चित्रकूट में भाजपा के छुटभईया नेता के संरक्षण में चल रहा अवैध खनन - '15 हजार में प्रशासन का ठेका' का दावा
*चित्रकूट।* धर्मनगरी चित्रकूट की धरती इन दिनों जेसीबी की खुदाई से छलनी हो रही है। आरोप है कि यहां अवैध खनन का खेल सत्ताधारी दल भाजपा से जुड़े एक स्थानीय छुटभईया नेता के संरक्षण में चल रहा है। खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि कथित तौर पर छुटभईया नेता जी "15 हजार में प्रशासन का ठेका" लेने का दावा कर रहे हैं।
बीती रात छीर के पुरवा, नयागांव में जेसीबी से बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन का काम चलता रहा। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा काम किसी 'कुशल' नाम के व्यक्ति द्वारा कराया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, एक भाजपा के छुटभईया नेता खुद को अधिकारियों के साथ एक क्षेत्रीय नेता के करीबी बताते हुए खनन माफियाओं को संरक्षण दे रहा है।
चर्चा है कि यह छुटभईया नेता "अधिकारियों को जेब में रखने" का दम भरते हुए 15 हजार रुपये में मिट्टी खनन का ठेका दे रहा है। इसके बाद रात के अंधेरे में जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली से जमकर खुदाई होती है।
*नाम न छापने की शर्त पर स्थानीय ग्रामीण*
_"रात 10 बजे के बाद से जेसीबी चालू हो जाती है। सुबह 4 बजे तक मिट्टी ढोई जाती है। बोलते हैं कि ऊपर तक सेटिंग है। नेता जी का नाम लेकर धमकाते हैं। 15 हजार दो और पूरी रात खोदो। खनिज वाले कभी नहीं आते।"_
*प्रशासन की चुप्पी पर सवाल:*
1. धर्मनगरी में रोज हो रहे इस अवैध खनन पर खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस आंखें क्यों मूंदे है?
2. क्या वाकई '15 हजार में प्रशासन का ठेका' सिस्टम की पोल खोल रहा है?
3. सत्ताधारी दल से जुड़े नेता का नाम आने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
चित्रकूट में अवैध खनन कोई नया मामला नहीं है, लेकिन इस बार आरोप सीधे सत्ता से जुड़े नेता पर संरक्षण देने के लग रहे हैं। बड़ा सवाल ये है कि जब नेता ही "प्रशासन का ठेका" लेने का दावा कर रहे हों तो कार्रवाई करेगा कौन?