किराया बढ़ोतरी के खिलाफ दुकानदार लामबंद, पार्षदों ने भी असहमति जताई
1 अक्टूबर से 1500 और 1000 रुपये किराया लागू करने के फैसले पर विरोध; तहसीलदार को ज्ञापन, नगर परिषद में भी आपत्ति—अधिकांश पार्षद बोले, किराया नहीं बढ़ना चाहिए
विनोद कुमार जैन बकस्वाहा संवाददाता ।
बकस्वाहा। नगर परिषद बकस्वाहा की स्वामित्व वाली दुकानों के किराये में प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर बुधवार को नगर में हलचल तेज हो गई। 1 अक्टूबर 2026 से भूतल की दुकानों का मासिक किराया 1500 रुपये और प्रथम तल की दुकानों का मासिक किराया 1000 रुपये किए जाने के खिलाफ किरायेदार दुकानदार सामूहिक रूप से तहसील पहुंचे। दुकानदारों ने तहसीलदार त्रिलोक सिंह पोषाम को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित किराया वृद्धि पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इसके बाद दुकानदार नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और किराया शाखा प्रभारी को भी ज्ञापन सौंपा।
दुकानदारों ने नगर परिषद की अधिसूचना क्रमांक 1142/न.पं./2026-27, दिनांक 19 सितंबर 2026 का हवाला देते हुए कहा कि नई किराया दर के अलावा जीएसटी भी अलग से वसूला जाना प्रस्तावित है। दुकानदारों ने इसे लेकर सामूहिक आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि दुकान आवंटन के समय हुए अनुबंध में प्रत्येक 3 वर्ष में मूल निर्धारित किराये में 15 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है। इसलिए पहले से बढ़ाए गए किराये को नया मूल मानकर उस पर दोबारा 15 प्रतिशत वृद्धि नहीं की जानी चाहिए।
किराया बढ़ोतरी के विरोध में दुकानदारों के सड़क पर उतरने के बीच परिषद के कई पार्षदों के बयान भी सामने आए हैं। अधिकांश पार्षदों ने प्रस्तावित किराया वृद्धि से अपनी असहमति जताई है।
वार्ड 3 की निर्दलीय पार्षद सीमा जैन ने कहा कि परिषद में जब किराया बढ़ाने की बात आई थी, तब उन्होंने विरोध दर्ज कराया था। उनका कहना है कि नव-निर्मित दुकानों का किराया बढ़ाने की बात हो रही थी, लेकिन अब सभी दुकानदारों पर अतिरिक्त किराये का बोझ डाला जा रहा है।
वार्ड 15 के पार्षद राम किशोर अहिरवार ने कहा कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे बैठक में हस्ताक्षर कर वापस आ गए थे, लेकिन किराया वृद्धि पर उनकी सहमति नहीं है।
वार्ड 11 की पार्षद अनूराधा सोनी ने कहा कि नगर परिषद की दुकानों के दुकानदार नियमानुसार काम कर रहे हैं। जब आवंटन के समय अनुबंध किया गया था तो किराया उसी के अनुसार रहना चाहिए। उन्होंने नगर परिषद के निर्णय से असहमति जताई।
वार्ड 5 की पार्षद आशा सिंघई ने कहा कि वे दुकानदारों पर अतिरिक्त किराये का बोझ डालने के पक्ष में नहीं हैं और किराया बढ़ाना उचित नहीं है।
वार्ड 6 की पार्षद उमा यादव ने कहा कि पीआईसी में यदि प्रस्ताव रखा गया होगा तो उन्हें उसमें शामिल नहीं किया गया और न ही इस संबंध में कोई जानकारी दी गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे किराया वृद्धि के पक्ष में नहीं हैं।
वार्ड 13 की भाजपा पार्षद कल्पना तिवारी ने कहा कि वे संबंधित बैठक में उपस्थित नहीं थीं और दुकानदारों का किराया बढ़ाए जाने को लेकर उनकी सहमति नहीं है।
वार्ड 7 के पार्षद अनिल सेन ने कहा कि परिषद में प्रस्ताव तो था, लेकिन उनकी सहमति नहीं है। किराया नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
वार्ड 8 के पार्षद हरिराम पटेल ने कहा कि वे पीआईसी में नहीं हैं और किराया वृद्धि से सहमत नहीं हैं। उनके अनुसार किराया नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
वार्ड 2 के पार्षद फरीद खान ने कहा कि वे बैठक में नहीं पहुंच पाए थे, लेकिन दुकानों का किराया बढ़ाए जाने से वे सहमत नहीं हैं।
इस मामले में भाजपा मंडल अध्यक्ष संदीप खरे ने कहा कि वे नगर के दुकानदारों के साथ सदैव खड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे मुख्य नगर पालिका अधिकारी से चर्चा कर किराया वृद्धि नहीं किए जाने की बात रखेंगे।
दुकानदारों ने ज्ञापन में कहा है कि उनकी आपत्ति किराया देने को लेकर नहीं, बल्कि किराया बढ़ाने की प्रक्रिया को लेकर है। उनका कहना है कि अनुबंध में प्रत्येक 3 वर्ष में मूल निर्धारित किराये में 15 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है, इसलिए उसी व्यवस्था के तहत किराया निर्धारित किया जाना चाहिए।
दुकानदारों ने 1 अक्टूबर से प्रस्तावित 1500 और 1000 रुपये की नई दर पर रोक लगाने, किराया निर्धारण का आधार सार्वजनिक करने तथा परिषद संकल्प क्रमांक 12, दिनांक 21 जुलाई 2026 की कार्यवाही की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही किराया निर्धारण से संबंधित मूल्यांकन रिपोर्ट और अन्य अभिलेख भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
दुकानदारों का कहना है कि किराये के अतिरिक्त जीएसटी और अन्य देयताओं का आर्थिक भार भी उन पर है। ऐसे में किराये में प्रस्तावित वृद्धि से छोटे और मध्यम दुकानदारों के सामने अतिरिक्त आर्थिक दबाव पैदा होगा। दुकानदारों ने किराया निर्धारण करते समय दुकान का क्षेत्रफल, स्थान, व्यवसाय की प्रकृति और उनकी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखने की मांग की है।
मामले में नगर परिषद बकस्वाहा के सीएमओ अक्षय गर्ग का कहना है कि ज्ञापन प्राप्त हुआ है। मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।