मलेशिया में लहराया तिरंगा: कुरुक्षेत्र की बेटी दिविना ने जीता एशिया कप का स्वर्ण, हुआ भव्य सम्मान
कुरूक्षेत्र, 8 जुलाई/सोनिका वधवा
मलेशिया में आयोजित 5वें योगासन स्पोर्ट्स एशिया कप 2026 में कुरुक्षेत्र की 8 वर्षीय बेटी दिवीना मनचंदा ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया है। नन्ही बिटिया की इस उपलब्धि पर अलाइन पावर योगा स्टूडियो में स्टूडियो की संचालिका एवं राष्ट्रीय योगासन कोच परमिंदर कौर तथा स्टूडियो संचालक एवं कोच हरप्रीत सिंह के नेतृत्व में भारत का गौरव बढ़ाने वाली इस युवा योग खिलाड़ी दिविना के सम्मान में एक भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस सम्मान समारोह में थानेसर नगरपरिषद की पूर्व चेयरपर्सन उमा सुधा मुख्य अतिथि रहीं। नगर पार्षद मनिंदर छिन्दा विशिष्ट अतिथि के रूप के रूप में शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने दिविना को सम्मानित करते हुए कहा कि उसकी उपलब्धि पूरे क्षेत्र, हरियाणा और देश के लिए गर्व का विषय है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती उमा सुधा ने कहा कि दिविना की सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। वहीं पार्षद मनिंदर छिन्दा ने कहा कि ऐसी बेटियां पूरे समाज के लिए प्रेरणा हैं और युवाओं को खेल एवं योग से जुड़कर देश का नाम रोशन करना चाहिए।
आपको बता दें कि दिविना वर्तमान में विजडम वर्ल्ड स्कूल कुरुक्षेत्र में तीसरी कक्षा की छात्रा है। दिवीना के पिता डॉक्टर भरत वीर मनचंदा और माता डॉक्टर सलोनी मनचंदा कुरूक्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी उल्लेखनीय सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। दिविना के दादा डॉक्टर एच.वी. मनचंदा शिक्षा जगत से लंबे समय से जुड़े हुए हैं। दिविना की इस उपलब्धि पर उसके दादा डॉक्टर एच.वी. मनचंदा, दादी वीणा मनचंदा, पिता डॉक्टर भरत वीर मनचंदा और माता डॉक्टर सलोनी मनचंदा को बहुत गर्व है। उन्होंने बिटिया की इस उपलब्धि के लिए अलाइन पावर योगा स्टूडियो की संचालिका एवं राष्ट्रीय योगासन कोच परमिंदर कौर तथा स्टूडियो संचालक एवं कोच हरप्रीत सिंह की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
गौरतलब है कि दिविना की इस उपलब्धि के पीछे लगातार चार वर्षों का कठिन अभ्यास, अनुशासन, समर्पण और अथक परिश्रम रहा है। छोटी उम्र से ही उसने प्रतिदिन कई घंटों तक नियमित योगासन का अभ्यास किया। अनेक जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के बाद उसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया और मलेशिया में आयोजित 5वें योगासन स्पोर्ट्स एशिया कप 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाया। उसकी इस सफलता ने यह सिद्ध कर दिया कि मेहनत, धैर्य और दृढ़ संकल्प से हर सपना साकार किया जा सकता है।
समारोह के दौरान स्टूडियो की संचालिका एवं राष्ट्रीय योगासन कोच परमिंदर कौर तथा कोच हरप्रीत सिंह के योगदान की भी सभी ने मुक्त कंठ से सराहना की। दोनों प्रशिक्षकों ने दिविना को पिछले चार वर्षों से तकनीकी प्रशिक्षण, मानसिक मजबूती, अनुशासन और प्रतियोगिताओं की विशेष तैयारी कराई। उनकी निरंतर मेहनत, मार्गदर्शन और विश्वास ने दिविना को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपस्थित अतिथियों ने कहा कि ऐसे समर्पित प्रशिक्षकों के कारण ही क्षेत्र की प्रतिभाएं आज विश्व मंच पर भारत का नाम रोशन कर रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्टूडियो के विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक आर्टिस्टिक योगासन प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। बड़ी संख्या में अभिभावकों, विद्यार्थियों, खेल प्रेमियों एवं गणमान्य नागरिकों ने समारोह में भाग लेकर दिविना का उत्साहवर्धन किया तथा उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।