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पीलीबंगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई अफीम और कार सहित नशा तस्कर गिरफ्तार #Lalbahadurbhakharjournalist L.b. Bhakhar पीलीबंगा/हनुमानगढ़ :- हनुमानगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक श्री नरेन्द्र सिंह मीना के निर्देशन में जिले भर में चलाए जा रहे एक दिवसीय एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत पीलीबंगा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गश्त के दौरान एक कार सवार नशा तस्कर को 40 ग्राम अवैध अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार पीलीबंगा थानाधिकारी श्री जगदीश प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में कानून व्यवस्था और नशा तस्करी की रोकथाम के लिए गश्त पर थी। इसी दौरान गोलूवाला पीलीबंगा रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने एक कार जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर RJ31CC7263 है उसे रोका। कार की तलाशी लेने पर उसमें से 40 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अफीम और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान जोगिन्दर सिंह उम्र 40 साल पुत्र जीतसिंह रायसिख निवासी खरलिया थाना पीलीबंगा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी जोगिन्दर सिंह के खिलाफ पीलीबंगा थाने में प्रकरण संख्या 379/2026 के तहत धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया है। मामले की गहन जांच के लिए इसकी कमान रावतसर थानाधिकारी श्री ईश्वरानंद को सौंपी गई है जो आगे का अनुसंधान करेंगे। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पीलीबंगा पुलिस टीम में मुख्य रूप से श्री चौनदान उपनिरीक्षक मय टीम लक्ष्मी हेड कांस्टेबल धीर सिंह हेड कांस्टेबल अनिल कांस्टेबल और सुभाष कांस्टेबल शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि पूरे हनुमानगढ़ जिले में एसपी नरेन्द्र सिंह मीना के आदेश पर 213 पुलिसकर्मियों की 45 टीमों ने 152 स्थानों पर दबिश देकर कुल 71 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिसमें पीलीबंगा की यह कार्रवाई भी शामिल है। पत्रकार लालबहादुर भाखर संवाददाता 9875131305 7014718676☎️☎️📞📞✅✅

Pilibanga, Hanumangarh | Jun 30, 2026

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जेल के भीतर गैंगवार: जब लूडो खेलने के बाद तोलिया बना काल, हाई सिक्योरिटी बैरक में डकैत जगन गुर्जर का अंत**
**विशेष कानूनी रिपोर्ट | #पत्रकार_लालबहादुर_भाखर**
अजमेर की सबसे सुरक्षित कही जाने वाली हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर कानून और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देती एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। राजस्थान के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की उसी के बैरक साथी और कुलदीप जघीना हत्याकांड के मुख्य सूत्रधार **विष्णु जाट** ने गला घोंटकर हत्या कर दी। यह वारदात जितनी खौफनाक है, इसकी पटकथा उतनी ही ठंडे दिमाग से लिखी गई थी।
#खेल, सफाई और फिर खूनी खेल: वारदात की इनसाइड स्टोरी
शुरुआती जांच और जेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वारदात वाले दिन की शुरुआत बेहद सामान्य थी। जगन गुर्जर और विष्णु जाट दोनों एक ही बैरक में बंद थे। सुबह दोनों ने मिलकर बैरक की सफाई की और समय काटने के लिए साथ में लूडो भी खेला। किसी को आभास नहीं था कि इस सामान्य दिख रही दिनचर्या के पीछे एक खूनी साजिश छिपी है।
