चित्रकूट से बड़ी खबर - मानिकपुर के बाढ़ प्रभावित आदिवासी किसानों को मिला सहारा
कृषि विज्ञान केन्द्र ने 72 किसानों को बांटे त्रिपाल, रबी के लिए सरसों-गेहूं-जौ के बीज की मांग एकत्र की, संगठन सचिव अभय महाजन ने ICAR महानिदेशक और यूपी के कृषि मंत्री से की किसानों के सहयोग की बात
मानिकपुर, चित्रकूट। दीनदयाल शोध संस्थान, कृषि विज्ञान केन्द्र, गनीवां, चित्रकूट द्वारा संचालित अनुसूचित जनजाति उपयोजना (Tribal Sub Plan) के अंतर्गत विकासखंड मानिकपुर के चयनित 7 आदिवासी गांवों में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से हुई भारी क्षति के बाद राहत एवं पुनर्वास का कार्य निरंतर जारी है।
इसी क्रम में आज केन्द्र की टीम ने ग्राम पंचायत जारो माफी, करौहा, डोंडा माफी सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों का सघन दौरा कर खेतों में जाकर फसल क्षति का स्थलीय निरीक्षण किया।
दलहनी-तिलहनी फसलें तबाह, सीधी बुवाई वाली धान बनी सहारा
रबी सीजन की तैयारी - किसानों ने मांगे सरसों, गेहूं, जौ के बीज
आज के कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा आगामी रबी ऋतु की तैयारी को लेकर किसानों से विस्तृत चर्चा की गई। किसानों ने बताया कि वे आगामी सीजन में मुख्य रूप से सरसों, गेहूं एवं जौ की बुवाई करना चाहते हैं। केन्द्र द्वारा किसानों की मांग के अनुसार उन्नत किस्मों के बीजों की सूची एवं मात्रा की जानकारी एकत्र की गई, ताकि समय पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराया जा सके।
72 किसानों को त्रिपाल वितरित, स्वावलंबन का दिया मंत्र
किसानों के खुले में पड़े अनाज एवं अस्थायी आशियानों को सुरक्षित रखने के लिए आज दो गांवों में त्रिपाल वितरित किए गए - जारो माफी में 48 किसानों को और करौहा में 24 किसानों को।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव श्री अभय महाजन जी ने अपने करकमलों से त्रिपाल वितरित किए। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा से घबराना नहीं है, अपनी मेहनत, इंद्रियों और उद्यम के बल पर स्वावलंबी बनकर फिर से अपने खेतों में अच्छी फसल उपजाकर समाज को सशक्त बनाना है।
दिल्ली से लखनऊ तक गूंजी चित्रकूट के किसानों की बात
अभय महाजन ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट जी से दूरभाष पर बात कर मानिकपुर के किसानों को आवश्यक सहयोग देने का आग्रह किया, जिस पर महानिदेशक महोदय ने *हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।
इसके साथ ही महाजन ने उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही से भी वार्ता कर मानिकपुर क्षेत्र में हुई फसल क्षति से अवगत कराया। कृषि मंत्री ने भी किसानों को रबी हेतु आवश्यक बीज, तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने तथा कृषि विभाग के माध्यम से क्षति का निरीक्षण कराकर उचित मुआवजा एवं बीमा राशि* उपलब्ध कराने का पूर्ण आश्वासन दिया है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
कृषि विज्ञान केन्द्र ने बताया कि यह राहत कार्य निरंतर जारी रहेगा। आने वाले दिनों में चयनित शेष गांवों - हुनियांनिया, चूल्ही, खिचरी, खिचड़ी, बंधा भीतर टिकटरिया, उमरी, डोंडा माफी आदि में भी केन्द्र की टीम प्रवास कर किसानों की आवश्यकताओं को चिन्हित कर हर संभव सहायता पहुंचाएगी।
आज के कार्यक्रम में संस्थान के सह संगठन सचिव श्री अनिल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष बसंत पंडित, केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. राजेन्द्र सिंह नेगी, वैज्ञानिक एवं कार्यक्रम प्रभारी उत्तम कुमार त्रिपाठी, वैज्ञानिक सतीश पाठक, कार्यकर्ता अभय कुमार एवं क्षेत्रीय कार्यकर्ता राजन द्विवेदी सहित 300 से अधिक कृषक उपस्थित रहे।