सुखचैन सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा| राजकीय सम्मान से संस्कार| ऐसे हुई विदाई| आँखों में निकले आंसू|
सिरसा जिले के गांव कुत्ताबढ़ के रहने वाले सेना के जवान सुखचैन सिंह का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव में पहुंचा, यहां उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, पुरे क्षेत्र में शोक की लहर है, आज जैसे ही गांव में सेना के जवान उनके पार्थिव शरीर को लेकर पहुंचे तो सभी ने उनको नम आँखों से विदाई दी, हजारों की संख्या में यहां उमड़े लोगों ने सुखचैन फौजी अमर रहे के नारे लगाए, सभी लोग शमशान घाट तक तिरंगा लेकर उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए, यहां भारी पुलिस बल और सेना के जवानॉ ने उनको अंतिम विदाई दी, उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया| बता दें कि गांव के जवाब सुखचैन सिंह 2015 में सेना में भर्ती हुए थे, वो जम्मू कश्मीर में इंजीनियरिंग रेजिमेंट राजौरी में कार्यरत थे, बताया जा रहा था कि ड्यूटी के दौरान वो एक बिजली के करंट लगने से शहीद हो गए थे, वो आम किसान परिवार के बेटे थे, उनके पिता बलविंदर सिंह खेतीबाड़ी करते थे, उनके पिता का देहांत हो चूका है, उनकी पत्नी निर्मल कौर के पांच साल का बेटा है, परिजनों के अनुसार सुखचैन सिंह ने फोन पर कहा था कि वो अपने बेटे आकाशदीप के जन्मदिन पर छुट्टी लेकर जरूर आएंगे, लेकिन किसी को क्या पता था कि आकाशदीप अब हमेशा के लिए पिता का चेहरा नहीं देख पायेगा, उनके पिता पहुंचे तो, तिरंगे में लिपटकर| उनके पार्थिव शरीर को देखकर परिजनों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे| परिजनों का मलाल था कि पिछले तीन दिनों से कोई अधिकारी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा है, परिजनों ने सरकार से एक करोड़ रूपये और सरकारी नौकरी की मांग की है, आज पुरे क्षेत्र में इस घटना से शोक व्यापत है, दो दिन से गांव में किसी के घर चूल्हा नहीं जला है, सुखचैन के शहीद होने के बाद पुरे गांव में मातम पसरा हुआ है|
शहीद को सत सत नमन....
Sirsa, Sirsa | Sep 5, 2026