दोपहर के वक्त जब जेल का ड्यूटी स्टाफ रूटीन राउंड पर आया और बैरक का दरवाजा खोला, तो अंदर का नजारा देखकर पैर तले जमीन खिसक गई। बैरक के फर्श पर डकैत जगन गुर्जर का बेजान शव पड़ा था। पुलिस और जेल प्रशासन ने जब बैरक में मौजूद इकलौते बंदी विष्णु जाट से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने बिना किसी खौफ के अपना जुर्म कबूल कर लिया।
> **हत्या का हथियार:** प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि विष्णु जाट ने बैरक में मौजूद एक साधारण तौलिए (टॉवल) को फंदा बनाया और बड़ी बेरहमी से जगन गुर्जर का गला घोंट दिया।
> 
#कौन है विष्णु जाट? बाइक चोरी से जघीना गैंग का 'मास्टरमाइंड' बनने का सफर
जगन गुर्जर जैसी बड़ी आपराधिक शख्सियत को मौत के घाट उतारने वाला विष्णु जाट भरतपुर जिले के **अजान गांव** का रहने वाला है। अपराध की दुनिया में उसका सफर बेहद छोटे स्तर से शुरू हुआ था:
 * **शुरुआती दौर:** विष्णु शुरुआत में भरतपुर और आसपास के इलाकों में दुपहिया वाहन (बाइक) चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
 * **गैंग से जुड़ाव:** बाइक चोरी के मामलों के दौरान वह कृपाल जघीना के भतीजे पंकज के संपर्क में आया। यहीं से उसकी एंट्री राजस्थान के बड़े और संगठित अपराध जगत में हुई।
 * **क्राइम ग्राफ में उछाल:** देखते ही देखते वह कृपाल जघीना गैंग का एक शातिर और भरोसेमंद कारिंदा बन गया, जिसे जघीना गैंग के दुश्मनों को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी सौंपी जाने लगी।
### कुलदीप जघीना हत्याकांड: भेष बदलकर बस में सफर और पहली गोली
विष्णु जाट का नाम सबसे पहले 12 जुलाई 2023 को हुए चर्चित **कुलदीप जघीना हत्याकांड** में प्रमुखता से सामने आया था। वह इस पूरे हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार (मास्टरमाइंड) था।
कृपाल हत्याकांड के आरोपी कुलदीप और विजयपाल को जब पुलिस जयपुर से भरतपुर कोर्ट में पेशी के लिए रोडवेज बस से ला रही थी, तब विष्णु ने बेहद शातिराना योजना बनाई:
 1. **वेशभूषा बदली:** पहचान छिपाने के लिए विष्णु मुस्लिम युवकों जैसी वेशभूषा पहनकर जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड से उसी बस में सवार हो गया।
 2. **लाइव ट्रैकिंग:** पूरे सफर के दौरान वह बस की पिछली सीट पर बैठकर लगातार फोन के जरिए अपने साथियों को बस की लोकेशन और पुलिस की हर हलचल की जानकारी देता रहा।
 3. **पहली गोली:** जैसे ही बस आमोली टोल प्लाजा पर रुकी और गैंग के अन्य बदमाशों ने बस को घेरा, वैसे ही विष्णु ने सबसे पहले उठकर कुलदीप पर पहली गोली दाग दी। इसके बाद हुई अंधाधुंध फायरिंग में कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई थी।
इसी वारदात के बाद पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद विष्णु को गिरफ्तार किया गया था और वह पिछले तीन साल से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था।
### कानून के दायरे में उठते बड़े सवाल: क्या सुरक्षित हैं हाई सिक्योरिटी जेलें?
इस वारदात ने राजस्थान जेल प्रशासन और सुरक्षा ग्रिड पर गंभीर कानूनी और प्रशासनिक सवाल खड़े कर दिए हैं:
 * **सुरक्षा ऑडिट की जरूरत:** जो जेल राज्य की सबसे सुरक्षित जेल मानी जाती है, जहां खूंखार अपराधियों को अलग-अलग रखा जाता है, वहां दो बड़े अपराधियों को एक ही बैरक में क्यों रखा गया?
 * **निगरानी में चूक:** सुबह से दोपहर के बीच जब यह वारदात हुई, तब सीसीटीवी कैमरों और वार्डन की नजर इस हलचल पर क्यों नहीं पड़ी?
