पटना के मोकामा में सड़क ढही, सिमरिया का निषाद घाट जलमग्न: बाढ़ के खौफ में जी रहे कसहा दियारा के ग्रामीण
गंगा के बढ़ते जलस्तर और कटाव ने पटना और बेगूसराय के सीमावर्ती इलाकों में तबाही मचानी शुरू कर दी है। रविवार की रात पटना जिले के मोकामा प्रखंड अंतर्गत कसहा दियारा पंचायत की मुख्य सड़क अचानक दरक कर नदी में समा गई। इस मुख्य संपर्क मार्ग के ध्वस्त होने से पटना को बेगूसराय जिले से जोड़ने वाला यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। साथ ही, पंचायत का एक हिस्सा दूसरे हिस्से से कट गया है, जिससे हजारों ग्रामीणों का आपस में संपर्क टूट गया है और आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, गंगा के विकराल रूप के कारण बेगूसराय के प्रसिद्ध सिमरिया धाम का निषाद घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। घाट पर नाव चलाकर और छोटी-मोटी दुकानें लगाकर गुजर-बसर करने वाले सैकड़ों निषाद परिवारों की आजीविका पर गहरा संकट आ खड़ा हुआ है।
तटीय इलाकों में स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। स्थानीय निवासियों का दर्द और डर अब छलकने लगा है:
सैली देवी: "हर साल जलस्तर बढ़ते ही हमारे दिल की धड़कनें बढ़ जाती हैं। सड़क टूटने से हम बिल्कुल अलग-थलग पड़ गए हैं।"
दिवाकर निषाद: "घाट डूबने से काम-धंधा ठप हो गया है। अब समझ नहीं आ रहा कि परिवार का पालन-पोषण कैसे करें।"
भूजल निषाद: "यह हर साल की कहानी बन चुकी है। हम सभी ग्रामीण लगातार इस डर और भय के साए में जी रहे हैं कि कब नदी का पानी हमारे घरों में घुस जाएगा।"
कटान और बाढ़ की इस दोहरी मार से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष है। लोगों का कहना है कि हर साल कटावरोधी कार्य के नाम पर खानापूर्ति की जाती है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत कार्य शुरू करने और वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करने की मांग तेज हो गई है।
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Mokameh, Patna | Aug 24, 2026