मुस्लिम पवरिया समेत पिछड़ी जातियों को ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग
#देवरिया। टाउन हॉल में राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल की ओर से पिछड़ा वर्ग एवं मुस्लिम दलित जातियों के जागरूकता अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उलेमा काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष यूथ नुरुल हुदा ने मुस्लिम पवरिया/पमरिया समेत पिछड़ी एवं मुस्लिम दलित जातियों को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक अधिकार दिलाने की मांग उठाई।
नुरुल हुदा ने कहा कि मुस्लिम पवरिया/पमरिया जाति उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में बड़ी संख्या में निवास करती है, लेकिन आज भी सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक रूप से पिछड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इन जातियों को सत्ता की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग की सूची में शामिल कर न्याय दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आजादी के करीब 80 वर्ष बाद भी मुस्लिम पवरिया समेत 13 जातियों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व नगण्य है। सांसद, विधायक, राज्यसभा और विधान परिषद तो दूर, नगर अध्यक्ष जैसे पदों पर भी इनका प्रतिनिधित्व नहीं है। उन्होंने अति पिछड़ा वर्ग एवं मुस्लिम दलित जातियों के सर्वांगीण विकास के लिए ‘अरजाल आयोग’ के गठन की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मंडल कमीशन, रंगनाथ मिश्रा आयोग, सच्चर कमेटी, काका कालेलकर कमीशन और रोहिणी कमीशन की रिपोर्टों में पिछड़ी जातियों के विकास और प्रतिनिधित्व से जुड़े सुझाव दिए गए हैं। उन्होंने सरकार से इन सिफारिशों के अनुरूप प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार से चार प्रमुख मांगें उठाईं। इनमें संविधान की धारा 341(3) से 10 अगस्त 1950 से लागू धार्मिक प्रतिबंध हटाना, मुस्लिम दलित जातियों के विकास के लिए अरजाल आयोग का गठन, मुस्लिम पवरिया/पमरिया समेत छूटी हुई जातियों को यूपी की ओबीसी सूची में शामिल करना तथा बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में कर्पूरी फार्मूला लागू करना शामिल है।
कार्यक्रम के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
Deoria, Deoria | Sep 5, 2026