इस मामले में जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर विष्णु जाट के खिलाफ हत्या का एक और नया मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है।
**#CrimeNews #AjmerHighSecurityJail #Gangwar #RajasthanPolice #JaganGurjar #VishnuJat #BharatpurCrime #LegalCaseStudy #JailSecurityBreach #LiveJournalism**
पत्रकार लालबहादुर भाखर 
9875131305
7014718676☎️☎️📞📞✅✅

जेल के भीतर गैंगवार: जब लूडो खेलने के बाद तोलिया बना काल, हाई सिक्योरिटी बैरक में डकैत जगन गुर्जर का अंत** **विशेष कानूनी रिपोर्ट | #पत्रकार_लालबहादुर_भाखर** अजमेर की सबसे सुरक्षित कही जाने वाली हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर कानून और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देती एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। राजस्थान के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की उसी के बैरक साथी और कुलदीप जघीना हत्याकांड के मुख्य सूत्रधार **विष्णु जाट** ने गला घोंटकर हत्या कर दी। यह वारदात जितनी खौफनाक है, इसकी पटकथा उतनी ही ठंडे दिमाग से लिखी गई थी। #खेल, सफाई और फिर खूनी खेल: वारदात की इनसाइड स्टोरी शुरुआती जांच और जेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वारदात वाले दिन की शुरुआत बेहद सामान्य थी। जगन गुर्जर और विष्णु जाट दोनों एक ही बैरक में बंद थे। सुबह दोनों ने मिलकर बैरक की सफाई की और समय काटने के लिए साथ में लूडो भी खेला। किसी को आभास नहीं था कि इस सामान्य दिख रही दिनचर्या के पीछे एक खूनी साजिश छिपी है। दोपहर के वक्त जब जेल का ड्यूटी स्टाफ रूटीन राउंड पर आया और बैरक का दरवाजा खोला, तो अंदर का नजारा देखकर पैर तले जमीन खिसक गई। बैरक के फर्श पर डकैत जगन गुर्जर का बेजान शव पड़ा था। पुलिस और जेल प्रशासन ने जब बैरक में मौजूद इकलौते बंदी विष्णु जाट से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने बिना किसी खौफ के अपना जुर्म कबूल कर लिया। > **हत्या का हथियार:** प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि विष्णु जाट ने बैरक में मौजूद एक साधारण तौलिए (टॉवल) को फंदा बनाया और बड़ी बेरहमी से जगन गुर्जर का गला घोंट दिया। > #कौन है विष्णु जाट? बाइक चोरी से जघीना गैंग का 'मास्टरमाइंड' बनने का सफर जगन गुर्जर जैसी बड़ी आपराधिक शख्सियत को मौत के घाट उतारने वाला विष्णु जाट भरतपुर जिले के **अजान गांव** का रहने वाला है। अपराध की दुनिया में उसका सफर बेहद छोटे स्तर से शुरू हुआ था: * **शुरुआती दौर:** विष्णु शुरुआत में भरतपुर और आसपास के इलाकों में दुपहिया वाहन (बाइक) चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। * **गैंग से जुड़ाव:** बाइक चोरी के मामलों के दौरान वह कृपाल जघीना के भतीजे पंकज के संपर्क में आया। यहीं से उसकी एंट्री राजस्थान के बड़े और संगठित अपराध जगत में हुई। * **क्राइम ग्राफ में उछाल:** देखते ही देखते वह कृपाल जघीना गैंग का एक शातिर और भरोसेमंद कारिंदा बन गया, जिसे जघीना गैंग के दुश्मनों को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी सौंपी जाने लगी। ### कुलदीप जघीना हत्याकांड: भेष बदलकर बस में सफर और पहली गोली विष्णु जाट का नाम सबसे पहले 12 जुलाई 2023 को हुए चर्चित **कुलदीप जघीना हत्याकांड** में प्रमुखता से सामने आया था। वह इस पूरे हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार (मास्टरमाइंड) था। कृपाल हत्याकांड के आरोपी कुलदीप और विजयपाल को जब पुलिस जयपुर से भरतपुर कोर्ट में पेशी के लिए रोडवेज बस से ला रही थी, तब विष्णु ने बेहद शातिराना योजना बनाई: 1. **वेशभूषा बदली:** पहचान छिपाने के लिए विष्णु मुस्लिम युवकों जैसी वेशभूषा पहनकर जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड से उसी बस में सवार हो गया। 2. **लाइव ट्रैकिंग:** पूरे सफर के दौरान वह बस की पिछली सीट पर बैठकर लगातार फोन के जरिए अपने साथियों को बस की लोकेशन और पुलिस की हर हलचल की जानकारी देता रहा। 