किच्छा में देवभूमि पहाड़ी समाज की बैठक संपन्न, एकजुटता और उत्थान पर हुआ मंथन
किच्छा। देवभूमि पहाड़ी समाज को एकजुट करने, समाज के उत्थान और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर मंथन को लेकर किच्छा में पहाड़ी समाज के लोगों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हुए। इस दौरान समाज के विकास, संगठन की मजबूती और आपसी एकता को लेकर उपस्थित लोगों ने अपने-अपने सुझाव रखे।
बैठक में समाज को संगठित करने के लिए सदस्यता अभियान चलाने तथा संगठन को गैर-राजनीतिक स्वरूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज की एकजुटता के लिए सभी वर्गों और क्षेत्रों के लोगों को साथ लेकर चलना आवश्यक है। बैठक के दौरान समाज के उत्थान से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए, जिन पर आगामी बैठक में पुनः विचार-विमर्श किया जाएगा।
बैठक को फिलहाल ‘देवभूमि एकता मंच’ के रूप में आयोजित किया गया। संगठन के स्थायी नाम को लेकर चर्चा हुई और तय किया गया कि आगामी बैठक में शरद समिति की ओर से विचार-विमर्श के बाद संगठन के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रस्तावित रूप से ‘देवभूमि पहाड़ी महासभा’ के नाम पर भी चर्चा हुई।
बैठक में कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में खेम सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष राजा भंडारी एवं प्रेम आर्य, सचिव कुंदन नेगी, उपसचिव प्रमोद और कोषाध्यक्ष नारायण कोरंगा की जिम्मेदारी तय की गई। मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी लक्ष्मण सिंह, कैलाश चंद्र बिष्टानिया (कैलाश पंडित) को दी गई।
इसके अलावा संरक्षक मंडल में हरिश्चंद्र पंत, दिलीप सिंह बिष्ट, नारायण सिंह बिष्ट, कमलेंद्र सेमवाल, कमल धानक, नित्यानंद पालीवाल, बंशीधर जोशी, विनोद पंत, रमेश तिवारी गुड्डू सहित अन्य वरिष्ठ लोगों को शामिल किया गया।
बैठक में कमल धानक, नारायण सिंह बिष्ट, कमलेंद्र सेमवाल, विनोद कोरंगा, गुड्डू तिवारी, विनोद पंत, नवल शर्मा, संतोष अधिकारी, भूपेंद्र नेगी, दलीप सिंह बिष्ट, पुष्कर रौतेला, राजा भंडारी, भूपाल शाह, दलीप सिंह जीना, कैलाशी नरेंद्र टाकुली, गगन पंत, श्याम सिंह बिष्ट, प्रकाश पंत, मदन मोहन पांडे, जीवन जोशी, कैलाश जोशी, तनुजा बिष्ट, रेनू बिष्ट, मंजू मेहरा, आशा चंद, यमुना कांडपाल, दीपा भट्ट, पाठक, प्रकाश वोरा, चंदन पांडे, भुवन जोशी और गोपेश पंत सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
बैठक में सर्वसम्मति से समाज को मजबूत बनाने और भविष्य में व्यापक स्तर पर सदस्यता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने का निर्णय लिया गया। साथ ही समाज के हित में प्राप्त सुझावों पर आगामी बैठक में फिर से मंथन करने पर सहमति बनी।