विश्व के जिस नागरिक ने जीवंत महाभारत देखनी है वो कुरुक्षेत्र के महाभारत अनुभव केंद्र ज्योतिसर में आए: नायब सिंह सैनी
-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर तीर्थ पर की पूजा अर्चना, महाभारत अनुभव केंद्र का किया निरीक्षण
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 17 एकड़ में फैले महाभारत अनुभव केंद्र का किया था उद्घाटन
-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उपायुक्त कुरुक्षेत्र विश्राम कुमार मीणा को दिए आवश्यक दिशा निर्देश
-भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र की धरती पर रखे थे अपने चरण और मानव जाति के कल्याण के लिए दिया था श्रीमद् भागवत गीता का उपदेश
-धान खरीद के सीजन में किसानों को नहीं आने दी जाएगी कोई समस्या
कुरुक्षेत्र, 4 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विश्व का कोई भी नागरिक यदि महाभारत की कथा को आधुनिक तकनीक के जरिए अपने सामने जीवंत देखना चाहते हैं, तो वो कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर स्थित महाभारत अनुभव केंद्र में आएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महाभारत अनुभव केंद्र का उद्घाटन किया था। महाभारत और भगवद्गीता की समृद्ध विरासत को समर्पित यह महाभारत अनुभव केंद्र हरियाणा के साथ-साथ देश के प्रमुख सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को ज्योतिसर के महाभारत अनुभव केंद्र में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ज्योतिसर तीर्थ पर माथा टेका, विधि पूर्वक पूजा अर्चना करके प्रदेश की सुख शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण व राधा बने बच्चों को प्यार दिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महाभारत अनुभव केंद्र का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा को कुछ आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके पश्चात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गीता ज्ञान संस्थानम् परिसर में श्री राधा कृष्ण मंदिर में पूजा अर्चना की और भगवान कान्हा को झूला झुलाया। यहां पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इसके अलावा पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा व भाजपा के जिला अध्यक्ष रमेश सैनी, व भाजपा नेता जय भगवान शर्मा को भी अंगवस्त्र भेंट किए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महाभारत अनुभव केंद्र का उद्देश्य महाभारत की महाकाव्य कथा और भगवद्गीता की कालजयी शिक्षाओं को पारंपरिक कहानी कहने और आधुनिक तकनीक के मेल से लोगों तक पहुंचाना है। भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को भगवद्गीता देने से पारंपरिक रूप से जुड़ी पवित्र भूमि ज्