3. **पहली गोली:** जैसे ही बस आमोली टोल प्लाजा पर रुकी और गैंग के अन्य बदमाशों ने बस को घेरा, वैसे ही विष्णु ने सबसे पहले उठकर कुलदीप पर पहली गोली दाग दी। इसके बाद हुई अंधाधुंध फायरिंग में कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसी वारदात के बाद पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद विष्णु को गिरफ्तार किया गया था और वह पिछले तीन साल से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। ### कानून के दायरे में उठते बड़े सवाल: क्या सुरक्षित हैं हाई सिक्योरिटी जेलें? इस वारदात ने राजस्थान जेल प्रशासन और सुरक्षा ग्रिड पर गंभीर कानूनी और प्रशासनिक सवाल खड़े कर दिए हैं: * **सुरक्षा ऑडिट की जरूरत:** जो जेल राज्य की सबसे सुरक्षित जेल मानी जाती है, जहां खूंखार अपराधियों को अलग-अलग रखा जाता है, वहां दो बड़े अपराधियों को एक ही बैरक में क्यों रखा गया? * **निगरानी में चूक:** सुबह से दोपहर के बीच जब यह वारदात हुई, तब सीसीटीवी कैमरों और वार्डन की नजर इस हलचल पर क्यों नहीं पड़ी? इस मामले में जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर विष्णु जाट के खिलाफ हत्या का एक और नया मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। **#CrimeNews #AjmerHighSecurityJail #Gangwar #RajasthanPolice #JaganGurjar #VishnuJat #BharatpurCrime #LegalCaseStudy #JailSecurityBreach #LiveJournalism** पत्रकार लालबहादुर भाखर 9875131305 7014718676☎️☎️📞📞✅✅

Pilibanga, Hanumangarh | Jun 30, 2026

जेल के भीतर गैंगवार: जब लूडो खेलने के बाद तोलिया बना काल, हाई सिक्योरिटी बैरक में डकैत जगन गुर्जर का अंत**
**विशेष कानूनी रिपोर्ट | #पत्रकार_लालबहादुर_भाखर**
अजमेर की सबसे सुरक्षित कही जाने वाली हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर कानून और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देती एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। राजस्थान के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की उसी के बैरक साथी और कुलदीप जघीना हत्याकांड के मुख्य सूत्रधार **विष्णु जाट** ने गला घोंटकर हत्या कर दी। यह वारदात जितनी खौफनाक है, इसकी पटकथा उतनी ही ठंडे दिमाग से लिखी गई थी।
#खेल, सफाई और फिर खूनी खेल: वारदात की इनसाइड स्टोरी
शुरुआती जांच और जेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वारदात वाले दिन की शुरुआत बेहद सामान्य थी। जगन गुर्जर और विष्णु जाट दोनों एक ही बैरक में बंद थे। सुबह दोनों ने मिलकर बैरक की सफाई की और समय काटने के लिए साथ में लूडो भी खेला। किसी को आभास नहीं था कि इस सामान्य दिख रही दिनचर्या के पीछे एक खूनी साजिश छिपी है।
दोपहर के वक्त जब जेल का ड्यूटी स्टाफ रूटीन राउंड पर आया और बैरक का दरवाजा खोला, तो अंदर का नजारा देखकर पैर तले जमीन खिसक गई। बैरक के फर्श पर डकैत जगन गुर्जर का बेजान शव पड़ा था। पुलिस और जेल प्रशासन ने जब बैरक में मौजूद इकलौते बंदी विष्णु जाट से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने बिना किसी खौफ के अपना जुर्म कबूल कर लिया।
> **हत्या का हथियार:** प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि विष्णु जाट ने बैरक में मौजूद एक साधारण तौलिए (टॉवल) को फंदा बनाया और बड़ी बेरहमी से जगन गुर्जर का गला घोंट दिया।
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#कौन है विष्णु जाट? बाइक चोरी से जघीना गैंग का 'मास्टरमाइंड' बनने का सफर
जगन गुर्जर जैसी बड़ी आपराधिक शख्सियत को मौत के घाट उतारने वाला विष्णु जाट भरतपुर जिले के **अजान गांव** का रहने वाला है। अपराध की दुनिया में उसका सफर बेहद छोटे स्तर से शुरू हुआ था:
 * **शुरुआती दौर:** विष्णु शुरुआत में भरतपुर और आसपास के इलाकों में दुपहिया वाहन (बाइक) चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
 * **गैंग से जुड़ाव:** बाइक चोरी के मामलों के दौरान वह कृपाल जघीना के भतीजे पंकज के संपर्क में आया। यहीं से उसकी एंट्री राजस्थान के बड़े और संगठित अपराध जगत में हुई।
