जनसुनवाई में खाली रहीं कुर्सियां, फरियादियों का फूटा गुस्सा
37 में से सिर्फ 9 अधिकारी मौजूद, शिकायतकर्ताओं ने कहा- अधिकारी नहीं सुनेंगे तो कैसे मिलेगा न्याय, शिकायतकर्ता जमीन पर बैठे दिखाई दिए
टीकमगढ़। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में अधिकारियों की अनुपस्थिति व्यवस्था पर भारी पड़ती नजर आई। अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों को उस समय निराशा हाथ लगी, जब जनसुनवाई कक्ष में अधिकारियों की अधिकांश कुर्सियां खाली मिलीं। फरियादियों ने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं रहने से उनकी शिकायतों का मौके पर निराकरण नहीं हो सका।
मंगलवार दोपहर आयोजित जनसुनवाई में अधिकारियों के बैठने के लिए करीब 37 कुर्सियां लगाई गई थीं, लेकिन दोपहर 1 बजे तक केवल 9 अधिकारी ही उपस्थित थे। बाद में दो अधिकारी कुछ समय के लिए पहुंचे, लेकिन शिकायतें सुनने के बाद वापस चले गए। इससे दूर-दराज से आए लोगों में नाराजगी देखी गई। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि जब संबंधित विभागों के अधिकारी ही मौजूद नहीं रहेंगे तो समस्याओं का त्वरित समाधान कैसे संभव होगा।
वही तस्वीरों देखा जा सकता है कि जनसुनवाई में शिकायतकर्ता
जमीन बैठे दिखाई दिए
रामनगर निवासी जगदीश अहिरवार ने बताया कि वे सुजारा बांध परियोजना के भूमि मुआवजा प्रकरण को लेकर लंबे समय से कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। उनका कहना है कि वे तीन बार जनसुनवाई में आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक मामले का निराकरण नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि मुआवजा लंबित होने के कारण उनका परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहा है।
खरगापुर तहसील के ग्राम मजरकाशी निवासी 65 वर्षीय मनमोहन कुशवाहा ने जनसुनवाई में अपनी पीड़ा सुनाई। उन्होंने बताया कि कुएं के बिजली कनेक्शन का नियमित भुगतान करने के बावजूद विभाग ने उनका कनेक्शन काट दिया। उनका कहना है कि डेढ़ माह पहले बकाया राशि भी जमा कर दी गई थी। इसके बावजूद न केवल बिजली कनेक्शन बंद कर दिया गया, बल्कि करीब पांच माह पहले बिजली के तार भी काट दिए गए थे। कई शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते वे जनसुनवाई में न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचे।