उज्जैन: बछ बारस पर दिखी अनूठी परंपरा, बाल गोपाल ने लाठी से फोड़ी मटकी, दिन में हुई शयन आरती 🏺🙏
उज्जैन में बछ बारस पर्व के अवसर पर मंगलवार को एक स्थानीय मंदिर में अनूठी परंपरा का निर्वहन किया गया। दोपहर ठीक 12 बजे कृष्ण स्वरूप में सजे एक नन्हे बालक (बाल गोपाल) ने लाठी से मटकी फोड़ी, जिसके बाद पूरा परिसर 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की' के जयकारों से गूंज उठा। मटकी फूटते ही श्रद्धालुओं में माखन, मिश्री और धानी का प्रसाद पाने के लिए भारी उत्साह दिखा। मंदिर प्रबंधन के संजय मालिया ने बताया कि जन्माष्टमी के बाद लगातार चार दिनों तक आराध्य के सोने-जागने का समय निश्चित न होने के कारण रात्रि शयन आरती नहीं होती है। बछ बारस पर मटकी फोड़ आयोजन के बाद ही भगवान को सुलाने की परंपरा पूरी होती है, जिसके तहत भगवान द्वारकाधीश की चांदी की पादुकाओं का पूजन कर साल में केवल एक बार दिन में (दोपहर 1 बजे) विशेष शयन आरती की जाती है।
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