 * **क्राइम ग्राफ में उछाल:** देखते ही देखते वह कृपाल जघीना गैंग का एक शातिर और भरोसेमंद कारिंदा बन गया, जिसे जघीना गैंग के दुश्मनों को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी सौंपी जाने लगी।
### कुलदीप जघीना हत्याकांड: भेष बदलकर बस में सफर और पहली गोली
विष्णु जाट का नाम सबसे पहले 12 जुलाई 2023 को हुए चर्चित **कुलदीप जघीना हत्याकांड** में प्रमुखता से सामने आया था। वह इस पूरे हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार (मास्टरमाइंड) था।
कृपाल हत्याकांड के आरोपी कुलदीप और विजयपाल को जब पुलिस जयपुर से भरतपुर कोर्ट में पेशी के लिए रोडवेज बस से ला रही थी, तब विष्णु ने बेहद शातिराना योजना बनाई:
 1. **वेशभूषा बदली:** पहचान छिपाने के लिए विष्णु मुस्लिम युवकों जैसी वेशभूषा पहनकर जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड से उसी बस में सवार हो गया।
 2. **लाइव ट्रैकिंग:** पूरे सफर के दौरान वह बस की पिछली सीट पर बैठकर लगातार फोन के जरिए अपने साथियों को बस की लोकेशन और पुलिस की हर हलचल की जानकारी देता रहा।
 3. **पहली गोली:** जैसे ही बस आमोली टोल प्लाजा पर रुकी और गैंग के अन्य बदमाशों ने बस को घेरा, वैसे ही विष्णु ने सबसे पहले उठकर कुलदीप पर पहली गोली दाग दी। इसके बाद हुई अंधाधुंध फायरिंग में कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई थी।
इसी वारदात के बाद पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद विष्णु को गिरफ्तार किया गया था और वह पिछले तीन साल से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था।
### कानून के दायरे में उठते बड़े सवाल: क्या सुरक्षित हैं हाई सिक्योरिटी जेलें?
इस वारदात ने राजस्थान जेल प्रशासन और सुरक्षा ग्रिड पर गंभीर कानूनी और प्रशासनिक सवाल खड़े कर दिए हैं:
 * **सुरक्षा ऑडिट की जरूरत:** जो जेल राज्य की सबसे सुरक्षित जेल मानी जाती है, जहां खूंखार अपराधियों को अलग-अलग रखा जाता है, वहां दो बड़े अपराधियों को एक ही बैरक में क्यों रखा गया?
 * **निगरानी में चूक:** सुबह से दोपहर के बीच जब यह वारदात हुई, तब सीसीटीवी कैमरों और वार्डन की नजर इस हलचल पर क्यों नहीं पड़ी?
इस मामले में जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर विष्णु जाट के खिलाफ हत्या का एक और नया मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है।
**#CrimeNews #AjmerHighSecurityJail #Gangwar #RajasthanPolice #JaganGurjar #VishnuJat #BharatpurCrime #LegalCaseStudy #JailSecurityBreach #LiveJournalism**
पत्रकार लालबहादुर भाखर 
9875131305
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जेल के भीतर गैंगवार: जब लूडो खेलने के बाद तोलिया बना काल, हाई सिक्योरिटी बैरक में डकैत जगन गुर्जर का अंत** **विशेष कानूनी रिपोर्ट | #पत्रकार_लालबहादुर_भाखर** अजमेर की सबसे सुरक्षित कही जाने वाली हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर कानून और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देती एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। राजस्थान के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की उसी के बैरक साथी और कुलदीप जघीना हत्याकांड के मुख्य सूत्रधार **विष्णु जाट** ने गला घोंटकर हत्या कर दी। यह वारदात जितनी खौफनाक है, इसकी पटकथा उतनी ही ठंडे दिमाग से लिखी गई थी। #खेल, सफाई और फिर खूनी खेल: वारदात की इनसाइड स्टोरी शुरुआती जांच और जेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वारदात वाले दिन की शुरुआत बेहद सामान्य थी। जगन गुर्जर और विष्णु जाट दोनों एक ही बैरक में बंद थे। सुबह दोनों ने मिलकर बैरक की सफाई की और समय काटने के लिए साथ में लूडो भी खेला। किसी को आभास नहीं था कि इस सामान्य दिख रही दिनचर्या के पीछे एक खूनी साजिश छिपी है। दोपहर के वक्त जब जेल का ड्यूटी स्टाफ रूटीन राउंड पर आया और बैरक का दरवाजा खोला, तो अंदर का नजारा देखकर पैर तले जमीन खिसक गई। बैरक के फर्श पर डकैत जगन गुर्जर का बेजान शव पड़ा था। पुलिस और जेल प्रशासन ने जब बैरक में मौजूद इकलौते बंदी विष्णु जाट से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने