इस वीडियो में पंजाब के मानसा जिले के सरदूलगढ़ में रहने वाले एक बेहद गरीब परिवार तक पहुँचाई गई राहत और सेवा को दिखाया गया है। इस परिवार में चार सदस्य हैं—एक बुजुर्ग बीमार मां, मानसिक रूप से प्रभावित बुजुर्ग पिता, एक नेत्रहीन बेटी और बेटी का छोटा बेटा।
पति के निधन के बाद बेटी अपने मायके लौट आई और बिना किसी स्थायी आय के परिवार का गुजारा करना उसके लिए बेहद मुश्किल हो गया। लोगों की मदद और छोटी-मोटी सहायता के सहारे यह परिवार बेहद अभाव में जीवन जी रहा था।
संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा मुहिम के तहत सेवादार इस परिवार तक जरूरी राहत सामग्री लेकर पहुँचे। इसमें 25 किलो आटा, चावल, दालें, चीनी, तेल, सूखा दूध, मसाले, चाय, दैनिक उपयोग का सामान, कपड़े, जूते, गर्म कपड़े, रसोई के बर्तन, दो बाल्टियां, बच्चे के लिए पढ़ाई की सामग्री और एक साइकिल शामिल थी।
टीम ने यह भी बताया कि परिवार को आगे भी सहायता मिलती रहेगी। इसके लिए उन्हें एक संपर्क कार्ड दिया गया है, जिसके माध्यम से राशन खत्म होने से पहले परिवार हर महीने राशन की सहायता मांग सकता है।
यह सेवा किसी दिखावे या प्रशंसा के लिए नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के प्रति जागरूकता फैलाने और समाज को उनकी मदद के लिए प्रेरित करने का प्रयास है। करुणा, सम्मान और जरूरत के समय सही सहायता की यह कहानी देखिए और समझिए कि संगठित सेवा किसी परिवार के जीवन में उम्मीद कैसे ला सकती है।
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