लिखा है। एक्सट्रा पैसा ग्राहक नहीं देगा। जिन दुकानदारों के UPI खाते में लगातार तीन महीने एक लाख से ज्यादा क्रेडिट होगा, उसे बड़ा दुकानदार माना जाएगा। उसे ही 0.4 परसेंट यानि तीन हजार रुपए का सामान बेचने पर 12 रुपए देने होंगे। लेकिन 1 लाख का सामान बेचने पर चार सौ रुपए नहीं देने हैं। मैक्सिमम MDR यानि चार्ज 300 रुपए ही होगा। मतलब अगर कोई बड़ा व्यापारी दो लाख की बिक्री करता है तब भी वो 300 रुपए ही MDR चुकाएगा।
टेबल ऐसे समझिए
बिक्री MDR
2,000 0
3,000 12 रुपये
50,000 200 रुपए
75,000 और ज़्यादा 300 रुपए