किसानों की समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान, कृषि वैज्ञानिकों ने दिए जरूरी सुझाव
आत्मा सभागार में एक दिवसीय कृषक वैज्ञानिक वार्तालाप कार्यक्रम आयोजित
लखीसराय, 10 सितंबर। गगन दीप की रिपोर्ट :-कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), लखीसराय के तत्वावधान में गुरुवार को आत्मा सभागार में एक दिवसीय कृषक वैज्ञानिक वार्तालाप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर स्थानीय कृषि समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान उपलब्ध कराना तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति किसानों को जागरूक करना था।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), हलसी के वैज्ञानिकों ने जिले के प्रगतिशील किसानों से सीधे संवाद किया। इस दौरान किसानों ने खरीफ फसलों में लगने वाले विभिन्न कीट एवं रोग, उनके प्रभावी प्रबंधन, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने से संबंधित समस्याएं और सवाल वैज्ञानिकों के समक्ष रखे। वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं का व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक तरीके से समाधान बताते हुए आवश्यक कृषि सलाह दी।
‘खेत बचाओ अभियान’ पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान ‘खेत बचाओ अभियान’ के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। किसानों को रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से बचने और मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित मात्रा में उर्वरकों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। इसके साथ ही समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन (आईपीएम) तकनीक अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया गया।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की कि फसल में कीट या रोग के लक्षण दिखाई देने पर बिना विशेषज्ञ की सलाह के कीटनाशकों का प्रयोग न करें। कृषि विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों से सलाह लेकर अनुशंसित दवाओं और तकनीकों का ही इस्तेमाल करें। इससे खेती की लागत कम करने, उत्पादकता बढ़ाने तथा पर्यावरण और मिट्टी के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक आत्मा लखीसराय कुंदन कुमार, सहायक निदेशक (शष्य) भूमि संरक्षण अशोक कुमार, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण अंकित आनंद, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी श्रवण कुमार, केवीके हलसी के वैज्ञानिक डॉ. निशांत प्रकाश एवं डॉ. सुनील कुमार सहित जिले के प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।