बिना किसी खौफ के अपना जुर्म कबूल कर लिया। > **हत्या का हथियार:** प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि विष्णु जाट ने बैरक में मौजूद एक साधारण तौलिए (टॉवल) को फंदा बनाया और बड़ी बेरहमी से जगन गुर्जर का गला घोंट दिया। > #कौन है विष्णु जाट? बाइक चोरी से जघीना गैंग का 'मास्टरमाइंड' बनने का सफर जगन गुर्जर जैसी बड़ी आपराधिक शख्सियत को मौत के घाट उतारने वाला विष्णु जाट भरतपुर जिले के **अजान गांव** का रहने वाला है। अपराध की दुनिया में उसका सफर बेहद छोटे स्तर से शुरू हुआ था: * **शुरुआती दौर:** विष्णु शुरुआत में भरतपुर और आसपास के इलाकों में दुपहिया वाहन (बाइक) चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। * **गैंग से जुड़ाव:** बाइक चोरी के मामलों के दौरान वह कृपाल जघीना के भतीजे पंकज के संपर्क में आया। यहीं से उसकी एंट्री राजस्थान के बड़े और संगठित अपराध जगत में हुई। * **क्राइम ग्राफ में उछाल:** देखते ही देखते वह कृपाल जघीना गैंग का एक शातिर और भरोसेमंद कारिंदा बन गया, जिसे जघीना गैंग के दुश्मनों को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी सौंपी जाने लगी। ### कुलदीप जघीना हत्याकांड: भेष बदलकर बस में सफर और पहली गोली विष्णु जाट का नाम सबसे पहले 12 जुलाई 2023 को हुए चर्चित **कुलदीप जघीना हत्याकांड** में प्रमुखता से सामने आया था। वह इस पूरे हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार (मास्टरमाइंड) था। कृपाल हत्याकांड के आरोपी कुलदीप और विजयपाल को जब पुलिस जयपुर से भरतपुर कोर्ट में पेशी के लिए रोडवेज बस से ला रही थी, तब विष्णु ने बेहद शातिराना योजना बनाई: 1. **वेशभूषा बदली:** पहचान छिपाने के लिए विष्णु मुस्लिम युवकों जैसी वेशभूषा पहनकर जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड से उसी बस में सवार हो गया। 2. **लाइव ट्रैकिंग:** पूरे सफर के दौरान वह बस की पिछली सीट पर बैठकर लगातार फोन के जरिए अपने साथियों को बस की लोकेशन और पुलिस की हर हलचल की जानकारी देता रहा। 3. **पहली गोली:** जैसे ही बस आमोली टोल प्लाजा पर रुकी और गैंग के अन्य बदमाशों ने बस को घेरा, वैसे ही विष्णु ने सबसे पहले उठकर कुलदीप पर पहली गोली दाग दी। इसके बाद हुई अंधाधुंध फायरिंग में कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसी वारदात के बाद पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद विष्णु को गिरफ्तार किया गया था और वह पिछले तीन साल से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। ### कानून के दायरे में उठते बड़े सवाल: क्या सुरक्षित हैं हाई सिक्योरिटी जेलें? इस वारदात ने राजस्थान जेल प्रशासन और सुरक्षा ग्रिड पर गंभीर कानूनी और प्रशासनिक सवाल खड़े कर दिए हैं: * **सुरक्षा ऑडिट की जरूरत:** जो जेल राज्य की सबसे सुरक्षित जेल मानी जाती है, जहां खूंखार अपराधियों को अलग-अलग रखा जाता है, वहां दो बड़े अपराधियों को एक ही बैरक में क्यों रखा गया? * **निगरानी में चूक:** सुबह से दोपहर के बीच जब यह वारदात हुई, तब सीसीटीवी कैमरों और वार्डन की नजर इस हलचल पर क्यों नहीं पड़ी? इस मामले में जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर विष्णु जाट के खिलाफ हत्या का एक और नया मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। **#CrimeNews #AjmerHighSecurityJail #Gangwar #RajasthanPolice #JaganGurjar #VishnuJat #BharatpurCrime #LegalCaseStudy #JailSecurityBreach #LiveJournalism** पत्रकार लालबहादुर भाखर 9875131305 7014718676☎️☎️📞📞✅✅

Pilibanga, Hanumangarh | Jun 30, 2026

पीलीबंगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई अफीम और कार सहित नशा तस्कर गिरफ्तार
#Lalbahadurbhakharjournalist L.b. Bhakhar 
पीलीबंगा/हनुमानगढ़ :- हनुमानगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक श्री नरेन्द्र सिंह मीना के निर्देशन में जिले भर में चलाए जा रहे एक दिवसीय एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत पीलीबंगा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गश्त के दौरान एक कार सवार नशा तस्कर को 40 ग्राम अवैध अफीम के साथ गिरफ्तार किया है।
