अग्रवाल वैश्य समाज के संगठन संवाद कार्यक्रम में पदाधिकारियों को समझाया पदों का दायित्व
मजबूत नेतृत्व और पारदर्शी कार्यप्रणाली से ही सशक्त बनता है संगठन: अशोक बुवानीवाला
सोनीपत, 6 जुलाई। संगठन तभी प्रभावी बनता है, जब उसके प्रत्येक पदाधिकारी अपने दायित्वों को समझते हुए समाजहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इसी सोच को आगे बढ़ाने और संगठनात्मक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से आज हम कुंडली स्थित श्री अग्रसेन धाम में संगठन संवाद कार्यक्रम को सार्थक बनाने पहुंचे हैं। ये उद्गार अग्रवाल वैश्य समाज के प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने संगठन के पानीपत, सोनीपत व रोहतक जिले के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि बदलते समय में किसी भी सामाजिक संगठन की सफलता उसकी मजबूत टीम, स्पष्ट कार्यप्रणाली और निरंतर संवाद पर निर्भर करती है। इन्हीं मूल्यों को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से अग्रवाल वैश्य समाज द्वारा संगठन संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन की वास्तविक ताकत उसके समर्पित पदाधिकारी होते हैं, जो समाज के हितों को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करते हैं। उपस्थित पदाधिकारियों को पदों का दायित्व समझाते हुए बुवानीवाला ने कहा कि अध्यक्ष का दायित्व केवल संगठन का नेतृत्व करना नहीं, बल्कि सभी पदाधिकारियों को साथ लेकर स्पष्ट दिशा देना, समन्वय स्थापित करना और संगठन की गरिमा को बनाए रखना भी है। इसी प्रकार महासचिव संगठन की कार्यप्रणाली की रीढ़ होता है। संगठन की बैठकों का संचालन, निर्णयों को क्रियान्वित कराना, विभिन्न इकाइयों के बीच निरंतर संवाद बनाए रखना तथा संगठनात्मक गतिविधियों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना उसकी प्रमुख जिम्मेदारी है। संगठन की तीसरी अहम कड़ी कोषाध्यक्ष की भूमिका संगठन के आर्थिक पक्ष को मजबूत और पारदर्शी बनाए रखने की होती है। आय-व्यय का स्पष्ट लेखा-जोखा रखना, प्रत्येक वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता बनाए रखना तथा संगठन के संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग सुनिश्चित करना कोषाध्यक्ष का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि जब अध्यक्ष दूरदर्शी नेतृत्व प्रदान करे, महासचिव संगठनात्मक गतिविधियों का प्रभावी संचालन करे और कोषाध्यक्ष वित्तीय अनुशासन बनाए रखे, तब संगठन मजबूत, विश्वसनीय और समाज के लिए अधिक प्रभावी बनकर उभरता है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संगठन की मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि प्रत्येक पदाधिकारी अपनी भूमिका को कितनी गंभीरता से निभाता है और समाज के हितों को व्यक्तिगत हितों से ऊपर रखकर कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में संगठन को मजबूत बनाने के लिए नियमित संवाद, आपसी विश्वास और बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक हैं। यदि जिला, विधानसभा, महिला, युवा एवं मुख्य इकाइयों के सभी पदाधिकारी निरंतर संपर्क में रहकर सामूहिक रूप से कार्य करेंगे तो संगठन की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ेगी और समाज के अधिक से अधिक लोगों तक संगठन की गतिविधियों का लाभ पहुंच सकेगा।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुभाष तायल ने कहा कि संगठन में प्रत्येक पदाधिकारी एक कड़ी की तरह होता है। यदि सभी अपने दायित्वों का समयबद्ध और गंभीरता से निर्वहन करें तो संगठन की गति स्वतः तेज हो जाती है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का सम्मान और उनकी भागीदारी बढ़ाना प्रत्येक पदाधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विनोद सिंगला ने कहा कि संगठन केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसकी गतिविधियां समाज के हर वर्ग तक दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र में नियमित जनसंपर्क करते हुए समाज की समस्याओं और सुझावों को संगठन तक पहुंचाने का कार्य करना चाहिए।
प्रभारी प्रवीण गुप्ता ने कहा कि संगठन की वास्तविक ताकत उसकी मजबूत टीम और जमीनी स्तर तक सक्रिय इकाइयों में होती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पदाधिकारी अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन करे और समाज के बीच लगातार संवाद बनाए रखे, तभी संगठन का विस्तार और प्रभाव दोनों निरंतर बढ़ेंगे।
इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष अमनाथ गुप्ता, प्रदेश सचिव अंकुश जैन, डाॅ. राजेश गुप्ता, प्रदेश संगठन मंत्री विनोद गोयल, प्रेम गर्ग, राजेन्द्र अग्रवाल, पानीपत जिला कार्यकारी अध्यक्ष तरसेम बंसल, सोनीपत जिलाध्यक्ष प्रदीप गोयल, रोहतक जिलाध्यक्ष राहुल जैन, रोहतक महिला जिलाध्यक्ष बृज बाला गुप्ता, सोनीपत महिला जिलाध्यक्ष रेखा गर्ग, पानीपत महिला जिलाध्यक्ष सविता गर्ग, पानीपत युवा अध्यक्ष शुभम बंसल, सोनीपत युवा जिलाध्यक्ष शुभम गोयल सहित समाज के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।