मिली जानकारी के अनुसार पीलीबंगा थानाधिकारी श्री जगदीश प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में कानून व्यवस्था और नशा तस्करी की रोकथाम के लिए गश्त पर थी। इसी दौरान गोलूवाला पीलीबंगा रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने एक कार जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर RJ31CC7263 है उसे रोका। कार की तलाशी लेने पर उसमें से 40 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अफीम और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपी की पहचान जोगिन्दर सिंह उम्र 40 साल पुत्र जीतसिंह रायसिख निवासी खरलिया थाना पीलीबंगा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी जोगिन्दर सिंह के खिलाफ पीलीबंगा थाने में प्रकरण संख्या 379/2026 के तहत धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया है। मामले की गहन जांच के लिए इसकी कमान रावतसर थानाधिकारी श्री ईश्वरानंद को सौंपी गई है जो आगे का अनुसंधान करेंगे।
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पीलीबंगा पुलिस टीम में मुख्य रूप से श्री चौनदान उपनिरीक्षक मय टीम लक्ष्मी हेड कांस्टेबल धीर सिंह हेड कांस्टेबल अनिल कांस्टेबल और सुभाष कांस्टेबल शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि पूरे हनुमानगढ़ जिले में एसपी नरेन्द्र सिंह मीना के आदेश पर 213 पुलिसकर्मियों की 45 टीमों ने 152 स्थानों पर दबिश देकर कुल 71 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिसमें पीलीबंगा की यह कार्रवाई भी शामिल है।
पत्रकार लालबहादुर भाखर संवाददाता 
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पीलीबंगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई अफीम और कार सहित नशा तस्कर गिरफ्तार #Lalbahadurbhakharjournalist L.b. Bhakhar पीलीबंगा/हनुमानगढ़ :- हनुमानगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक श्री नरेन्द्र सिंह मीना के निर्देशन में जिले भर में चलाए जा रहे एक दिवसीय एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत पीलीबंगा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गश्त के दौरान एक कार सवार नशा तस्कर को 40 ग्राम अवैध अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार पीलीबंगा थानाधिकारी श्री जगदीश प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में कानून व्यवस्था और नशा तस्करी की रोकथाम के लिए गश्त पर थी। इसी दौरान गोलूवाला पीलीबंगा रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने एक कार जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर RJ31CC7263 है उसे रोका। कार की तलाशी लेने पर उसमें से 40 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अफीम और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान जोगिन्दर सिंह उम्र 40 साल पुत्र जीतसिंह रायसिख निवासी खरलिया थाना पीलीबंगा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी जोगिन्दर सिंह के खिलाफ पीलीबंगा थाने में प्रकरण संख्या 379/2026 के तहत धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया है। मामले की गहन जांच के लिए इसकी कमान रावतसर थानाधिकारी श्री ईश्वरानंद को सौंपी गई है जो आगे का अनुसंधान करेंगे। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पीलीबंगा पुलिस टीम में मुख्य रूप से श्री चौनदान उपनिरीक्षक मय टीम लक्ष्मी हेड कांस्टेबल धीर सिंह हेड कांस्टेबल अनिल कांस्टेबल और सुभाष कांस्टेबल शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि पूरे हनुमानगढ़ जिले में एसपी नरेन्द्र सिंह मीना के आदेश पर 213 पुलिसकर्मियों की 45 टीमों ने 152 स्थानों पर दबिश देकर कुल 71 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिसमें पीलीबंगा की यह कार्रवाई भी शामिल है। पत्रकार लालबहादुर भाखर संवाददाता 9875131305 7014718676☎️☎️📞📞✅✅

Pilibanga, Hanumangarh | Jun 30, 2026